लाइव टीवी

लोन लेकर न लौटाने की बढ़ीं घटानाएं, इसलिए ब्याज दर ज्यादा- SBI चेयरमैन

भाषा
Updated: December 22, 2019, 9:51 AM IST
लोन लेकर न लौटाने की बढ़ीं घटानाएं, इसलिए ब्याज दर ज्यादा- SBI चेयरमैन
एक लिमिट से ज्यादा कम नहीं कर सकते ब्याज दर

SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, एक लिमिट से ज्यादा कम नहीं कर सकते ब्याज दर. देश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अभाव में कई ऐसे वरिष्ठ नागरिक हैं, जो कि जमा पूंजी से मिलने वाले ब्याज पर ही निर्भर हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि लोन सस्ता करने के लिए बैंकों को जमा खातों पर ब्याज (Interst Rate) कम करना होगा और बैंक जमा राशि पर एक सीमा से आगे जाकर ब्याज दरें कम नहीं कर सकते हैं. इसकी वजह यह है कि देश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (Social Securities Scheme) के अभाव में कई ऐसे वरिष्ठ नागरिक हैं, जो कि जमा पूंजी से मिलने वाले ब्याज पर ही निर्भर हैं.

रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट (Repo Rate) में कमी किए जाने के बाद भी बैंकों की ओर से लोन पर ब्याज दरें ज्यादा नहीं घटाने पर कुमार ने कहा कि जब रेपो रेट कम की जाती है तो हर कोई बैंकों में ब्याज दर घटाने की बात करने लगता है. लेकिन जब रेपो रेट ऊपर जाती है, तब कोई भी ब्याज दरें बढ़ाने पर कोई बात नहीं करता.

ये भी पढ़ें: Sunday Special: साल 2019 में PF नियमों में हुए ये बड़े बदलाव, जानें आपको क्या होगा फायदा?

फिक्की (FICCI) की 92वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए रजनीश कुमार ने कहा कि 5-6 साल पहले जब रेपो रेट बढ़ रही थी, तब बैंकों की तरफ से कर्ज लेने वालों के लिए ब्याज दर में उतनी वृद्धि नहीं की गई थी. उन्होंने कहा 2013 में रेपो रेट 10 प्रतिशत के आसपास थी, तब से लेकर रिजर्व बैंक की रेपो रेट और बैंकों की ब्याज दर पूरी तरह से एक दूसरे के साथ चल रहे हैं.

कर्ज लेकर न लौटाने की बढ़ीं घटनाएं, इसलिए रेट ज्यादा
कुमार ने कहा कि एक बात और है, वह यह कि देश में धन की लागत काफी ऊंची है क्योंकि लोन लेकर उसे समय पर नहीं लौटाने की घटनाएं हाल में बढ़ी हैं यानी लोनचुकाने में नाकामी की दर भी ऊंची है, इसकी वजह से लोनपर ब्याज दरें ऊंची होना लाजिमी है. उन्होंने कहा, इसके साथ ही हमने बार-बार कहा है कि भारत में बैंकिंग प्रणाली मुख्य तौर पर डिपॉजिटर्स पर निर्भर है.

ये भी पढ़ें: पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में हैं पैसे तो ऐसे कर सकते हैं निकासी, जानिए इससे जुड़े सभी नियम 

कम ब्याज पर लोन देंगे तो फिर जमा पर क्या देंगे?
उन्होंने कहा, आज हमारे बैंक की कुल जमा का 90 प्रतिशत हिस्सा छोटे जमा खाताधारकों का है. यदि मैं कम ब्याज पर ऋण दूंगा तो तय है कि जमाकर्ताओं को कम रिटर्न दूंगा और भारत जैसे देश में जहां वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी संख्या है और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की कमी के चलते जमा से मिलने वाला ब्याज ही उनकी आय का प्रमुख स्रोत है.

ये भी पढ़ें: इस बिजनेस को शुरू करने के लिए मोदी सरकार दे रही ₹2.50 लाख, हर महीने होगी मोटी कमाई!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 22, 2019, 9:50 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर