SBI के 42 करोड़ ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! 1 अक्टूबर से इस तरह के लेनदेन पर देना होगा Tax

SBI के 42 करोड़ ग्राहकों के लिए जरूरी खबर!1 अक्टूबर से इस तरह के लेनदेन पर Tax
SBI के 42 करोड़ ग्राहकों के लिए जरूरी खबर!1 अक्टूबर से इस तरह के लेनदेन पर Tax

SBI ने एक टैक्स से जुड़ी एक जानकारी ट्वीट पर अपने ग्राहकों को शेयर की है. ये नियम विदेश पैसे भेजने पर टैक्‍स वसूलने से जुड़ा नया नियम बना दिया है. ये नियम 1 अक्‍टूबर 2020 से लागू हो जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 2:17 PM IST
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नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) ने एक टैक्स से जुड़ी एक जानकारी ट्वीट पर अपने ग्राहकों को शेयर की है. दरअसल केंद्र सरकार ने विदेश पैसे भेजने पर टैक्‍स वसूलने से जुड़ा नया नियम बना दिया है. ये नियम 1 अक्‍टूबर 2020 से लागू हो जाएगा. ऐसे में अगर आप विदेश में पढ़ रहे अपने बच्‍चे के पास पैसे भेजते हैं या किसी रिश्‍तेदार की आर्थिक मदद करते हैं तो रकम पर 5 फीसदी टैक्‍स कलेक्‍टेड एट सोर्स (TCS) का अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा. फाइनेंस एक्ट, 2020 (Finance Act 2020) के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लिबरलाइज्‍ड रेमिटेंस स्‍कीम (LRS) के तहत विदेश पैसे भेजने वाले व्‍यक्ति को टीसीएस देना होगा.

इन चीजों में दी गई है छूट
सरकार ने इस मामले में कुछ छूट दी है, जिसके तहत विदेश भेजे जाने वाले सभी पैसों पर यह टैक्स लागू नहीं होगा. अगर आप बच्‍चों की पढ़ाई के लिए 7,00,000 रुपये या इससे कम पैसे भेजते हैं तो टीसीएस नहीं लगेगा. एजुकेशन लोन 7,00,000 रुपये ज्‍यादा होने पर 0.5 फीसदी टीसीएस लगेगा. किसी टूर पैकेज के लिए विदेश भेजे जाने वाली रकम पर टीसीएस लागू नहीं होगा. बता दें कि किसी भी काम के लिए विदेश भेजी जाने वाली 7,00,000 रुपये या कम रकम पर टीसीएस लागू नहीं होगा यानी रकम इससे ज्‍यादा होने पर टीसीएस लागू होगा. हालांकि, टूर पैकेज के मामले में इससे ज्‍यादा की रकम को भी छूट के दायरे में रखा गया है.





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इसलिए बनाना पड़ा नियम
सरकार को ये नियम लाने की जरूरत पर केसीसी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन शरद कोहली ने बताया कि विदेश में कई तरह के भुगतान पर टीडीएस काटा जाता है. वहीं, गिफ्ट, इलाज, प्रॉपर्टी में निवेश, रिश्‍तेदार की मदद, हॉस्पिटल का भुगतान करने के लिए भेजे जाने वाला पैसा टीडीएस के तहत नहीं आता था. इन सभी को आरबीआई की एलआरएस के तहत टीडीएस से छूट मिली है. दरअसल, कोई भी भारतीय आरबीआई की एलआरएस के तहत 2.5 लाख डॉलर सालाना तक भेज सकता है. इस पैसे को टैक्‍स रडार में लाने के लिए टीसीएस लेने का नियम बनाया गया है. इसमें कई तरह की छूट का प्रावधान किया गया है. उनको छोड़कर बाकी सभी को 5 फीसदी टीसीएस देना होगा.
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