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SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार ने यस बैंक पर कहा- किसी बैंक को डूबने नहीं देंगे

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Updated: January 23, 2020, 9:38 PM IST
SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार ने यस बैंक पर कहा- किसी बैंक को डूबने नहीं देंगे
SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बैंक के फ्यूचर को लेकर कहीं ये बातें

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने यस बैंक को लेकर बड़ा बयान दिया है.

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  • Last Updated: January 23, 2020, 9:38 PM IST
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नई दिल्ली. फंड्स की तंगी से जूझ रहे देश के एक बड़े प्राइवेट बैंक यस बैंक (Yes Bank) के फ्यूचर को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन इन सबके बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने यस बैंक को लेकर बड़ा बयान दिया है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग को दिए बयान में उन्होंने कहा है कि बैंक को डूबने नहीं दिया जाएगा. वहीं, पिछले महीने रजनीश कुमार ने कहा था कि यस बैंक खरीदने के लिए हमारे पास पर्याप्त पूंजी नहीं है. आपको बता दें कि यस बैंक की मार्केट वैल्यू 80 फीसदी तक गिर चुकी है. पिछले 1 साल में बैंक का शेयर 80 फीसदी लुढ़क गया है. यह गिरकर 40 रुपये के करीब आ गया है.

SBI चेयरमैन ने दिया बड़ा बयान- रजनीश कुमार का कहना है कि यस बैंक की बैलेंसशीट 4000 करोड़ डॉलर (करीब 2.84 लाख करोड़ रुपये) के करीब है. यह मार्केट का बड़ा खिलाड़ी है. मुझे नहीं लगता है कि इसे फेल होने दिया जाएगा. यस बैंक की समस्याओं का जल्द समाधान निकलेगा.

पिछले साल दिसंबर 2019 में देश के दो टॉप बैंक अधिकारियों ने कैपिटल के संकट से जूझ रहे यस बैंक का अधिग्रहण करने के लिए कोटक महिंद्रा बैंक को सबसे उपयुक्त बताया था. एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी ने कहा कि हम (एक्सिस बैंक) छोटे बैंक हैं. हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि हम बड़े बैंक बने ताकि हम किसी स्तर पर दूसरे बैंकों का अधिग्रहण कर सकें. हमारी जगह उदय कोटक इसके लिए ज्यादा सही हैं.

Yes Bank की सबसे बड़ी टेंशन-यस बैंक के खराब दिनों की शुरुआत उन दिनों से मानी जाती है जब बैंक के चेयरमैन राणा कपूर को आरबीआई की ओर से जबरन हटाया गया. तभी बैंक के कामकाज को लेकर भी कई निगेटिव खबरें आईं.

इसके बाद RBI ने स्विफ्ट कम्प्लाइंसेस में अनदेखी के कारण बैंक पर एक करोड़ रुपये की पेनल्टी भी लगाई. लेकिन बैंक के सामने सबसे बड़ी परेशानी क्यूआइपी को भी खरीदार नहीं मिलना थी. इससे निवेशकों का भरोसा बैंक से उठ गया. राणा कपूर बैंक को छोड़ चुके हैं. वहीं, अब वह अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं.

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First published: January 23, 2020, 2:54 PM IST
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