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SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! 31 मार्च से महंगी हो जाएगी ये सर्विस, चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

News18Hindi
Updated: March 27, 2020, 6:30 AM IST
SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! 31 मार्च से महंगी हो जाएगी ये सर्विस, चुकाने होंगे ज्यादा पैसे
SBI ग्राहकों के लिए महंगी हो रही है लॉकर की सुविधा

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने लॉकर के शुल्क में बढ़ोतरी की है और नई दरें 31 मार्च से लागू होंगी.

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  • Last Updated: March 27, 2020, 6:30 AM IST
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नई दिल्ली. अगर आपका लॉकर देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में है तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 31 मार्च, 2020 से लॉकर में सामान रखना महंगा होने जा रहा है. एसबीआई ने लॉकर के चार्ज में बढ़ोतरी की है और नई दरें 31 मार्च से लागू होंगी. एसबीआई ने लॉकर के आकार के आधार पर रेंटल चार्ज को 500 रुपये 2000 रुपये तक बढ़ा दिया है. यह फीस इस बात पर भी निर्भर करेगी कि खाताधारक का लॉकर किस शहर में है.

कितना देना होगा चार्ज?
छोटे लॉकर के किराए में 500 से लेकर 2,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि एक्स्ट्रा लार्ज लॉकर किराया 9,000 के बजाय अब 12,000 रुपये देने होंगे. मीडियम साइज लॉकर के लिए अब 1000 से 4,000 रुपये तक ज्यादा चार्ज चुकाना होगा. बड़े लॉकर का किराया 2,000 से 8,000 रुपये तक होगा.

बैंक लॉकर क्‍या है?



सेफ डिपॉजिट लॉकर बैंकों की खास सुविधा होती है. ये लॉकर अलग-अलग आकार में आते हैं. इनका इस्‍तेमाल लोग अपनी कीमती वस्‍तुएं रखने के लिए करते हैं. केवल लॉकर होल्‍डर या ज्वाइंट होल्‍डर इन्‍हें ऑपरेट कर सकता है. RBI नोटिफिकेशन के मुताबिक, कोई भी किसी भी बैंक में बगैर खाते के भी लॉकर खोल सकता है, लेकिन लॉकर के किराए और चार्जेस के सिक्‍योरिटी डिपॉजिट का हवाला देते हुए बैंक बिना खाता लॉकर खोलने में आना-कानी करते हैं. यही नहीं कुछ बैंक आप पर बड़ी रकम के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के लिए भी दबाव बनाते हैं. इसलिए अच्छा होगा कि आप उसी बैंक में लॉकर लें, जहां सेविंग्‍स अकाउंट है.

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किन दस्तावेजों की जरूरत
लॉकर खुलवाने के लिए केवाईसी तस्‍वीरों के साथ केवाईसी दस्‍तावेज जमा करने पड़ते हैं. बैंक तीन साल के लिए लॉकर के रेंट को कवर करने के वास्‍ते फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट शुरू करने को कह सकता है. अमूमन आवेदक को बैंक स्‍टैंडिंग इंस्‍ट्रक्‍शन देते हैं कि वे खाते से फीस को काट लें.

लॉकर को इस्तेमाल करने का तरीका क्या है?
हर लॉकर की दो चाबी होती है. एक चाबी ग्राहक के पास होती है. दूसरी चाबी बैंक के पास होती है. दोनों चाबियां लगने के बाद ही लॉकर खुलता है. इसका मतलब यह है कि ग्राहक जब भी लॉकर ऑपरेट करना चाहेगा, उसे इसकी जानकारी ब्रांच को देनी होगी. एक साथ दो चाबियों के इस्तेमाल के पीछे सुरक्षा सबसे बड़ी वजह है. अगर आपके लॉकर की चाबी किसी दूसरे के हाथ लग जाए तो वह इसे नहीं खोल पाएगा. साल में आप कितनी बार लॉकर ऑपरेट करेंगे, इसकी भी सीमा तय है. यह सीमा बैंक के हिसाब से अलग-अलग है. ज्वाइंट नाम से लॉकर खोलना फायदेमंद है. इससे जिन दो लोगों के नाम से लॉकर खुला है, उनमें से कोई एक इसे ऑपरेट कर सकता है.

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लॉकर में रखी चीजों के नुकसान पर कितना मुआवजा
लॉकर में रखी चीजों के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है. भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा, आतंकी हमला या चोरी होने पर बैंक आसानी से मुआवजा देने से इनकार कर देते हैं. उनकी दलील यह होती है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं होती कि लॉकर में क्या-क्या रखा गया है. इसलिए लॉकर में रखी आपकी कीमती चीजें भी 100 फीसदी सुरक्षित नहीं हैं.

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First published: March 27, 2020, 6:27 AM IST
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स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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