लाइव टीवी

SBI चेयरमैन रजनीश कुमार ने क्यों कहीं सरकारी बैंकों के विलय में सावधानी बरतने की बात!

News18Hindi
Updated: February 7, 2020, 9:55 AM IST
SBI चेयरमैन रजनीश कुमार ने क्यों कहीं सरकारी बैंकों के विलय में सावधानी बरतने की बात!
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI-State Bank of India) के चेयरमैन रजनीश कुमार

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI-State Bank of India) के चेयरमैन रजनीश कुमार का कहना हैं कि आने वाले समय में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए विलय प्रक्रिया में एक प्रमुख चुनौती प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म के आपस में तालमेल की होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 7, 2020, 9:55 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI-State Bank of India) के चेयरमैन रजनीश कुमार का कहना हैं कि सरकारी बैंकों के आपस में विलय प्रोसेस में सबसे बड़ी चुनौती इस समय टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के आपस में तालमेल को लेकर हो रही हैं. उन्होंने कहा, बैंक विलय प्रोसेस अब मिड लेवल पर पहुंच गया हैं. उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी इंटीग्रेशन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है.आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने जिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय का ऐलान किया है. उनमें पंजाब नेशनल बैंक (PNB), ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (UBI) का विलय होगा. इसके बाद PNB देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा.

इसके अलावा केनरा बैंक (Canara Bank) और सिंडिकेट बैंक (Syndicate Bank), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India), आंध्रा बैंक (Andhra Bank) और कॉरपोरेशन बैंक (Corporation Bank) और इंडियन बैंक (Indian Bank) और इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank) का विलय किया जाएगा. विलय प्रक्रिया पूरी होने के बाद देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह जाएगी.

ये भी पढ़ें-इधर कैश में लेन-देन किया उधर मैसेज पर आ जाएगा इनकम टैक्स का नोटिस, अब होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग



अप्रैल, 2017 में SBI ने अपने पांच सहयोगी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक आफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ मैसूर का खुद में विलय किया था.

SBI चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा-भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रजनीश कुमार ने कहा, सरकारी बैंकों के समक्ष निकट भविष्य में प्रमुख चुनौती विलय को लेकर है. सूचना प्रौद्योगिकी का विलय काफी सावधानी से करने की जरूरत है. आने वाले समय में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए विलय प्रक्रिया में एक प्रमुख चुनौती प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म के आपस में तालमेल की होगी.

सरकारी बैंकों के विलय से आप पर क्या  होगा असर(1) आपको नए चेकबुक के लिए तैयार रहना चाहिए. इसकी वजह यह है कि 10 सरकारी बैंकों के विलय का असर बड़ी संख्या में ग्राहकों पर पड़ेगा. हालांकि, मौजूदा चेकबुक कुछ समय तक वैध रहती है. बाद में ग्राहकों को विलय के बाद उस बैंक की चेकबुक जारी कर दी जाएगी, जिसमें उनके बैंक का विलय होगा.

(2) आपने ईसीएस के जरिए डिविडेंड बैंक खाते में मंगाने, सैलरी के ऑटो क्रेडिट और कई तरह के बिल के पेमेंट के लिए अपना बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड दिया होगा. विलय की प्रकिया पूरी होने के बाद आपको इन कामों के लिए अपने बदले बैंक अकाउंट की जानकारी देनी पड़ेगी.

(3) इससे पहले जब एसबीआई के पांच सहयोगी बैंकों का विलय हुआ था तो 1,300 बैंक शाखाओं के नाम और आईएफएससी कोड बदल गए थे. एसबीआई ने मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और लखनऊ जैसे बड़े शहरों की ब्रांच के नाम और आईएफएससी कोड बदल दिए थे.



(4) विलय होने वाले बैंक के क्रेडिट कार्ड रखने वाले ग्राहकों को विलय के बाद उस बैंक का क्रेडिट कार्ड जारी किया जाएगा जिस बैंक में उनका विलय होगा. हालांकि, ग्राहकों को किसी तरह का दिक्कत न हो, इसलिए विलय हो रहे बैंक का क्रेडिट कार्ड कुछ दिन तक वैध बना रहेगा. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विलय होने वाले बैंकों से लोन लेने वाले ग्राहकों के ब्याज दर में किस तरह का बदलाव होगा. इसकी वजह यह है कि अभी बैंकों के एमसीएलआर रेट अलग-अलग हैं.

(5) शेयर बाजार में सूचीबद्ध बैंकों के शेयरधारकों पर भी इस विलय का असर पड़ेगा. शेयरों के स्वॉप रेशियो का एलान बाद में होगा. इसका मतलब यह है कि विलय हो रहे बैंक के शेयर रखने वाले व्यक्ति को उन शेयरों के बदले एंकर बैंक के शेयर जारी किए जाएंगे. इसका अनुपात बैंक बाद में बताएंगे.

(6) एक अच्छी बात यह है कि विलय के बाद ग्राहकों की पहुंच बैंक की ज्यादा ब्रांच तक होगी. पीएनबी, ओबीसी और यूनाइटेड बैंक के विलय के बाद पीएनबी देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा. इससे दोनों बैंकों की शाखाएं भी पीएनबी की बन जाएंगी. इससे इन बैंकों के ग्राहकों के लिए शाखाओं की संख्या काफी बढ़ जाएगी.

ये भी पढ़ें-अब आधार के जरिए तुरंत मिलेगा PAN कार्ड, इस महीने शुरू होगी सुविधा

(7) सरकार ने बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का वजूद बनाए रखने का फैसला किया है. इनके अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक का वजूद भी बना रहेगा. इन बैंकों के ग्राहकों पर विलय के फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 7, 2020, 9:39 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर