Home /News /business /

SBI की रिपोर्ट: देश की GDP कोरोना पूर्वस्‍तर से अब भी 3.2 लाख करोड़ रुपये है पीछे, FY22 में ग्रोथ रहेगी 9.5% से ऊपर

SBI की रिपोर्ट: देश की GDP कोरोना पूर्वस्‍तर से अब भी 3.2 लाख करोड़ रुपये है पीछे, FY22 में ग्रोथ रहेगी 9.5% से ऊपर

एसबीआई ने कहा कि इसके बाद देश की अर्थव्‍यवस्‍था तेजी से सुधार की ओर बढ़ी.

एसबीआई ने कहा कि इसके बाद देश की अर्थव्‍यवस्‍था तेजी से सुधार की ओर बढ़ी.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने राज्‍यों के बढ़ते कर्ज पर चिंता जताई है. आरबीआई का कहना है कि देश के सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) के मुकाबले कर्ज का अनुपात मार्च 2022 तक 31 फीसदी रहने का अनुमान है. यह वित्‍त वर्ष 2022-23 तक हासिल किए जाने वाले 20 फीसदी के लक्ष्‍य से चिंताजनक तौर पर अधिक है.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्‍ली. देश के सबसे बड़े कर्जदाता स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया की इकोरैप रिपोर्ट (SBI Ecowrap Report) में कहा कि दूसरी के बाद हुए तेज सुधार के बावजूद भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) कोरोना पूर्व स्‍तर से अब भी 3.2 लाख करोड़ रुपये पीछे है. पिछले साल अप्रैल-मई के दौरान देशभर में पूर्ण लॉकडाउन और जुलाई-सितंबर 2020 में आंशिक पाबंदियों के कारण वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में देश की अर्थव्‍यवस्‍था को 11.40 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी थी.

    एसबीआई ने कहा कि इसके बाद देश की अर्थव्‍यवस्‍था सुधार की ओर बढ़ी. इससे वित्‍त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही में 8.2 लाख करोड़ रुपये की भरपाई हुई. इस तरह सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) में इस नुकसान की भरपाई के लिए अब भी 3.2 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है. साथ ही एसबीआई ने कहा है कि चालू वित्‍त वर्ष के दौरान देश की जीडीपी की वृद्धि दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अनुमान से ज्‍यादा 9.5 फीसदी से ऊपर रहेगी.

    ये भी पढ़ें – Cryptocurrency के समर्थन में आए Infosys प्रमुख नंदन नीलेकणि, बताई यह वजह

    आरबीआई ने राज्‍यों के बढ़ते कर्ज पर जताई है चिंता
    रिजर्व बैंक ने राज्‍यों के बढ़ते कर्ज पर चिंता जताई है. आरबीआई का कहना है कि जीडीपी के मुकाबले कर्ज का अनुपात मार्च 2022 तक 31 फीसदी रहने का अनुमान है. यह वित्‍त वर्ष 2022-23 तक हासिल किए जाने वाले 20 फीसदी के लक्ष्‍य से चिंताजनक तौर पर अधिक है. वहीं, 15वें वित्‍त आयोग ने आशंका जताई है कि वित्‍त वर्ष 2022-23 में राज्‍यों का कर्ज 33.3 फीसदी के उच्‍चस्‍तर पर पहुंच जाएगा. धीरे-धीरे इसमें कमी आएगी और वित्‍त वर्ष 2025-26 तक यह 32.6 फीसदी पर आ जाएगा.

    ये भी पढ़ें – Gold Jewelry Update: मेकिंग चार्ज के नाम पर 10% महंगी हुई ज्वैलरी, इन तरीकों को अपनाएंगे तो सस्ते पड़ेंगे गहने

    देश की अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी से सुधार के मिल रहे हैं संकेत
    केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को चालू वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में जीडीपी (GDP) ग्रोथ के आंकड़े जारी किए गए. नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस यानी एनएसओ (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.4 फीसदी (India GDP) रही. पहली तिमाही में जीडीपी 20.1 फीसदी रही थी. अक्टूबर-2021 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 में रियल जीडीपी की ग्रोथ (Real GDP Growth) के अपने अनुमान को 9.5 फीसदी पर बरकरार रखा था. इसमें दूसरी तिमाही में 7.9 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.1 फीसदी ग्रोथ की बात कही गई थी.

    ये भी पढ़ें – DL-RC सहित RTO से जुड़े इन कामों की समय सीमा बढ़ी, जानें अब किस तारीख तक बनवा सकते हैं Learning License

    इंडिया रेटिंग्‍स-मूडीज ने भी 9% से ज्‍यादा का जताया अनुमान
    प्रमुख रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स (India Ratings) ने अनुमान लगाया है कि देश की अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर 2021 तिमाही में 8.3 फीसदी की दर से बढ़ेगी, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी (GDP) की ग्रोथ रेट 9.4 फीसदी रहेगी. वहीं, रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस (Moody’s) ने भारत में आर्थिक ग्रोथ में मजबूत रिकवरी होने का अनुमान लगाया है. रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 9.3 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है, जबकि वित्त वर्ष 2022-2023 (FY23) में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.9 फीसदी रहने की बात कही है.

    Tags: Economic growth, GDP growth, India GDP, Indian economy, Sbi, SBI Bank

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर