लाइव टीवी

SBI ने ग्राहकों को दिया झटका! अब बैंक की इस सर्विस के लिए हर महीने चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

News18Hindi
Updated: February 26, 2020, 10:54 AM IST
SBI ने ग्राहकों को दिया झटका! अब बैंक की इस सर्विस के लिए हर महीने चुकाने होंगे ज्यादा पैसे
31 मार्च से देना होगा लॉकर का अधिक किराया

SBI Locker: देश के सबसे बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने देशभर में अपने सुरक्षित जमा लॉकर (Safe Deposit Lockers) का किराया बढ़ा दिया है. नया किराया 31 मार्च, 2020 से लागू होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2020, 10:54 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश के सबसे बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने देशभर में अपने सुरक्षित जमा लॉकर (Safe Deposit Lockers) का किराया बढ़ा दिया है. नया किराया 31 मार्च, 2020 से लागू होगा. इस बढ़ोतरी के बाद एसबीआई लॉकर का सालाना शुल्क कम से कम 500 रुपये तक बढ़ जाएगा. SBI के छोटे लॉकर किराये के चार्ज में 500 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक इजाफा किया गया है, जबकि एक्स्ट्रा लार्ज लॉकर का सालाना किराया 9,000 से बढ़कर 12,000 हो गया है.

बैंक में लॉकर खोलने के नियम क्या है?- RBI नोटिफिकेशन के मुताबिक, कोई भी किसी भी बैंक में बगैर खाते के भी लॉकर खोल सकता है, लेकिन लॉकर के किराए और चार्जेस के सिक्‍योरिटी डिपॉजिट का हवाला देते हुए बैंक बिना खाता लॉकर खोलने में आना-कानी करते हैं. यही नहीं कुछ बैंक आप पर बड़ी रकम के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के लिए भी दबाव बनाते हैं. इसलिए अच्छा होगा कि आप उसी बैंक में लॉकर लें, जहां सेविंग्‍स अकाउंट है.

ये भी पढ़ें: किसानों के लिए बड़ी खबर! 20 हजार बैंक शाखाओं में एक साथ जारी किए जाएंगे किसान क्रेडिट कार्ड

SBI का मीडियम साइज लॉकर अब 1,000 4,000 तक महंगा हो जाएगा जबकि बड़े लॉकर का किराया 2,000 से 8,000 रुपये तक होगा. ये नए रेट केवल मेट्रो शहरों और शहरी क्षेत्रों में लागू होगा और इसमें GST शामिल नहीं है. एसबीआई ब्रांच छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में सस्ती लॉकर सेवाएं प्रदान करती हैं जहां कीमतें 1,500 रुपये से शुरू होती हैं और 9,000 तक जाती हैं.



लॉकर को इस्तेमाल करने का तरीका क्या है?- हर लॉकर की दो चाबी होती है. एक चाबी ग्राहक के पास होती है. दूसरी चाबी बैंक के पास होती है. दोनों चाबियां लगने के बाद ही लॉकर खुलता है. इसका मतलब यह है कि ग्राहक जब भी लॉकर ऑपरेट करना चाहेगा, उसे इसकी जानकारी ब्रांच (बैंक) को देनी होगी. एक साथ दो चाबियों के इस्तेमाल के पीछे सुरक्षा सबसे बड़ी वजह है. अगर आपके लॉकर की चाबी किसी दूसरे के हाथ लग जाए तो वह इसे नहीं खोल पाएगा. साल में आप कितनी बार लॉकर आपरेट करेंगे, इसकी भी सीमा तय है. यह सीमा बैंक के हिसाब से अलग-अलग है. ज्वाइंट नाम से लॉकर खोलना फायदेमंद है. इससे जिन दो लोगों के नाम से लॉकर खुला है, उनमें से कोई एक इसे ऑपरेट कर सकता है.

ये भी पढ़ें:बिज़नेस शुरू करना हुआ अब आसान और सस्ता, सरकार ने उठाया ये खास कदम

लॉकर में रखी चीजों के नुकसान पर कितना मुआवजा- लॉकर में रखी चीजों के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है. भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा, आतंकी हमला या चोरी होने पर बैंक आसानी से मुआवजा देने से इनकार कर देते हैं. उनकी दलील यह होती है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं होती कि लॉकर में क्या-क्या रखा गया है. इसलिए लॉकर में रखी आपकी कीमती चीजें भी 100 फीसदी सुरक्षित नहीं हैं.

ये भी पढ़ें: 6.3 करोड़ EPF खाताधारकों को तोहफा! इस शर्त पर मिलेगी ज्यादा पेंशन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 25, 2020, 2:48 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर