SBI की रिसर्च रिपोर्ट! इस साल रियल जीडीपी में होगी 10.9 फीसदी तक की गिरावट

SBI की रिसर्च रिपोर्ट! इस साल रियल जीडीपी में होगी 10.9 फीसदी तक की गिरावट
एसबीअई ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी में 12 से 15 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताया है.

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट इकोरैप (Ecowrap) में वित्‍त वर्ष 2020-21 के दौरान देश की अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) के हाल का अनुमान लगाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्‍त वर्ष की चारों तिमाहियों में सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) की वृद्धि दर निगेटिव (Negative Growth Rate) रहेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 9:50 PM IST
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मुंबई. कोरोना वायरस प्रकोप के कारण दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍थाओं की हालत खराब है. वैश्विक महामारी ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) को भी डांवाडोल कर दिया है. यही नहीं, अगली कुछ तिमाहियों तक देश के सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) की वृद्धि दर में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट के संकेत मिल रहे हैं. स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट इकोरैप (Ecowrap) के मुताबिक, वित्‍त वर्ष 2020-21 में भारत के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (Real GDP) में 10.9 फीसदी तक की गिरावट आएगी. आसान शब्‍दों में समझें तो अगली चार तिमाहियों में देश की आर्थिक हालत लचर बनी रहेगी.

एसबीआई ने पहले के मुकाबले ज्‍यादा गिरावट का लगाया है अनुमान
वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2020 में देश की अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2019-20 की समान तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर (Economic Growth) 5.2 फीसदी रही थी. इससे पहले एसबीआई-इकोरैप में वास्तविक जीडीपी में 6.8 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया गया था यानी देश के सबसे बड़े कर्जदाता ने इस बार पहले के मुकाबले 4.1 फीसदी ज्‍यादा तक की गिरावट का अनुमान लगाया है. बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2020 में जीडीपी की वृद्धि दर 3.1 फीसदी रही थी.

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तीसरी तिमाही में शून्‍य से नीचे जाएगी देश की वास्‍तविक जीडीपी


रिपोर्ट में कहा गया है कि एसबीआई के शुरुआती अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 की चारों तिमाहियों में वास्तविक जीडीपी में गिरावट आएगी. पूरे वित्त वर्ष में जीडीपी में 10.9 प्रतिशत की गिरावट आएगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी में 12 से 15 फीसदी की गिरावट आ सकती है. वहीं, तीसरी तिमाही में यह शून्‍य से 5-10 फीसदी (-5% से -10% ) नीचे रहेगी. इसी तरह चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी में दो से पांच फीसदी की गिरावट आएगी.

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पीएफसीई में लॉकडाउन के दौरान आई जबरदस्‍त गिरावट
इकोरैप में कहा गया है कि कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए देश में 25 मार्च 2020 से लॉकडाउन लगाया गया, जिससे जीडीपी में गिरावट आई. यह गिरावट बाजार और बैंक के अपने पहले के अनुमान से ज्‍यादा है. बैंक ने जैसा अनुमान लगाया था, ठीक वैसे ही पर्सनल फाइनल कंज्‍यूमर एक्‍सपेंसेस में (PFCE) की वृद्धि में जोरदार गिरावट आई. कोविड-19 की वजह से ज्यादातर आवश्यक वस्तुओं का उपभोग घटा. क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं होने से निवेश मांग नहीं सुधर रही है. ऐसे में कुल जीडीपी अनुमान में निजी उपभोग व्यय का हिस्सा ऊंचा रहेगा.
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