LTA से भी बचा सकते हैं इनकम टैक्‍स! बिना यात्रा किए क्‍लेम करने की छूट दे सकती है केंद्र सरकार

LTA से भी बचा सकते हैं इनकम टैक्‍स! बिना यात्रा किए क्‍लेम करने की छूट दे सकती है केंद्र सरकार
वेतनभोगी कर्मचारी देश में कहीं भी यात्रा पर जाने में हुए खर्च के लिए किए जाने वाले एलटीए क्‍लेम से भी इनकम टैक्‍स बचत कर सकते हैं.

लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA) कर्मचारी की कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) का हिस्सा होता है. इनकम टैक्स एक्‍ट (IT Act) की धारा-10(5) के तहत वेतनभोगी कर्मचारी देश में कहीं भी यात्रा करने पर होने वाले खर्च के लिए टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. वहीं, कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र बिना किसी यात्रा पर गए ही एलटीए क्‍लेम की छूट देने की तैयारी कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2020, 9:36 AM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट की वजह से आर्थिक गत‍िविधियां ठप होने के कारण ज्‍यादातर कंपनियां या तो छंटनी (Layoffs) कर रही हैं या वेतन में कटौती (Pay Cut) कर रही हैं. वहीं, वर्क फ्रॉम होम (WFH) के कारण लोगों को ज्‍यादा इनकम टैक्‍स (Income Tax) भी देना पड़ेगा. लोगों को नौकरी जाने के डर के साथ ही घटती आय को लेकर चिंता सता रही है. ऐसे में अगर आप वेतनभोगी कर्मचारी (Salaried Worker) हैं तो हम आपको एक ऐसे अलाउंस की मदद से इनकम टैक्‍स बचत करने के बारे में बता रहे हैं, जिस पर ज्‍यादातर लोग ध्‍यान नहीं देते हैं. अगर आपको लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA) मिलता है तो आप इस पर इनकम टैक्‍स छूट (Income Tax Rebate) का दावा कर सकते हैं.

कहीं भी यात्रा करने के दौरान होने वाले खर्च पर मिलती है टैक्‍स छूट
लीव ट्रैवल अलाउंस कर्मचारी की कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) का हिस्सा होता है. इनकम टैक्स एक्‍ट (IT Act) की धारा-10(5) के तहत वेतनभोगी कर्मचारी देश में कहीं भी यात्रा करने पर होने वाले खर्च (Travelling Expenses) के लिए टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. टैक्स छूट का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को अपनी यात्रा के सबूत (Proofs) देने होते हैं. कर्मचारी खुद या परिवार के साथ देश में कहीं भी यात्रा करने पर मिलने वाले एलटीए पर इनकम टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. इसमें हवाई जहाज, ट्रेन, बस का किराया और होटल का खर्च शामिल होता है.

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दो साल के ब्‍लॉक में एक बार एलटीए होता है टैक्‍स फ्री इनकम


इनकम टैक्‍स में छूट के लिए कर्मचारी अपनी कंपनी से न्‍यूजपेपर और लीव ट्रैवल अलाउंस जैसे टैक्‍स-फ्री पर्क्‍स (Tax Free Perks) के साथ अपने वेतन में मिलने वाले टैक्‍सेबल (Taxable) मेडिकल व ट्रांसपोर्ट अलाउंस को बदलने के लिए कह सकते हैं. बता दें कि अगर दो साल के ब्लॉक में एक बार क्‍लेम किया जाए तो एलटीए टैक्‍स फ्री होता है. इसे आसान तरीके से समझते हैं. मान लीजिए किसी व्‍यक्ति की सीटीसी 10-11 लाख रुपये सालाना है. उसकी बेसिक सैलरी (Basic Salary) करीब 5 लाख रुपये, एचआरए (HRA) करीब 2.5 लाख, स्‍पेशल अलाउंस (Special Allowances) करीब 2.25 लाख रुपये है.

सीटीसी में शामिल टैक्‍सेबल पर्क्‍स को खत्‍म कराने से बचेगा टैक्‍स
टैक्‍सपेयर को सैलरी में ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) के तौर पर 9,500 रुपये और 8 हजार रुपये मेडिकल अलाउंस (Medical Allowances) मिलता है. इसके अलावा टेलीफोन अलाउंस के लिए 6 हजार, फ्यूल रिम्‍बर्समेंट 8 हजार और मील कूपन के तौर पर 11 हजार रुपये मिलते हैं. वहीं, न्‍यूजपेपर और एलटीए के तौर पर कुछ नहीं मिलता है. ईपीएफ (EPF) में कंपनी का सहयोग करीब 70 हजार रुपये है और एनपीएस (NPS) में कोई सहयोग राशि नहीं जाती है. अब इनकम टैक्‍स बचत के लिए कर्मचारी को कंपनी से अपने ट्रांसपोर्ट अलाउंस व मेडिकल अलाउंस को खत्‍म कराना होगा. इन दोनों पर्क्‍स को अब टैक्‍सेबल इनकम में शामिल कर दिया गया है.

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कंपनी से टैक्‍स-फ्री पर्क्‍स को CTC में शामिल कराएं कर्मचारी
कर्मचारी को स्‍पेशल अलाउंस को घटाकर आधे से थोड़ा ज्‍यादा रखवाना होगा. ये भी टैक्‍सेबल इनकम में आता है. वहीं, टेलीफोन अलाउंस को बढ़ाकर दोगुना, न्‍यूजपेपर अलाउंस के तौर पर 3,000 रुपये और एलटीए में 40 हजार रुपये रखवाने होंगे. ये पर्क्‍स टैक्‍स-फ्री इनकम में आते हैं. साथ ही एनपीएस में सहयोग राशि करीब 50 हजार रुपये करवानी होगी. इससे कर्मचारी को आयकर कानून की धारा-80CCD(2) के तहत टैक्‍स में छूट मिलेगी. ब्‍याज से होने वाली आय को डेट फंड (Debt Fund) में डालने पर भी टैक्‍स में छूट मिलेगी. अगर कोई कर्मचारी इन सभी उपायों का इस्‍तेमाल करता है तो एक साल में करीब 28,000 रुपये इनकम टैक्‍स बचा सकता है.

कहीं जाए बिना कर्मचारी ऐसे कर पाएंगे एलटीए के लिए क्‍लेम
एलटीए का दावा करने के लिए अब तक कर्मचारियों को काफी माथापच्‍ची करनी पड़ती थी. उन्‍हें यात्रा के सभी बिल, होटल बिल और टिकट इकट्ठे करने पड़ते थे ताकि क्‍लेम के समय सबूत के तौर पर उन्‍हें पेश किया जा सके. कोरोना संक्रमण के चलते मांग में कमी दर्ज की गई है. सरकार मांग बढ़ाने के लिए एक और राहत पैकेज पर विचार कर रही है. माना जा रहा है कि कुछ समय के लिए टैक्स की दरों में राहत भी दी जा सकती है. वहीं, एलटीए को लेकर भी सरकार खास योजना बना रही है. इसके तहत एलटीए को सामान खरीदने के लिए टैक्स फ्री कूपन (Tax free coupon) के तौर पर इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा सकती है. आसान शब्‍दों में समझें तो अगर आप यात्रा नहीं कर रहे हैं और सिर्फ शॉपिंग का कूपन जमा करते हैं तो उसे यात्रा भत्ते में माना जाएगा यानी कहीं जाए बिना आप एलटीए के लिए दावा कर सकते हैं.
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