लाइव टीवी

बैंक डूबने के बाद आपको मिल सकती है ज्यादा रकम, SBI ने नियम बदलने के ​सुझाव दिए

पीटीआई
Updated: October 7, 2019, 6:46 PM IST
बैंक डूबने के बाद आपको मिल सकती है ज्यादा रकम, SBI ने नियम बदलने के ​सुझाव दिए
बैंक डूबने की स्थिति में डिपॉजिटर्स रकम बढ़ाने का सुझाव

PMC बैंक मामले के बाद SBI ने अपनी एक रिपोर्ट में डिपॉजिटर्स के लिए अधिकतम इंश्योरेंस कवर (Insurance cover) बढ़ाने का सुझाव दिया है.

  • Share this:
नई दिल्ली. पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) मामले के बाद डिपॉजिटर्स (Bank Depositors) को ऐसे किसी वाकये के सामने आने पर उनका पैसा डूबन का डर सता रहा है. अब एक रिपोर्ट में कहा गया है कि डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर (Deposit Insurance Cover) के तहत रकम को 1 लाख रुपये से बढ़ाया जा सकता है. डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) हर डिपॉजिटर के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर देता है. इसमें मूल रकम (Principal) और ब्याज (Interest) की रकम शामिल होती है. ब्याज की रकम बैंक के लाइसेंस कैंसिल होने की अंतिम तारीख तक की ही होती है.

पीएमसी बैंक मामले के सामने आने की बाद बढ़ी चिंता
पिछले माह ही भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने पीएमसी बैंक पर लेनदेन समेत कई तरह का प्रतिबंध लगाया था. इसमें न तो बैंक कोई नया लोन दे सकता था और न ही कोई डिपॉजिटर 1,000 रुपये से अधिक की निकासी कर सकता था. हालांकि, निकासी की रकम को पहले 10,000 रुपये और फिर बाद में 25,000 रुपये तक बढ़ा दिया गया था. आरबीआई के प्रतिबंध के मुताबिक, पीएमसी बैंक का कोई भी डिपॉजिटर छह महीने के अंदर 25,000 रुपये से अधिक की निकासी नहीं कर सकता है.

ये भी पढ़ें: कालाधन: स्विस बैंक में किसके कितने पैसे, सरकार को मिली खाताधारकों की लिस्ट



बैंक डूबने की स्थिति में डिपॉजिटर्स रकम बढ़ाने का सुझाव



Loading...

ठोस कानून की मांग
अब पीएमसी बैंक मामले के सामने आने के बाद DICGC द्वारा अधिकतम इंश्योर्ड रकम (Insured Amount) को बढ़ाने की मांग की जा रही है. ध्यान देने वाली बात है कि बैंकिंग इंडस्ट्री (Banking Industry) से लगातार इस बात की मांग की जा रही है कि डिपॉजिटर्स के हित के लिए कोई ठोस ​कानून लाया जाए.  एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते 5 सालों में सरकार ने दो बार इस तरह का कानून लाने का प्रयास किया है. हालांकि, विरोध के बाद सरकार ने इस प्रयास को फिलहाल के लिए टाल दिया है.

एसबीआई ने अपनी एक रिपोर्ट में दिया सुझाव
भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने सोमवार को अपने एक रिसर्च रिपोर्ट (SBI Research Report) में कहा है, 'मौजूदा समय में डिपॉजिटर्स के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये की इंश्योरेंस रकम के दिन बीत चुके हैं. इसमें एक बार बदलाव करने की जरूरत है.' इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डीआईसीजीसी के इस कवर को रिवाइज करते दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाना चाहिए. इसमें पहले कवर के तहत सेविंग्स डिपॉजिट (Savings Deposit) के लिए 1 लाख रुपये होना चाहिए. सेविंग्स डिपॉजिट कुल अकाउंट्स का करीब 90 फीसदी हिस्सा है. वहीं, टर्म डिपॉजिट्स की रकम कम से कम 2 लाख रुपये की होनी चाहिए. टर्म डिपॉजिट्स कुल अकाउंट का करीब 70 फीसदी होना चाहिए.

ये भी पढ़ें: सोने-चांदी की नई कीमतें जारी, यहां फटाफट जानें रेट्स


सीनियर सिटीजन के लिए हो विशेष प्रावधान की मांग



सीनियर सिटीजन के लिए हो विशेष प्रावधान
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सीनियर ​सिटीजन के लिए विशेष प्रावधान होना चाहिए. एसबीआई ने कहा है कि डीआईसीजीसी के कवर को रिवाइज करने की इ​सलिए भी जरूरत है क्योंकि सीनियर सिटीजन और रिटायर्ड लोगों के लिए इसमें कोई प्रावधान नहीं है. ये अपने सेविंग्स की एक बड़ी रकम फिक्स्ड डिपॉजिट में रखते हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 7, 2019, 6:46 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...