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सऊदी की सरकारी कंपनी ने किया बड़ा कमाल! कुछ घंटों में ही हासिल किए 1.39 लाख करोड़ रुपये

News18Hindi
Updated: November 23, 2019, 2:23 PM IST
सऊदी की सरकारी कंपनी ने किया बड़ा कमाल! कुछ घंटों में ही हासिल किए 1.39 लाख करोड़ रुपये
दुनियाभर में सऊदी अरामको के IPO की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.

सऊदी अरब (Saudi Arab) की कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के आईपीओ में छोटे निवेशक जमकर पैसा लगा रहे है. सऊदी अरामको के आईपीओ (IP- Initial Public Offering) में करीब 14 अरब रियाल लगा चुके हैं. जबकि, संस्थागत निवेशकों द्वारा सब्सक्रिप्शन भी 54.4 अरब रियाल के पार जा चुका है.

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  • Last Updated: November 23, 2019, 2:23 PM IST
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रियाद. सऊदी अरब (Saudi Arab) की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने शुरुआती दौर में ही संस्थागत और रिटेल निवेशकों (Institutional and Retail Investors) से करीब 73 ​अरब रियाल (करीब 1.39 लाख करोड़ रुपये) आकर्षित करने में सफल रही है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सऊदी अरब की साम्बा वित्तीय ग्रुप (Samba Financial Group) के हवाले से ये जानकारी दी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक छोटे निवेशकों (Retail Investors) ने सऊदी अरामको के आईपीओ (IP- Initial Public Offering) में करीब 14 अरब रियाल लगा चुके हैं. जबकि, संस्थागत निवेशकों द्वारा सब्सक्रिप्शन भी 54.4 अरब रियाल के पार जा चुका है.

सबसे ज़्यादा कमाई और सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा-सऊदी अरामको का इतिहास साल 1933 से शुरू होता है जब सऊदी अरब और स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी ऑफ कैलिफॉर्निया (शेवरॉन) के बीच एक डील अटक गई.

ये डील तेल के कुओं की खोज और खुदाई के लिए नई कंपनी बनाने से सम्बन्धित थी. बाद में 1973-1980 के बीच सऊदी अरब ने ये पूरी कंपनी ही खरीद ली.एनर्जी इन्फ़ॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार सऊदी अरब में वेनेज़ुएला के बाद तेल का सबसे बड़ा भंडार है. तेल उत्पादन में भी अमेरिका के बाद सऊदी अरब दूसरे नंबर पर है.

तेल के मामले में सऊदी अरब बाकी देशों के मुकाबले प्राथमिकता इसलिए भी मिलती है क्योंकि पूरे देश में तेल पर इसका एकाधिकार है और यहां तेल निकालना अपेक्षाकृत सस्ता भी है.शीन्ड्रर इलेक्ट्रिक (एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी) में मार्केट स्टडीज़ के डायरेक्टर डेविड हंटर के मुताबिक़ अरामको निश्चित तौर पर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है.

अगर दुनिया की कुछ बड़ी कंपनियों से तुलना करें तो 2018 में ऐपल की कमाई 59.5 अरब डॉलर थी. इसके साथ ही अन्य तेल कंपनियां रॉयल डच शेल और एक्सोन मोबिल भी इस रेस में बहुत पीछे हैं. रोज़ 10 मिलियन बैरल के उत्पादन और 356,000 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है.

पहले 5 दिनों में ही जबरदस्त सब्सक्रिप्शन
साम्बा कैपिटल के वाइस चेयरमैन रानिया नशार के हवाले से लिखा गया है कि पहले पांच दिनों में रिटेल और संस्थागत द्वारा सब्सक्रिप्शन अभूतपूर्व रहा है. इससे पता चलता है कि सऊदी अरामको को लेकर निवेशकों में कितना भरोसा है. उनका कहना है बाकी बचे दिनों में सब्सक्रिप्शन में और इजाफा होगा.
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वा​स्तविक आंकड़े आने में समय
एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि संस्थागत निवेशकों का ट्रांच ओवरसब्सक्राइब्ड किया जा चुका है. हालांकि, शुरुआती में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है. आंकड़ों में इस अंतर की वजह दिन के अंत में बैंकों द्वारा जारी किए आंकड़े और तकनीकी या अन्य कारणों की वजह से है.

कंपनी ने वैल्यूएशन 1710 अरब डॉलर आंका
बता दें कि सऊदी अरब ने रविवार को अपनी दिग्गज पेट्रोलियम कंपनी अरामको का मूल्य 1710 अरब डॉलर तक आंका था. माना जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है. हालांकि, प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के शुरूआती 2,000 अरब डॉलर के लक्ष्य से कंपनी का यह मूल्यांकन कम रहा है.

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अरामको ने कहा कि वह आईपीओ के तहत कंपनी की 1.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. यह 24 से 25.6 अरब डॉलर तक हो सकती है. शुरू में सऊदी अरब की कंपनी की 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना थी.

(भाषा इनपुट के साथ)

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First published: November 23, 2019, 11:40 AM IST
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