SBI सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर ग्राहकों से वसूला जाता है भारी चार्ज, जानें नियम

अगर आपका SBI में अकाउंट हैं तो जरूर जान लें सेविंग अकाउंट से जुड़ें इन चार्जेज के बारे में वरना होगा नुकसान.

News18Hindi
Updated: May 18, 2019, 8:25 AM IST
SBI सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर ग्राहकों से वसूला जाता है भारी चार्ज, जानें नियम
एसबीआई
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Updated: May 18, 2019, 8:25 AM IST
अगर आपका SBI में अकाउंट हैं तो जरूर जान लें सेविंग अकाउंट से जुड़ें इन चार्जेज के बारे में. अगर आप अपने खाते में बैंक बैलेंस को बरकरार नहीं रख पाते हैं तो बैंक आपसे जुर्माना वसूलेगा. आपको बता दें कि बैंक खाते में न्यूनतम बैंलेस नहीं होने पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जुर्माने से करोड़ों रुपये कमाए हैं. इसके बाद मिनिमम बैलेंस (MAB) का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. आइए जानें नए नियमों के बारे में...

बैंक ने ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने के लिए कहा


एसबीआई ने अपने ग्राहकों को खाते में न्‍यूनतम बैलेंस (Average Monthly Balance) रखने का आग्रह किया है, ताकि वे पेनाल्‍टी चार्ज से बच सकें. न्‍यूनतम बैलेंस हर खाते के लिए अलग-अलग है. न्‍यूनतम बैलेंस घटने पर बैंक 5 से 15 रुपए तक पेनाल्‍टी लगाता है. (ये भी पढ़ें-सावधान! कहीं आपके Aadhaar का तो नहीं हो रहा है गलत इस्तेमाल, ऐसे करें चेक)

बैंक की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in के अनुसार ग्राहक SBI ने अपनी शाखाओं को 4 भागों-मेट्रो (Metro), शहरी (Urban), अर्द्ध शहरी (Semi Urban) और ग्रामीण (Rural) में बांटा हुआ है. इसके आधार पर शाखाओं में न्‍यूनतम बैलेंस अलग-अलग 1000 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक रखा गया है. अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाए

https://bank.sbi/portal/documents/28392/54637/Guidelines_on_MAB.pdf/58680d82-ecac-4053-8362-4980fec65d52 पर जा सकते हैं.

ये भी पढ़ें- SBI ने ग्राहकों के लिए शुरू की खास सर्विस, अब बिना कार्ड के निकाल सकेंगे ATM से पैसा

ये है कैटेगरी
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 मेट्रो शाखा 3000 रुपए
>> अर्बन शाखा 3000 रुपए
>> सेमी अर्बन 3000 रुपए
>> रूरल 1000 रुपए
>> अगर आपकी शाखा ग्रामीण के रूप में दर्ज है तो आपको खाते में 1000 रुपए का मिनिमम बैलेंस रखना होगा.
>> अन्‍य शाखाओं के लिए 3000 रुपए मिनिमम बैलेंस है. मिनिमम बैलेंस कम होने पर पेनाल्‍टी + GST लगता है.

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मिनिमम बैलेंस के नियम को ऐसे समझें
इस जुर्माने से बचने के लिए और मिनिमम बैलेंस को बरकरार रखने के लिए इसको समझना जरूरी है. अक्सर लोग इसी बात को लेकर कन्‍फ्यूज रहते हैं कि आखिर इस बैलेंस की कैलकुलेशन होती कैसे है और कितना पैसा अकाउंट में होना जरूरी होता है.



मासिक औसत बैलेंस (MAB)
>> अगर 1 जनवरी को आपके खाते में 3000 रुपए जमा किए.
>> 10 जनवरी को आपने 2000 रुपये निकाल लिए.
>> उसके बाद 20 जनवरी को फिर से 10,000 रुपये जमा कर दिए.
>> महीने के अंत में आपके अकाउंट में 11,000 रुपये होंगे.

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ऐसी सूरत में मिनिमम बैलेंस की कैलकुलेशन इस तरह होगी-
>> 
1 जनवरी से 10 जनवरी तक यानी 9 दिन आपका बैलेंस रहा- 3000×9= 27,000 रुपये
>> 10 जनवरी से 20 जनवरी तक यानी 10 दिन आपका बैलेंस रहा- 1000×10=10000 रुपये
>> 20 जनवरी से 30 जनवरी तक यानी 11 दिन आपका बैलेंस रहा- 11000×11= 1,21,000 रुपये
>> इस तरह 1 जनवरी से 30 जनवरी तक कुल बैलेंस देखें तो यह रहा- 1,58,000 रुपये
>> अब 1 दिन का बैलेंस निकालने के लिए इसमें 30 का भाग देंगे तो आएगा 5,266 रुपये

इसका मतलब यह हुआ कि भले ही आपने ट्रांजेक्शन (लेन-देन) और डिपॉजिट किया लेकिन फिर भी आपका एक दिन के आखिर में बैलेंस 3000 रुपये से ज्‍यादा रहा. ऐसे में आप पर पेनल्‍टी नहीं लगेगी. अगर यही बैलेंस 3000 से कम रहता तो बैंक आप से पेनल्‍टी वसूलता.

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