लगातार घट रही है ब्याज दरें, इस नए जमाने की एफडी से पाए बड़ा मुनाफा

इन खाताधारकों के जनधन खाते में 10 जून तक आएगें 500 रु, पैसे निकलने के नियम

इन खाताधारकों के जनधन खाते में 10 जून तक आएगें 500 रु, पैसे निकलने के नियम

अपने सेविंग बैंक अकाउंट (Saving Account) में सरप्लस फंड को स्वीप-इन डिपॉजिट में जमा कर आप अधिक ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही, इसकी मदद से आप अपने लिए एक पूंजी भी तैयार कर सकते हैं जो आपके इमरजेंसी के समय काम आ सके.

  • Share this:
ई दिल्ली. प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने बचत जमा खातों पर ब्याज दरों में  0.50 फीसदी कटौती की है. 1 लाख रुपए से अधिक बैलेंस वाले खाते पर पर ब्याज 4 फीसदी मिलेगा, जो पहले 4.50 फीसदी सालाना था, जबकि 1 लाख रुपए से कम बैलेंस पर ब्याज दर 3.75 से घटकर 3.5 फीसदी कर दिया गया है. बैंक हाल ही में मार्च तक 1 लाख रुपए के बैलेंस पर 6% की पेशकश कर रहा था. पिछले दो महीने में अन्य बैंकों ने भी ब्याज दरों में कटौती दी है. अप्रैल में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सभी बचत योजनाओं की दरों कटौती कर 2.75 फीसदी कर दी.



भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत दरों में कटौती के बाद बैंकों ने बचत खातों पर ब्याज दर के साथ ही फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में भी कटौती की है. बचत खातों पर ब्याज दर घटने की वजह से जमाकर्ताओं को कुछ पैसे स्वीप-इन फिक्स्ड डिपॉजिट (Sweep-in fixed deposits) में जमा करने पर विचार करना चाहिए.



ये भी पढ़ें- मोदी सरकार दे रही एक लाख जीतने का मौका, आरोग्य सेतु ऐप पर करना होगा ये काम





क्या है स्वीप-इन-डिपॉजिट?
स्वीप-इन सुविधा की मदद से बैंक आपके द्वारा तय किए रकम को आपके सेविंग अकाउंट (Saving Account) से स्वीप-इन-डिपॉजिट में ट्रांसफर कर देता है. इस स्वीप-इन-डिपॉजिट की अवधि 1 साल से लेकर 5 साल के लिए होती है. अवधि के आधार पर इस डिपॉजिट पर ब्याज दर भी तय किया जाता है. मोटे तौर पर इस डिपॉजिट में रखें पैसे पर आपको अधिक ब्याज मिलता है. स्वीप-इन एफडी से सेविंग एकाउंट की लिक्विडिटी भी बनी रहती है यानी आप अपनी जरूरत के हिसाब से कभी भी पैसे निकाल सकते हैं



क्या है इसका फायदा?

इस डिपॉजिट पर न सिर्फ ज्यादा ब्याज मिलता है बल्कि एक फायदा यह भी है कि इस सुविधा की मदद से आप अपने लिए एक बड़ी पूंजी भी तैयार कर सकते हैं जोकि किसी वित्तीय इमरजेंसी में आपके काम आ सकता है. छोटी मोटी जरूरतों के लिए आपको अपने रेग्युलर इन्वेस्टमेंट या FD की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. अगर आप समय से पहले इस रकम की निकासी करते हैं तो आपको कोई फाइन भी नहीं देना पड़ेगा.



ये भी पढ़ें- एफडी कराने वालों के लिए जरूरी है 30 जून तक ये फॉर्म जमा करना, वरना होगा नुकसान
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज