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SBI-BOB ने ग्रामीण ग्राहकों को दिए झटके! माइक्रो-ATM से कैश निकालने के बदले ये नियम

News18Hindi
Updated: October 3, 2019, 6:47 PM IST
SBI-BOB ने ग्रामीण ग्राहकों को दिए झटके! माइक्रो-ATM से कैश निकालने के बदले ये नियम
माइक्रो-एटीएम से पैसे निकालने की सीमा तय

देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है.

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  • Last Updated: October 3, 2019, 6:47 PM IST
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नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. दरअसल SBI और BOB ने अपने बैंक के ग्राहकों को किसी दूसरे बैंक के माइक्रो-एटीएम (Micro-ATM) से कैश विड्रॉल (Cash Withdrawals) सीमित कर दिया है. इन दोनों बैंकों ने माइक्रो-एटीएम से कैश निकालने की संख्या घटा कर चार कर दी है.

इकोनॉमिक्स टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा नियमों बदलाव कर दूसरे बैंक के माइक्रो-एटीएम से हर महीने चार ट्रांजैक्शन करने की सुविधा दे रहा है, वहीं एसबीआई ने केवल एक ट्रांजैक्शन करने की सुविधा दी है. हालांकि जो एसबीआई ग्राहक सरकार की डीबीटी स्कीम के तहत नहीं आते हैं, वो हर महीने 5 ट्रांजेक्शन कर सकते हैं.



क्या है माइक्रो एटीएम?

माइक्रो एटीएम उन जगह पर काम करते हैं, जहां पर किसी भी बैंक का एटीएम नहीं होता है. माइक्रो एटीएम देखने में बिल्कुल उस स्वाइप मशीन की तरह लगता है, जिसका उपयोग करके आप दुकानों पर अपने कार्ड की मदद से ऑनलाइन भुगतान करते हैं. हालांकि, इसका काम स्वाइप मशीन से कहीं अधिक होता है. यह माइक्रो एटीएम जीपीआरएस इनेबल्ड होता है. इसका उपयोग एकदम उसी तरह से होता है, जैसे आप एक एटीएम का उपयोग करते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि एटीएम से पैसे निकालने के लिए आपको एटीएम के पास जाना पड़ता है, जबकि माइक्रोएटीएम खुद आपके पास आता है. बैंकिंग कॉरस्पान्डन्ट हैंडलिंग माइक्रो एटीएम लोकल एजेंट्स और दुकानदारों के पास होते हैं. माइक्रो-एटीएम में आधार नंबर के जरिए पैसा मिलता है.

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क्यों लिया फैसला?
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बैंकों ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि ग्राहक एक बार में बड़ी रकम निकालने के बजाए छोटी-छोटी रकम निकालते हैं. 10 हजार रुपये एक बार निकालने के बजाए 2 हजार रुपये के 5 ट्रांजैक्शन करते थे. इससे बैंकों को भी नुकसान होता है. दूसरे बैंक के माइक्रो-एटीएम का प्रयोग करने पर उस बैंक को 15 रुपये देने पड़ते थे.

बैंकों के इस कदम से आधार-एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) के जरिए ट्रांजैक्शन में भारी कमी आई है. रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में AePS ट्रांजैक्शन 9 फीसदी गिरकर 20.1 करोड़ से पर आ गया है. जुलाई में यह ट्रांजैक्शन 22 करोड़ था.

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First published: October 3, 2019, 6:33 PM IST
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