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आपके पास भी है दुनिया के सबसे बड़े IPO से मोटी कमाई करने का मौका, ये है तरीका

News18Hindi
Updated: November 24, 2019, 1:58 PM IST
आपके पास भी है दुनिया के सबसे बड़े IPO से मोटी कमाई करने का मौका, ये है तरीका
सऊदी अरामको के IPO में भारतीय निवेशक भी निवेश कर सकते हैं.

सऊदी अरब (saudi Arab) की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco IPO) के IPO में भारतीय निवेशक (Indian Investors) भी निवेश कर सकते हैं. कंपनी का IPO सब्सक्रिप्शन घरेलू निवेशकों के लिए 28 नवंबर तक और संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) 4 दिसंबर तक निवेश कर सकते हैं.

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  • Last Updated: November 24, 2019, 1:58 PM IST
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नई दिल्ली. कमाई के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी और सऊदी अरब (Saudi Arab) की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) का IPO बीते 17 नवंबर को स​ब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है. घरेलू निवेशकों (Institutional Investors) के लिए यह ऑफर 28 नवंबर तक रहेगा. वहीं, संस्थागत निवेशकों के लिए यह ऑफर 4 दिसंबर तक के लिए होगा.

सऊदी अरब की यह बड़ी कंपनी IPO के जरिए अपनी 1.5 फीसदी की हिस्सेदारी यानी 3 अरब शेयर्स बेचेगी. कंपनी ने इस IPO के जरिए 96 अरब रियल रखा है. साथ ही इस कंपनी का कुल मार्केट वैल्यू 1.6 से 1.7 ट्रिलियन डॉलर के करीब रह जाएगा. शुरुआती दौर में अनुमान लगाया जा रहा है कि सऊदी अरामको का यह IPO अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है.

बन सकता है दुनिया का सबसे बड़ा IPO
अरामको को उम्मीद है कि सबसे बड़े IPO के मामले में वह चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ग्रुप (Alibaba Group) के IPO को पीछे छोड़ सकती है. साल 2014 में न्यू यॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (New York Stock Exchange) पर अलीबाबा ने IPO के जरिए 25 अरब डॉलर जुटाए थे.

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सऊदी अरब की इस सरकारी कंपनी ने 17 नंवबर को 30 से 32 रियल का प्राइस रेंज तय किया था. हालांकि, इसके लिए प्राइस स​​ब्सक्रिप्शन की अंतिम तारीख यानी 4 दिसंबर के एक दिन बाद यानी 5 दिसंबर को तय की जाएगी. कंपनी ने अमेरिका, कनाडा, जापान और ऑस्ट्रेलिया में कोई ऑफर नहीं लेकर आई है.
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आइए जानते हैं कि आखिर भारतीय निवेशक अरामको के आईपीओ में कैसे निवेश कर सकते हैं.

1. निवेशक सरकार की ​रेमिटेन्स स्कीम यानी LRS का लाभ ले सकते हैं. इसमें घरेलू निवेशकों 2.50 लाख डॉलर प्रति साल तक दूसरे देशों में निवेश कर सकते हैं. इस फंड की रकम को विशेष करंट काउंट या कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें विदेशों में इक्विटी और डेट में निवेश (Equity and Debt Investment) करने का विकल्प होता है.

2. भारतीय निवेशक चाहें तो प्रोफेशनल वेल्थ मैनेजर्स (Professional Wealth Managers) के जरिए भी अरामको में निवेश कर सकते हैं. एडेलवाइज, इन्वेस्को म्यूचुअल फंड, डीएसपी, फ्रैंकलीन टेंप्लेटन इनमें से कुछ एक हैं. ये प्रोफेशनल वेल्थ मैनेजर्स भारतीय निवेशकों को वैश्विक इक्विटी बाजार (Global Equity Market) में निवेश करने में मदद कर सकते हैं. भारतीय निवेशक ऐसे स्टॉक ब्रोकर्स से भी संपर्क कर सकते हैं, जिनके पास भारत और सऊदी अरब में निवेश करने का लाइसेंस हो.

3. अगर भारतीय निवेशक सऊदी अरब में निवेश करना चाहते हैं तो उनके पास तीसरा विकल्प है कि वो अंतर्राष्ट्रीय म्यूचुअल फंड के जरिए अप्रत्यक्ष तौर पर निवेश कर सकते हैं. यह म्यूचुअल फंड हाउस सऊदी अरामकों में निवेश कर सकती है. अंतर्राष्ट्रीय म्यूचुअल फंड में निवेश से सऊदी अरामको के आईपीओ और फिर बाद में शेयर्स में भी निवेश करने का रास्ता खुल सकता है.

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First published: November 24, 2019, 1:26 PM IST
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