नहीं बढ़ेगा रजनीश कुमार का कार्यकाल, ये हो सकते हैं देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के अगले चेयरमैन

नहीं बढ़ेगा रजनीश कुमार का कार्यकाल, ये हो सकते हैं देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के अगले चेयरमैन
SBI के मौजूदा चेयरमैन रजनीश कुमार का कार्यकाल नहीं बढ़ेगा.

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मौजूदा चेयरमैन रजनीश कुमार का कार्याकाल नहीं बढ़ेगा. बैंक बोर्ड ब्यूरो (BBB) ने दिनेश कुमार खारा को अगला SBI चेयरमैन बनाने की सिफारिश की है. रिजर्व लिस्ट में सी एस शेट्टी का नाम है. रजनीश कुमार अक्टूबर 2017 से एसबीआई चेयरमैन हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 7:57 AM IST
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नई दिल्ली. बैंक बोर्ड ब्यूरो (BBB) ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अगले चेयरमैन के लिए दिनेश कुमार खारा (Dinesh Kumar Khara) के नाम की सिफारिश की है. बोर्ड ने यह भी बताया कि इस वैकेंसी के लिए सी एस शेट्टी (C S Shetty) रिजर्व लिस्ट में रहेंगे. बैंक बोर्ड ब्यूरो की इस सिफारिश के बाद यह भी साफ हो गया है कि मौजूदा चेयरमैन रजनीश कुमार (Rajnish Kumar) का कार्यकाल नहीं बढ़ेगा. दिनेश कुमार खारा और सी एस शेट्टी फिलहाल एसबीआई के प्रबंध निदेशक हैं.

मौजूदा चेयरमैन रजनीश कुमार का कार्यकाल 7 अक्टूबर को खत्म हो रहा है. कुमार को अक्टूबर 2017 में 3 साल के लिए नियुक्त किया गया था. हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के बीच उम्मीद की जा रही थी कि रजनीश कुमार का कार्यकाल कम से कम एक बार के लिए बढ़ सकता है.

दिनेश खारा देश के इस सबसे बड़े बैंक के GB & S विंग के प्रमुख हैं. वो बोर्ड स्तारीय पोस्ट पर हैं और एसबीआई के गैर-बैंकिंग ईकाईयों ​के बिजनेस को देखते हैं.



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कैबिनेट अप्वाइंटमेंट क​मेटी (ACC) ने इसके पहले अश्विनी भाटिया को एसबीआई का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया था. भाटिया के अलावा, अरिजीत बसु, सी एस शेट्टी और दिनेश खारा भारतीय स्टेट बैंक के तीन प्रबंध निदेशक हैं.

एसबीआई चेयरमैन को कितनी सैलरी मिलती है?
एसबीआई की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2019 में रजनीश कुमार को पारिश्रमिक के तौर पर 29,53,750 रुपये मिला है. देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक यानी HDFC Bank की बात करें तो इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी को फाइनेंशियल ईयर 2019 में 55 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला है. बता दें कि एसबीआई की तुलना में एचडीएफसी बैंक का कुल एसेट करीब तीन गुना कम है.



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प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंकर्स की सैलरी में बड़ा अंतर
देश के प्राइवेट और पब्लिक बैंकों के प्रमुखों की सैलरी में यह बड़ा अंतर एक लंबे समय से है. हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि सरकारी बैंक प्रमुखों को कई अन्य सहूलियतें भी मिलती हैं, जिसमें प्राइम लोकेशन पर आवास भी शामिल है. जबकि, प्राइवेट बैंक प्रमुखों को यह सुविधा नहीं मिलती. कई कमेटी और बैंक बोर्ड ब्यूरो ने भी पब्लिक सेक्टर बैंकों में परिश्रमिक संरचना में बदलाव की सलाह दी है. ​लेकिन, इसके बावजूद भी बीते कुछ सालों में यह अंतर बढ़ता ही गया है.
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