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SBI ने ग्राहकों के लिए फ्री की ये सर्विस, 31 दिसंबर तक नहीं वसूलेगा चार्ज

SBI ने ग्राहकों के लिए फ्री की ये सर्विस, 31 दिसंबर तक नहीं वसूलेगा चार्ज

SBI का न्यू ईयर तोहफा! बैंक ने ग्राहकों के लिए फ्री की ये सर्विस, 31 दिसंबर तक नहीं वसूलेगा चार्ज

SBI का न्यू ईयर तोहफा! बैंक ने ग्राहकों के लिए फ्री की ये सर्विस, 31 दिसंबर तक नहीं वसूलेगा चार्ज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने नए साल से पहले अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. बैंक ने 31 दिसंबर तक अपने चार्जेस को खत्म कर दिया है. आइए जानें क्या है पूरा मामला...

    देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) ने नए साल के मौके पर अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. बैंक ने होम लोन पर प्रोसेसिंग फीस जीरो कर दी है. मतलब साफ है कि अब ग्राहकों को होम लोन लेने के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा. आपको बता दें इस ऑफर का फायदा 31 दिसंबर तक की उठाया जा सकता है.

    खत्म की प्रोसेस फीस- जब आप लोन लेते हैं तो इससे जुड़े भी कई खर्च होते हैं. इसमें ब्याज का भुगतान, प्रोसेसिंग फीस, एडम‍िनिस्ट्र‍िटेटिव चार्जेज़, प्रीपेमेंट पेनल्टीज समेत अन्य शामिल हैं. एसबीआई ने लोन लेने से पहले लगने वाले इन चार्जेज़ को खत्म कर दिया है.

    बैंक की ओर दी गई जानकारी के मुताबिक, 31 दिसंबर तक होम लोन लेने वालों पर ये चार्ज अप्लाई नहीं होंगे. (ये भी पढ़ें-मुफ्त में 5 लीटर पेट्रोल भरवाने का आपके पास आज आखिरी मौका, यहां जानें इस ऑफर के बारे में...)



    होम लोन से जुड़े सवालों के जवाब

    कितना मिलेगा होम लोन- लोन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले इस बात का आंकलन करें कि आप की कमाई कितनी है और उस हिसाब से बैंक कितना लोन दे सकते हैं. आपकी लोन लेने की क्षमता उसे चुकाने की कैपेसिटी पर निर्भर करती है. यह आपकी मासिक कमाई, खर्च और परिजनों की कमाई, संपत्ति, देनदारी, आय में स्थिरता जैसे मसलों पर निर्भर करती है. (ये भी पढ़ें-SBI ग्राहक हो जाएं सावधान, जल्द बंद होने वाला है आपका डेबिट कार्ड!)

    बैंक सबसे पहले यह देखते हैं कि आप समय पर लोन चुका पाएंगे या नहीं. हर महीने आपके हाथ में जितनी अधिक रकम आएगी, आपके लोन की राशि उतनी बढ़ती जाएगी. आमतौर पर कोई बैंक या कर्ज देने वाली कंपनी यह देखती है आप मासिक आमदनी का 50 फीसदी लोन की किस्त के रूप में दे पाएंगे या नहीं. लोन की अवधि और ब्याज दर पर भी लोन अमाउंट निर्भर करता है. इसके अलावा बैंक लोन के लिए उम्र की ऊपरी सीमा भी फिक्स कर चलते हैं. (ये भी पढ़ें-SBI कार्ड गुम या चोरी हो जाने पर ऐसे तुरंत करें ब्लॉक, ये हैं पूरा प्रोसेस)

    लोन के लिए कौन से डॉक्युमेंट चाहिए- लोन के एप्लिकेशन फॉर्म में ही साथ लगाए जाने वाले डॉक्यूमेंट की चेकलिस्ट लगी होती है. इसके साथ ही आपको फोटो लगानी होती है. घर खरीदने के क़ानूनी कागजात से लेकर बैंक आपसे आइडेंटिटी और रेजिडेंस प्रूफ के साथ सैलरी स्लिप (ऑफिस से सत्यापित और खुद से अटेस्टेड) और फॉर्म 16 या आयकर रिटर्न के साथ बैंक का पिछले छह महीने की स्टेटमेंट तक देना पड़ता है. लोन देने वाले कुछ संस्थान लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी, शेयर के कागजात, एनएससी, म्युच्युअल फंड यूनिट, बैंक डिपॉजिट या दूसरे निवेश के कागजात भी गिरवी के तौर पर मांगते हैं. (ये भी पढ़ें-SBI ग्राहक ध्यान दें! बैंक बंद कर रहा है ये सर्विस, आज से नहीं निकाल पाएंगे पैसा)

    लोन मंजूर होना और जारी होने में क्या अंतर है- अगर बैंक ने आपका आवेदन स्वीकार कर लिया और उस हिसाब से लोन देने का फैसला कर लिया तो सैंक्शन लेटर में लोन की रकम, अवधि और ब्याज दरों आदि के बारे में जानकारी होती है. इसमें ही लोन की शर्त के बारे में जानकारी होती है. जब वास्तव में आपके हाथ में लोन की रकम आ जाती है तो इसे डिस्बर्समेंट कहते हैं.

    तकनीकी, कानूनी और वैल्युएशन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद होता है. सैंक्शन लेटर में जो अमाउंट है, आप उससे कम लोन लेने का फैसला कर सकते हैं. लोन पाते समय आपको अलॉटमेंट लेटर, टाइटल डीड की फोटोकॉपी, सेल एग्रीमेंट और इंकम्ब्रेन्स सर्टिफिकेट देना पड़ता है. आपके हाथ में जिस दिन लोन की रकम आई, उस दिन से ही उस पर ब्याज लगता है.

    अब ये मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स आधिरित लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) क्या हैं-लोन पर ब्याज दरें तय करने के लिए यह बैंकों द्वारा ईजाद किया गया एक नया तरीका है. पहले बैंक बेस रेट पर आधारित तरीके से ब्याज दरें तय करते थे. अब सिर्फ एमसीएलआर पर आधारित दर पर लोन मिलता है. 

    एमसीएलआर मोड में बैंक एक दिन, एक महीना, तीन महीने या छह महीने, एक साल, तीन साल के लिए एमसीएलआर रेट हर महीने तय करते हैं. इसके बाद इसमें बैंक स्प्रेड कंपोनेंट जोड़कर ब्याज दर तय करते हैं.

    मान लीजिए एक साल के लिए किसी बैंक का एमसीएलआर रेट 8 फीसदी है और उसका स्प्रेड 0 .5 फीसदी है तो वास्तव में लोन पर ब्याज दर 8 .5 फीसदी होगी. एमसीएलआर आधारित ब्याज दरों के मामले में बैंक एक साल में इसे रीसेट कर सकते हैं. घटते ब्याज दरों के इस दौर में तिमाही, छमाही रिसेट ऑप्शन बेहतर है, जिस पर आपका बैंक तैयार हो जाये. अगर ब्याज दरें बढ़ने लगती हैं तो इस मामले में आपको नुकसान हो सकता है. फिलहाल एक साल के लिए MCLR दरें 8.55 फीसदी हैं. वहीं, 2-3 साल के लिए दरें 8.65% और 8.75% है.

    Tags: Largest lender SBI, Sbi, SBI Bank, SBI has slashed charges, SBI loan, SBI PO Jobs, SBI Quick, Sbi share price

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