घर में रखे सोने से करें कमाई, SBI की इस खास स्कीम के जरिए मिलता है मोटा ब्याज

अगर आपके पास घर पर सोने की ज्‍वेलरी या सोने के सिक्के रखें हैं तो अब आप इस ज्‍वेलरी और सिक्कों से कमाई कर सकते हैं. इस स्कीम के जरिए आप घर में रखे सोने को इस स्कीम में लगा सकते हैं. इससे आपको दो फायदा होंगे. पहला यह कि सोना चोरी होने का टेंशन खत्म हो जाएगी. दूसरा सोने के एवज में आपको ब्याज मिलेगा.

News18Hindi
Updated: August 13, 2019, 8:43 AM IST
घर में रखे सोने से करें कमाई, SBI की इस खास स्कीम के जरिए मिलता है मोटा ब्याज
घर में पड़े सोने से करें कमाई, जानें क्या है SBI की खास स्कीम
News18Hindi
Updated: August 13, 2019, 8:43 AM IST
अगर आपके पास घर पर सोने की ज्‍वेलरी या सोने के सिक्के रखें हैं तो अब आप इस ज्‍वेलरी और सिक्कों से कमाई कर सकते हैं. जी हां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) गोल्‍ड डिपॉजिट स्‍कीम (R-GDS) के तहत मोटे ब्याज के साथ कई फायदे देता है. SBI ज्‍वेलरी या सोने की शुद्धता के आधार पर आपको सोने का जमा प्रमाण पत्र देता है. वहीं, जब जमा की अवधि खत्‍म हो जाती है, तब 3, 4, 5 या 6 साल बाद आप उस सोने को या तो गोल्‍ड के रूप में या कैश के रूप में ब्‍याज के साथ उस समय के दाम के हिसाब से पैसा ले सकते हैं. इस स्कीम के जरिए आप घर में रखे सोने को इस स्कीम में लगा सकते हैं. इससे आपको दो फायदा होंगे. पहला यह कि सोना चोरी होने का टेंशन खत्म हो जाएगी. दूसरा सोने के एवज में आपको ब्याज मिलेगा.

आइए आपको बताते हैं इस स्कीम के बारे में


कौन कर सकता हैं इसमें निवेश

एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति इस स्कीम में शामिल हो सकता हैं. सिंगल, जाइंट अकाउंट भी खुलवाया जा सकता हैं. एचयूएफ, पार्टरशिप फर्म भी इसमें निवेश कर सकती हैं.

1000 रु से शुरू हुई Reliance, ऐसे बनी देश की सबसे बड़ी कंपनी

कम से कम कितना सोना जमा करना होगा
Loading...

इस स्कीम के तहत 30 ग्राम सोना जमा करना अनिवार्य है, ज्यादा की कोई लिमिट नहीं है.

स्कीम को बीच में तोड़ने पर पैनल्टी
एक साल के तय समय से पहले पैसा निकालने पर ब्याज दर पर पैनल्टी लगेगी. वहीं, मीडियम टर्म वाली अवधि में निवेशक 3 साल के बाद स्कीम से बाहर हो सकते हैं. लॉन्ग टर्म वाली स्कीम से 5 साल के बाद ही बाहर निकला जा सकता हैं. इन अवधी के बीच में पैसा निकाला तो पैनल्टी लगेगी.

किस शाखा में मिलेगा स्कीम का फायदा
SBI की दिल्ली में पीबीबी ब्रांच, SME ब्रांच चांदनी चौक, कोयम्बटूर ब्रांच, हैदराबाद की मेन ब्रांच, मुंबई की बुलियन ब्रांच में इसका फायदा उठाया जा सकता है.

कितने साल के लिए होता है जमा
इस स्कीम में 1-3 साल के लिए जमा किया जाता है. एसबीआई में इस स्कीम का नाम शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट (STBD) रखा हैं. वहीं, मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिए जमा अवधि 5-7 और 12-15 साल है.

किसान पेंशन स्कीम: जम्मू कश्मीर में नहीं लगेगा आधार कार्ड!

कितना मिलेगा ब्याज
STBD स्कीम में फिलहाल एक साल के लिए 0.50 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. दो साल के लिए 0.55 फीसदी और तीन साल के लिए 0.60 फीसदी है. वहीं, लॉन्ग टर्म यानी 5-7 साल के लिए 2.25 फीसदी/सालाना ब्याज मिलेगा. 12-15 साल के लिए 2-5 फीसदी/सालाना का ब्याज मिलेगा.

मिलते हैं ये फायदे


लोन की सुविधा
आप SBI की किसी भी शाखा में गोल्‍ड के मौलिक मूल्य के 75 प्रतिशत तक रुपये के ऋण का लाभ उठा सकते हैं. यानी आपको एसबीआई की गोल्‍ड डिपॉजिट स्‍कीम से लोन में भी फायदा मिलेगा.


निष्क्रिय सोने पर मिलेगा ब्‍याज
लॉकर में रखे सोने में आपको कुछ नहीं मिलता है. तो वहीं निष्क्रिय सोना यानी की बहुत दिनों से घर पर पड़े हुए सोने पर आपको ब्‍याज भी मिलेगी. एसबीआई गोल्ड डिपॉजिट स्कीम के अंतर्गत, ब्याज, गोल्ड मुद्रा में गणना की जाती है और रुपये के बराबर में भुगतान किया जाता है.

खुशखबरी! 10 बजे नहीं, अब इस समय खुलेंगे सभी सरकारी बैंक

सोने के दाम बढ़ने पर मिलेगा ज्यादा फायदा
जब आपकी सोना जमा योजना परिपक्व होती है, तो आप मौजूदा दरों पर रिडीम करते हैं, जिसका मतलब है कि सोने की कीमतों में इजाफा हुआ है, तो आप लाभ हासिल कर सकते हैं. आप इसे लॉकर में रखे सोने की कीमत से तुलना करें आपको यहां पर डिपॉजिट स्‍कीम में ब्‍याज मिलेगा लेकिन लॉकर में रखे सोने पर नहीं मिलेगा.

टैक्‍स में छूट
अगर आपके पास कमाई से ज्‍यादा का सोना है तो आपको इसके लिए संपत्ति कर के तहत टैक्‍स भरना पड़ेगा. हालांकि, एसबीआई गोल्ड डिपॉज़िट योजनाओं पर कोई संपत्ति कर, पूंजीगत लाभ कर या आयकर देय नहीं है. यानी कि आपको टैक्‍स में छूट मिल जाएगी.

बच जाती है लॉकर की फीस 
लॉकर की फीस और चोरी की कोई टेंशन नहीं आपको अपने सोने और आभूषणों को स्टोर करने के लिए लॉकर की लागतों के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और चोरी की कोई चिंता भी नहीं है. जारी किए गए प्रमाण पत्र अत्यंत सुरक्षित होते हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 13, 2019, 7:30 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...