SBI में है खाता तो ध्यान दें, आज से बदल गए हैं ये 5 नियम

3.50% से घटाकर 3.25 फीसदी के हिसाब से ग्राहकों को इंटरेस्ट मिलेगा
3.50% से घटाकर 3.25 फीसदी के हिसाब से ग्राहकों को इंटरेस्ट मिलेगा

भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने अपने खाताधारकों को दी जाने वाली सर्विसेज संबंधी कुछ नियमों को रिवाइज किया है. S BI के बदले हुए ये नियम आज यानी 1 अक्टूबर से लागू हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2019, 3:03 PM IST
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नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने आज से डिपॉजिट (Cash Deposits) पर लगने वाले सर्विस चार्जे (Service Charge) में कई बदलाव कर दिये हैं. SBI द्वारा आज नकदी निकासी, औसत मासिक बैलेंस (Average Minimum Balance) और डिपॉजिट से जुड़ें नियमों में आज से बदल जाएंगे. ऐसे में यदि आपके पास भी एसबीआई का खाता है तो आपको इन नियमों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. तो आइए जानते हैं कि एसबीआई सविर्स चार्जेज से जुड़े नियमों में क्या बदलाव हुए हैं.

1. औसतन मासिक बैलेंस: आज से यानी 1 अक्टूबर से SBI ने शहरी क्षेत्रों के खाताधारकों को औसतन मासिक बैलेंस की सीमा 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है. अगर कोई ग्राहक अपने खाते में औसतन 3,000 रुपये नहीं रखता है तो इसके लिए चार्जे देना होगा.

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भारतीय स्टेट बैंक




>> औसत मासिक बैलेंस से 50 फीसदी यानी 1,500 रुपये से कम रकम होने पर 10 रुपये + जीएसटी चार्ज के रूप में देना होगा. य​दि खाताधारक के खाते में औसत बैलेंस से 75 फीसदी कम रकम है तो इसके लिए उन्हें 15 रुपये + जीएसटी चार्ज के रूप में देना होगा.



>> अर्ध शहरी क्षेत्रों में औसतन मासिक बैलेंस 2,000 रुपये है. अगर खाताधारक अपने खाते में औसनत मासिक बैलेंस से 50 फीसदी कम बैलेंस रखते हैं तो इसके लिए उन्हें 7.50 रुपये + जीएसटी के रूप में चार्ज में देना होगा. इसी प्रकार में 50 से 75 फीसदी तक रकम रखने पर 10 रुपये + जीएसटी और 75 फीसदी से कम रकम रखने पर 12 रुपये + जीएसटी चार्जेबल होगा.

>> वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम औसत बैलेंस 1,000 रुपये होना चाहिए. अगर खाताधारक अपने खाते में औसनत मासिक बैलेंस से 50 फीसदी कम बैलेंस रखते हैं तो इसके लिए उन्हें 5 रुपये + जीएसटी के रूप में चार्ज में देना होगा. इसी प्रकार में 50 से 75 फीसदी तक रकम रखने पर 7.5 रुपये + जीएसटी और 75 फीसदी से कम रकम रखने पर 10 रुपये + जीएसटी चार्जेबल होगा.

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>> आरटीजीएस के जरिए 2 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के ट्रांसफर पर ग्राहकों को 20 रुपये और जीएसटी देना होगा. 5 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर करने पर यह रकम जीएसटी के साथ 40 रुपये हो जाएगी.

एनईएफटी औार आरटीजीएस चार्ज


3. डिपॉजिट और विड्रॉल: SBI के खाताधारकों के लिए एक माह में 3 बार अपने सेविंग अकाउंट में कैश डिपॉजिट (Cash Deposit) करने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा. इसके बाद प्रत्येक डिपॉजिट पर 50 रुपये + जीएसटी अतिरिक्त शुल्क के रूप में देना होगा.

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4. इसके साथ ही एसबीआई ने यह भी जानकारी दी है कि नॉन-होम ब्रांच के जरिए अपने खाते में 2 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं. इसके बाद ब्रांच मैनेजर (Branch Manager) यह फैसला लेगा कि आप इससे अधिक रकम जमा कर सकते हैं या नहीं.



5. एसबीआई ने यह भी जानकारी दी है कि 25,000 रुपये की औसतन मासिक बैलेंस मेंटेन करने वालो खाताधारकों को एक माह में दो बार फ्री कैश विड्रॉ (Free Cash Withdrawal) करने की अनुमति होगी. वहीं, 25 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये औसत मासिक बैलेंस मेंटेन करने वालों को 10 बार फ्री में कैश विड्रॉ करने का मौका मिलेगा. अगर आप पहले से तय लिमिट से अधिक बार कैश विड्रॉ करते हैं तो इसके लिए खाताधारक को 50 रुपये और जीएसटी देना होगा.
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