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चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई औसतन 4% रहने की संभावना: SBI रिपोर्ट

भाषा
Updated: November 14, 2019, 5:32 PM IST
चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई औसतन 4% रहने की संभावना: SBI रिपोर्ट
दिसंबर में रेपो रेट में कटौती पर रोक लगा सकती है RBI

अक्टूबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति 4.62 प्रतिशत तक चली गयी. इसकी प्रमुख वजह खाद्य कीमतों में तेजी रहना रही. यह पिछले 16 माह का खुदरा मुद्रास्फीति का सबसे उच्च स्तर है.

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मुंबई. चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) की औसतन दर 4 प्रतिशत के आसपास बनी रह सकती है. हालांकि अगस्त और सितंबर में जरूरत से ज्यादा बारिश होने के चलते खाद्य और सब्जी-फलों की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है. भारतीय स्टेट बैंक  (SBI)  की एक शोध रिपोर्ट में यह बात कही गयी है.

अक्टूबर में 16 महीने में सबसे ज्यादा महंगाई
अक्टूबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति 4.62 प्रतिशत तक चली गयी. इसकी प्रमुख वजह खाद्य कीमतों में तेजी रहना रही. यह पिछले 16 माह का खुदरा मुद्रास्फीति का सबसे उच्च स्तर है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक राज्यों में 2019 में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई और इसके चलते कई इलाके भीषण बाढ़ की चपेट में रहे. अगस्त-सितंबर में हुई अधिशेष बारिश से खरीफ की कई फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. एसबीआई की शोध रिपोर्ट इकोरैप (SBI Ecowrap) में कहा गया है.

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FY20 में खुदरा महंगाई 4% रहने का अनुमान
खाद्यान्न और सब्जियों की कीमतों के ऊंचे रहने से नवंबर में भी खुदरा मुद्रास्फीति दर ऊंची रह सकती है. इसकी एक और वजह 2018 में मुद्रास्फीति दर का कम रहना भी है. हमें उम्मीद है कि 2019-20 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति औसतन 4 प्रतिशत पर रह सकती है.

दिसंबर में रेपो रेट में कटौती पर रोक लगा सकती है RBI
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी चौथी मौद्रिक नीति समीक्षा रिपोर्ट अक्टूबर में पेश की थी. इसमें रिजर्व बैंक ने 2019-20 की दूसरी छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति 3.5 से 3.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था. जबकि 2020-21 की पहली छमाही में इसके 3.6 प्रतिशत रहने की संभावना जाहिर की थी. रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई दिसंबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में कटौती कर सकता है. हालांकि उसके बाद मुद्रास्फीति की चिंता के कारण नीतिगत दर में कटौती पर रोक लगा सकती है.

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First published: November 14, 2019, 5:32 PM IST
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