खुशखबरी! SBI ने बदला नियम, अब किसी भी ब्रांच में जमा करें ये फॉर्म

SBI ग्राहकों के लिए खुशखबरी! बैंक ने बदला नियम, अब ये फॉर्म किसी भी ब्रांच में करें जमा
SBI ग्राहकों के लिए खुशखबरी! बैंक ने बदला नियम, अब ये फॉर्म किसी भी ब्रांच में करें जमा

अब कोई भी ग्राहक फॉर्म 15G/15H होम ब्रांच के अलावा किसी भी ब्रांच में जमा कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2018, 5:37 PM IST
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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए बड़ी सुविधा का ऐलान किया है. अब कोई भी ग्राहक फॉर्म 15G/15H होम ब्रांच के अलावा किसी भी ब्रांच में जमा कर सकते हैं. बता दें कि बैंक में एफडी करने पर ब्याज पर टैक्स यानी TDS (Tax Deducted at Source) काटता है. TDS की कटौती तभी होती है जब एफडी और सेविंग बैंक अकाउंट से सालाना 10,000 रुपये तक का ब्याज मिलता है.

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क्या है नियम- बजट 2018 के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अब तक 10,000 रुपये की सीमा को बढ़ाकर 50,000 कर दिया गया है, हालांकि, 60 साल से कम व्यक्तिगत करदाताओं के लिए यह सीमा एक समान है. (ये भी पढ़ें-सरकार का एक और तोहफा: ग्रेच्युटी पर मिलेगा ज्यादा मुनाफा, ब्याज दरें बढ़ी)



SBI के ग्राहक इसे ऑनलाइन भी जमा कर सकते है. साथ ही, किसी भी ब्रांच में जाकर ये फॉर्म भरकर दिया जा सकता है.



फॉर्म 15G और फॉर्म 15H क्या है - टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि फार्म 15G और फॉर्म 15H एक फार्म है जो आप अपने बैंक में जमा कर सकते हैं यह सुनिश्चित करने के लिए कि अगर आपके द्वारा अर्जित कुल आय पर कोई कर दायित्व नहीं है तो टीडीएस आपकी आय से कटौती नहीं की जाती है. यह फॉर्म हरेक साल जमा किए जा सकते हैं. इसलिए, हर साल आपको यह जांचना है कि आप इन फॉर्म को भरने के लिए पात्र हैं या नहीं, अर्थात किसी भी वर्ष अगर आपकी आय कर के लिए लायक है, तो आप पात्र नहीं हैं. (ये भी पढ़ें-अगर आपको भी पसंद है फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तो जरूर करें ये 4 काम

जेल की सजा का प्रावधान- फॉर्म 15G में गलत डिक्लेयरेशन पर इनकम टैक्स ऐक्ट की धारा 277 के तहत पेनल्टी लग सकती है. टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि इस फॉर्म में गलत जानकारी देने पर तीन महीने से लेकर दो साल तक की कैद की सजा हो सकती है. जुर्माना अलग से लगेगा. अगर 25 लाख से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला हो तो सात साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है.
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