लॉकडाउन के बीच आपका बैंक मुफ्त में दे रहे हैं ये तीन सर्विस, जानिए इनके बारे में सबकुछ

लॉकडाउन के बीच आपका बैंक मुफ्त में दे रहे हैं ये तीन सर्विस, जानिए इनके बारे में सबकुछ
इन 3 सरकारी बैंकों को बड़ा झटका! RBI ने लगाया 6 करोड़ रु से ज्यादा का जुर्माना

कोरोना के इस संकट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India) ने ग़रीबों को राहत देने के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी कई कदम उठाए हैं. इसीलिए हम आपको बैंकों की फ्री हुई सर्विस के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2020, 6:16 AM IST
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नई दिल्ली. साफ़ है कि सरकार अब कोरोना संकट से मुक़ाबले के लिए कई मोर्चों पर एक साथ लग गई है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ग़रीबों को राहत देने के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी कई कदम उठाए हैं. इन्हीं कदमों की जानकारी आज हम आपको दे रहे हैं. आपको बता दें कि कोरोनावायरस (Corona Virus) के चलते पूरे देश में लॉकडाउन (lock down) चल रहा है. सरकार इससे निपटने के लिए कई तरह के कदम उठा रही है. लोग अपने अपने घरों में हैं. उनकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.

(1) तीन महीने तक किसी बैंक के एटीएम से पैसा निकालने पर चार्ज नहीं- 30 जून 2020 तक किसी भी बैंक के डेबिट कार्ड (Bank Debt Card) से किसी भी अन्य बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा. सरकार ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है. सरकार की मंशा है कि कैश निकालने के लिए लोगों को अपने घरों से ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े और पास के ही उपलब्ध एटीएम से पैसे निकाल सकें.

आम दिनों के लिए RBI की ओर से जारी नियमों के मुताबिक , बैंकों को महीने में कम से कम पांच मुफ्त ट्रांजेक्‍शन की छूट देनी है. फिर एटीएम कहीं भी हो. नॉन-कैश विदड्रॉल ट्रांजेक्‍शन यानी जिसमें निकासी नहीं होगी, उसमें बैंकों को सुविधा मुफ्त देनी है.



महानगरों में किसी और बैंक के एटीएम से ट्रांजेक्‍शन : अगर एटीएम बेंगलुरु, चेन्‍नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्‍ली जैसे महानगरों में है तो उस मामले में बैंकों को कम से कम तीन मुफ्त ट्रांजेक्‍शन की छूट देनी है.
नॉन-मेट्रो में किसी और बैंक के एटीएम से ट्रांजेक्‍शन : इन छह मेट्रो को छोड़कर किसी और लोकेशन पर बैंकों को बचत खाताधारकों को महीने में अन्‍य बैंक से कम से कम पांच मुफ्त ट्रांजेक्‍शन की इजाजत देनी है.

(2) मिनिमम बैंलेंस रखने की जरूरत नहीं- सेविंग बैंक खाते (Saving Bank Account) के लिए मिनिमम बैलेंस (Minimum Balance in Saving Account) चार्ज को खत्म कर दिया गया है. यानी 30 जून 2020 तक बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की जरुरत नहीं है.

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. SBI ने सभी तरह के बचत खातों (Saving Accounts) पर एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है.

इसका मतलब ग्राहकों को अब अपने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने का झंझट खत्म हो गया है. एसबीआई के इस फैसले से 44.51 करोड़ ग्राहकों को फायदा होगा. इसके अलावा, एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में SBI ने बचत बैंक खातों पर अपनी ब्याज दर को तर्कसंगत बनाते हुए सपाट 3 फीसदी सालाना कर दिया.

