रिपोर्ट का दावा- अगले 6 महीने तक इस वजह से बढ़ती रहेंगी सोने की कीमतें

रिपोर्ट का दावा- अगले 6 महीने तक इस वजह से बढ़ती रहेंगी सोने की कीमतें
निकट भविष्य में कम नहीं होंगे सोने के दाम

SBI समूह की मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा चालू वित्त वर्ष के आखिरी 6 माह में सोने के दाम (Gold Prices) लगातार चढ़ते रहेंगे. आने वाले समय में इसकी उम्मीद कम ही लगती है कि सोने के दाम नीचे आएंगे.

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हैदराबाद. अगर आप सोना (Gold) खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि देश में निकट भविष्य में सोने के दाम (Gold Prices) नीचे आने की उम्मीद नहीं दिखाई देती है. हालांकि, वाहन उद्योग की संभावनाएं उद्योग के लिये किये जाने वाले सुधारात्मक उपायों पर निर्भर करती है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समूह की मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor) सोमैया कांति घोष ने यह कहा.

घोष ने यहां ‘इंस्टीट्यूट फार एडवांस स्टडीज इन कम्पलैक्स च्वाइसेज (IASCC) के कार्यक्रम में कहा वित्तीय और कंपनी क्षेत्र आज अपनी साख और उतार-चढ़ाव से जूझने की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है.

अगले 6 महीने चढ़ेगा सोने का भाव
वैश्विक पटल की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि हार्मुज जलडमरू, कोरियाई द्वीप और ताइवान में सैन्य टकराव की आशंका वैश्विक अर्थव्यवस्था और खासतौर से भारत के लिये किसी भी तरह सकारात्मक नहीं हो सकती है. इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा कि चालू वित्त वर्ष के आखिरी छह माह में सोने के दाम लगातार चढ़ते रहेंगे. आने वाले समय में इसकी उम्मीद कम ही लगती है कि सोने के दाम नीचे आएंगे. इस साल धनतेरस पर सोने का दाम 39,000 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया जबकि एक साल पहले इस दिन यह 32,690 रुपये प्रति दस ग्राम पर था.



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जियोपॉलिटिकल टेंशन का कमोडिटी बाजार पर पड़ा असर
घोष ने कहा कि कई देशों में गृहकलह के चलते पड़ोसी देशों में शरणार्थियों का दबाव बढ़ रहा है. इसके साथ ही भूराजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) भी बढ़ रहा है जिसका कमोडिटी बाजारों पर प्रभाव पड़ रहा है.

घरेलू अर्थव्यवस्था बाहरी प्रभावों के असर से पूरी तरह सुरक्षित नहीं
एसबीआई सलाहकार ने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था बाहरी प्रभावों के असर से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. इसका वृद्धि में आ रही सुस्ती का प्रभाव देखा जा सकता है. उनके मुताबिक भारत सहित कई देशों में जून 2018 के मुकाबले जून 2019 में वृद्धि में 0.22 से लेकर 7.16 प्रतिशत तक गिरावट आई है.

उन्होंने कहा कि वाहनों की बिक्री में आई गिरावट आने वाली तिमाहियों में क्या हो सकता है इसका संकेत देती है. इसमें जब तक सुधार के उपाय नहीं होते हैं वृद्धि में नकारात्मक का रुझान दिखाई देता है. अब लोग 10 लाख रुपये से महंगी कारें खरीदने पर ध्यान दे रहे हैं. महिला कार खरीदारों की संख्या बढ़ रही है. इससे देश में महिला कर्मियों की संख्या बढ़ने का संकेत मिलता है.

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