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SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! इस फॉर्म को भरकर FD पर मिले ब्‍याज पर बचा सकते हैं Income Tax

SBI ग्राहक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर मिले ब्‍याज पर लगने वाले इनकम टैक्‍स से खास फॉर्म भरकर छूट पा सकते हैं.

SBI ग्राहक फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर मिले ब्‍याज पर लगने वाले इनकम टैक्‍स से खास फॉर्म भरकर छूट पा सकते हैं.

अगर किसी SBI ग्राहक की सालाना आमदनी इनकम टैक्‍स (Income Tax) के दायरे सेे बाहर है और उसे फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (FD) में किए गए निवेश पर 10,000 रुपये से ज्‍यादा का ब्‍याज मिला है तो भी उसे टैक्‍स में छूट मिल सकती है. इसके लिए उसे फॉर्म-15जी (Form-15G) भरकर जमा करना होगा. वहीं, वरिष्‍ठ नागरिकों को फाॅर्म-15H भरना होगा.

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    नई दिल्‍ली. स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में अगर आपने फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) में निवेश किया है तो उस पर मिलने वाले मुनाफे (ब्‍याज से हुई आय) पर टीडीएस (TDS) काट लिया जाएगा. एसबीआई आपके मुनाफे (Profit) पर 10 फीसदी टैक्‍स काट लेगा. अब अगर आपकी सालाना आय कर के दायरे में नहीं (Non-Taxable Income) आती है तो आप एफडी के इस मुनाफे पर कटने वाले टैक्‍स को बचा सकते हैं. इसके लिए फॉर्म-15G और फॉर्म-15H (वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए) भरना होगा. बता दें कि सरकार ने ये फॉर्म भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2020 तक के लिए बढ़ा दी है.

    ब्‍याज 10,000 रुपये से ज्‍यादा होने पर कटेगा टीडीएस
    आपको फॉर्म-15G या 15H भरकर बैंक को बताना होगा कि आपकी सालाना आय इनकम टैक्‍स के दायरे में नहीं आती है. लिहाजा, आपकी एफडी के ब्‍याज से हुई आय पर टीडीएस ना काटा जाए. बता दें कि नई व्‍यवस्‍था के तहत 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्‍स नहीं वसूला जाएगा. ऐसे में अगर आपकी कर देनदारी शून्‍य है तो बैंक को फॉर्म-15G भरकर इसकी जानकारी जरूर दे दें. वहीं, एसबीआई एफडी और आरडी पर तभी टीडीएस काटता है, जब निवेश पर ब्‍याज 10,000 रुपये से ज्‍यादा हो जाता है. वहीं, वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए ये सीमा 50,000 रुपये तक की है.

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    एक साल के लिए होती है फॉर्म-15G/H की वैधता
    फॉर्म 15G का इस्तेमाल 60 साल से कम उम्र के भारतीय नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) या ट्रस्ट कर सकते हैं. इसी तरह फॉर्म-15H का इस्‍तेमाल 60 साल से ज्यादा की उम्र के भारतीय नागरिक कर सकते हैं. फॉर्म-15G या 15H की वैधता केवल एक साल के लिए होती है. इन्हें हर साल जमा करना जरूरी होता है. इस फॉर्म को जमा करने में देरी के कारण काटे गए अतिरिक्त टीडीएस का रिफंड इनकम टैक्स रिफंड फाइल कर ही लिया जा सकता है. यहां ये ध्‍यान रखना बेहद जरूरी है कि अगर आप अपना वैध पैन नंबर नहीं बता पाते हैं तो फॉर्म स्‍वीकार नहीं किया जाएगा.

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    घर बैठे-बैठे ऐसे भरा जा सकता है फॉर्म-15G/H
    फॉर्म-15G भरकर जमा करने के 3 विकल्‍प हैं. आप अपनी होम ब्रांच, नॉन-होम ब्रांच और एसबीआई इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल के जरिये फॉर्म-15G या 15H जमा कर सकते हैं. ग्राहक 'ई-सर्विसेज' पर क्लिक करें. अब फॉर्म-15G या 15H चुनें. इसके बाद Customer Information File (CIF) No पर क्लिक करें और सबमिट कर दें. Submit button पर क्लिक करने के बाद यह आपको एक पेज पर ले जाएगा, जिसमें कुछ पहले से भरी हुई जानकारी होगी. इसके बाद अन्य जानकारी भरें. ध्‍यान रखें कि ऑनलाइन सुविधा सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही उपलब्‍ध रहेगी.

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