(3) ऑनलाइन ट्रांजेक्श हुई फ्री- सरकारी बैंक PNB ने इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए ट्रांजैक्शन पर लगने पर IMPS चार्ज को पूरी तरह से खत्म कर दिए है. पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) ने यह जानकारी दी है. पीएनबी ने बताया कि IMPS चार्ज का को पूरी तरह से खत्म करने का यह फैसला तत्काल रुप से प्रभावी होगी.पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहक अब इस फैसले के बाद प्रति दिन 50,000 रुपये के ट्रांसफर के लिए कोई चार्ज नहीं देंगे. इसके पहले उन्हें IMPS चार्ज के तौर पर 5 रुपये + GST देना होता था.

इसके पहले पिछले साल ही भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने भी अपने ऐलान किया था कि वो YONO ऐप, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए किए जाने वाले IMPS ट्रांसफर पर कोई चार्ज नहीं लेगा. एसबीआई ने इसे 1 अगस्त 2019 से लागू कर दिया था.

(4) होम लोन EMI पर भी मिल रही है छूट- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तीन महीने के लिए ईएमआई के पेमेंट में राहत देने का ऐलान के बाद अब सभी बैंक इस पर छूट दे रहे है.  ईएमआई के पेमेंट पर राहत का फैसला 1 मार्च से 31 मई, 2020 के बीच पड़ने वाली सभी किस्तों के भुगतान पर लागू है.

ऑप्शन-1 जितने समय के लिए ग्राहक ने ईएमआई के भुगतान में छूट का विकल्प चुना है, उस समय का ब्याज वह एक ही बार जून में दे सकता है.

ऑप्शन-2 ब्याज दर बकाय राशि में जोड़ी जा सकती है, जिससे बाकी के महीनों की ईएमआई बढ़ जाएगी.

ऑप्शन -3 ग्राहकों की लोन की अवधि बढ़ सकती है.

लोन ईएमआई पर छूट लेने पर क्या होगा-अगर ग्राहक ने 8.5 फीसदी ब्याज पर 20 लाख रुपये का होम लोन लिया है और उसने पहले ही 105 ईएमआई का भुगतान कर लिया है, तो बकाया मूल राशि 15,05,408 रुपये हुई, जो उसे 135 और ईएमआई में पूरी करनी है.

अब अगर वह तीन महीने की एमआई में छूट का विकल्प चुनता है, तो उसे इंटरस्ट कम्पोनेंट के तौर पर 32,217 रुपये देने होंगे.

अगर वह अपनी पहले वाली ईएमआई की रकम (17,356 रुपये) को जारी रखना चाहता है, तो वह 140 महीनों में लोन पूरा कर सकेगा. यानी इससे उसकी लोन की अवधि पांच माह बढ़ जाती है.

ऑप्शन 1- ग्राहक ईएमआई की राशि बढ़ाए और टर्म में इजाफा ना करे. इससे उसकी ईएमआई 17,356 रुपये से बढ़कर 17,728 रुपये हो जाएगी. प्रति माह ईएमआई में 372 रुपये बढ़ेंगे, जिसका वह आसानी से भुगतान कर सकेगा.

ऑप्शन-2 -मोरेटोरियम पीरियड के समय के ब्याज का भुगतान तीन माह बाद एक साथ या एक साल से दो साल के समय तक कर दें.

ऑप्शन-3 नवीनतम ब्याज दर के लिए बात करें. ऐसा इसलिए क्योंकि पांच साल या उससे पहले से लिए हए लोन का ब्याज दर अधिक हो सकती है. इसलिए अपने बैंक से बात करके लोन को रेपो रेट से लिंक करें.

कार लोन लेने पर क्या होगा असर- अगर आपने कार लोन लिया है और 10 लाख रुपया के मूल का भुगतान 78 महीने में करना है, तो ईएमआई भुगतान में दो महीने की छूट का विकल्प चुनने पर लोन अवधि 80 महीने हो जाएगी.

पर्सनल लोन लेने पर क्या होगा असर- अगर आपने आठ लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया है, जिसका भुगतान आपको 30 महीने में करना है, तो दो महीने के लिए ईएमआई भुगतान की छूट की स्थिति में 21,872 रुपये के ब्याज की वसूली के लिए अवधि 31 महीने हो जाएगी.
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