कच्चे तेल की कीमतों में 28 साल की सबसे बड़ी तेजी! भारत में 7 रुपये तक महंगा हो सकता है पेट्रोल

कच्चे तेल की कीमतों में 28 साल की सबसे बड़ी तेजी! भारत में 7 रुपये तक महंगा हो सकता है पेट्रोल
रायपुर में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है. देखिए आज का रेट. (Demo Pic)

दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक (Oil Producer) कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) पर ड्रोन हमले (Drone Attack) के बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में 28 साल का सबसे बड़ा उछाल आया.

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  • Last Updated: September 16, 2019, 12:33 PM IST
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रियाद. दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक (Oil Producer) कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) पर ड्रोन हमले (Drone Attack) के बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में 28 साल का सबसे बड़ा उछाल आया. सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 20 फीसदी की तेजी आई. 14 जनवरी, 1991 के बाद इंट्रा-डे (एक दिन में) में यह सबसे बड़ा उछाल है. कच्चा तेल महंगा होने से भारत पर बड़ा असर होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे देश में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है. अगले 15 दिन में पेट्रोल के दाम 5-7 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते है. लिहाजा महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है.

आपको बता दें कि शनिवार को हूथी विद्रोही संगठन ने सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के अबकैक और खुराइस में स्थित तेल कुओं पर ड्रोन अटैक किए थे. इसके बाद से सऊदी अरब की तेल कंपनी ने उत्पादन लगभग आधा कर दिया है. सऊदी तेल कंपनी अरामको ने कहा कि वह अगले करीब दो दिनों तक उत्पादन को कम रखेगी ताकि उन तेल कुओं की मरम्मत की जा सके, जहां हमला हुआ है.

एक दिन में ही 20 फीसदी तक महंगा हुआ कच्चा तेल-ऑयल प्राइस डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 19.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 71.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 28 साल में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है.



सऊदी अरब दुनिया का सबसे ज्यादा तेल एक्पोर्टर है और सरकारी तेल प्रोड्यूसर सऊदी अरामको पर हमले के चलते कंपनी ने आपूर्ति में 57 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती की है, जो वैश्विक आपूर्ति का 6 फीसदी है.
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भारत में 7 रुपये तक महंगा हो सकता है पेट्रोल
केडिया कमोडिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर, अजय केडिया ने न्यूज18 हिन्दी को बताया कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारत पर पड़ेगा. भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए सऊदी अरब महत्वपूर्ण सोर्स है. भारत के लिए सऊदी अरब कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है. ऐसे में इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारत पर भी पड़ेगा.

उन्होंने कहा सितंबर महीने में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. कच्चा तेल महंगा होने का असर रुपये पर भी पड़ेगा और रुपये में 5 से 8 फीसदी तक कमजोरी आ सकती है. महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपये से अगले 10 दिनों में देश पेट्रोल की कीमतों में 7 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है.

राजकोषीय घाटे पर पड़ेगा असर
कीमतों में तेजी से भारत के तेल आयात​ बिल के साथ-साथ राजकोषीय घाटे पर भी बुरा असर पड़ने वाला है. कच्चे तेल की कीमतों में प्रति डॉलर के इजाफे से सालाना आधार पर भारत के आयात बिल पर असर पड़ेगा. वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात पर करीब 111.9 अरब डॉलर खर्च किया था.

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