अब SBI में घोटाला, लोन लेने वाले 15 किसानों की 6 महीने में संदिग्ध मौत

अब SBI में घोटाला, लोन लेने वाले 15 किसानों की 6 महीने में संदिग्ध मौत
सांकेतिक तस्वीर

सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भारत का सबसे विश्वसनीय बैंक है. लेकिन हाल ही में तमिलनाडु में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में घोटाला सामने आया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2018, 2:32 PM IST
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सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भारत का सबसे विश्वसनीय बैंक है. लेकिन हाल ही में तमिलनाडु में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में घोटाला सामने आया है. दरअसल बात ये है कि इस घोटाले में जिन किसानों के नाम पर बैंक से लोन लिया गया, उन किसानों में से 15 किसानों की पिछले 6 माह में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. इसके साथ ही एक व्यक्ति लापता हो गया है.

पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई जांच शुरु नहीं की गई है. पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि मृतक लोगों के नाम पर बैंक लोन चल रहे थे. बता दें कि टाइम्स ऑफ इंडिया ने बीते दिनों अपनी एक खबर में खुलासा किया था कि तमिलनाडु में दो लोगों ने विरुद्धुनगर और थेनी जिलों में स्थित बैंक शाखाओं से फर्जी तरीके से 60 करोड़ रुपए का लोन लिया था.

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खबर के अनुसार, इस घोटाले के मास्टरमाइंड ओएमएस वेलमुरुगन और उसका भतीजा आर. शेनबागन हैं. आरोपियों ने कई किसानों को सरकारी पेंशन दिलाने के बहाने लोन के कागजात पर उनके हस्ताक्षर ले लिए. इसके बाद इन कागजातों के आधार पर एसबीआई की शाखाओं से करीब 60 करोड़ रुपए निकाल लिए. लोन की यह रकम किसानों के टेम्पररी बैंक खातों में डालवाई गई थी, जिसे आरोपियों ने निकाल लिया.

इस घोटाले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब बैंक ने किसानों को ऋण भुगतान के लिए नोटिस भेजना शुरु कर दिया. नागामुत्तु नाम का व्यक्ति बैंक द्वारा ऋण भुगतान का नोटिस भेजे जाने के बाद से ही लापता बताया जा रहा है. वहीं एसबीआई का कहना है कि उसने 169 किसानों को बाजार उपज पर लोन दिए थे. ये लोन 25 लाख से लेकर 40 लाख तक की रकम के थे.

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वहीं पुलिस का कहना है कि बैंक ने जिन किसानों के नाम पर लोन दिया, लगभग वे सभी दिहाड़ी मजदूर हैं और पढ़े-लिखे भी नहीं हैं. इस मामले की जांच में जुटी टीम को पता चला है कि घोटाले के आरोपी वेलमुरुगन और शेनबागन इससे पहले भी विरुद्धुनगर और थेनी जिलों में हुए कई धोखाधड़ी के मामले में संलिप्त रह चुके हैं. पुलिस को दोनों के खिलाफ 400 के करीब शिकायतें मिली हैं. फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है.

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