सऊदी प्रिंस का बड़ा ऐलान, अगर ईरान के खिलाफ नहीं उठाया ये कदम तो आसमान छुएंगे तेल के दाम

सऊदी प्रिंस का बड़ा ऐलान, अगर ईरान के खिलाफ नहीं उठाया ये कदम तो आसमान छुएंगे तेल के दाम
तेल के दाम अकल्पनीय (Unimaginably High) रूप से बढ़ेंगे

प्रिंस सलमान (Crown Prince Mohammed bin Salman) ने कहा, 'अगर दुनिया ईरान ((Iran) को रोकने के लिए साथ नहीं आई तो तेल के दाम अकल्पनीय (Unimaginably High) रूप से बढ़ेंगे. ईरान की वजह से तेल की सप्लाई बाधित होगी और तेल के दाम इतने ऊपर पहुंच जाएंगे, जितने हमने अपने पूरे जीवन में नहीं देखे होंगे.'

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नई दिल्ली. सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको (Saudi Aramco) की दो रिफाइनरियों पर हाल ही में (14 September को ) ड्रोन और मिसाइल से हमला हुआ था. इस हमले की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली थी, लेकिन अमेरिका और सऊदी अरब दोनों ने इसके लिए ईरान (Iran) को जिम्मेदार ठहराया. इस अटैक के बाद सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Crown Prince Mohammed bin Salman) ने इस मुद्दे पर पहली बार कोई बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'अगर दुनिया ईरान को रोकने के लिए साथ नहीं आई तो तेल के दाम अकल्पनीय (Unimaginably High) रूप से बढ़ेंगे. ईरान की वजह से तेल की सप्लाई बाधित होगी और तेल के दाम इतने ऊपर पहुंच जाएंगे, जितने हमने अपने पूरे जीवन में नहीं देखे होंगे.'

प्रिंस सलमान ने कहा कि पूरी दुनिया को ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होना होगा, वरना इससे सभी के हितों को नुकसान पहुंचेगा. सऊदी अरब ने तेल संयंत्रों पर हमले के पीछे ईरान का हाथ बताने के लिए हथियारों की एक प्रदर्शनी भी रखी थी. इसमें दावा किया गया था कि इतने आधुनिक हथियार हूती विद्रोही चला ही नहीं सकते. हालांकि, ईरान लगातार हमले में हाथ होने से इनकार करता रहा है.

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'युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा'



अमेरिकी चैनल सीबीएस को दिए इंटरव्यू में प्रिंस सलमान ने कहा कि सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमला ईरान की तरफ से युद्ध की शुरुआत थी. इसके बावजूद वे ईरान के साथ विवाद का सैन्य नहीं बल्कि राजनीतिक हल चाहते हैं. क्योंकि युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. सलमान ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से मिलकर नई परमाणु संधि के बारे में बात करनी चाहिए. ताकि ईरान के प्रभाव को मध्यपूर्व में रोका जा सके. उनका कहना था कि पूरी दुनिया की तेल की सप्लाई का 30 फीसदी, विश्व व्यापार का 20 फीसदी और पूरी दुनिया की जीडीपी का 4 फीसदी योगदान मध्य-पूर्व के इलाक़े से ही आता है.

बचकाना हरकत थी सऊदी पर अटैक  
प्रिंस का कहना है कि ये बचकाना हरकत थी. इसका कोई रणनीतिक उद्देश्य नहीं था. कोई बेवकूफ़ ही होगा जो विश्व की तेल आपूर्ति के 5 फीसदी हिस्से पर हमला करेगा. इसका केवल एक ही उद्देश्य हो सकता है कि वो ये साबित करना चाहते थे कि वो बेवकूफ़ हैं और जो उन्होंने किया उससे यही साबित होता है.

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