ग्राहक ध्यान दें! SBI ने FD कराने वालों के लिए शुरू की ये सर्विस, जानिए इसके बारे में सब कुछ...

SBI ने अपने ग्राहकों के लिए नई सुविधा शुरू की है. अब कोई भी ग्राहक एफडी से जुड़ा फॉर्म होम ब्रांच के अलावा किसी भी ब्रांच में जमा कर सकते हैं.

News18Hindi
Updated: July 14, 2019, 5:57 AM IST
ग्राहक ध्यान दें! SBI ने FD कराने वालों के लिए शुरू की ये सर्विस, जानिए इसके बारे में सब कुछ...
ग्राहक ध्यान दें! SBI ने FD कराने वालों के लिए शुरू की ये सर्विस
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Updated: July 14, 2019, 5:57 AM IST
सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में अगर आपका खाता है और आपने बैंक में एफडी कराई है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. क्योंकि बैंक अपने ग्राहकों को इससे जुड़ी एक खास सुविधा देता है. मतलब साफ है कि अब कोई भी ग्राहक फॉर्म 15G/15H होम ब्रांच के अलावा किसी भी ब्रांच में जमा कर सकते हैं. आपको बता दें कि बैंक में एफडी करने पर ब्याज पर टैक्स यानी TDS (Tax Deducted at Source) कटता है. TDS की कटौती तभी होती है जब एफडी और सेविंग बैंक अकाउंट से सालाना 50,000 रुपये तक का ब्याज मिलता है. इसके अलावा आप घर बैठे भी 15G और 15H फॉर्म जमा कर सकते हैं.

फॉर्म 15G और फॉर्म 15H क्या है - टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि फार्म 15G और फॉर्म 15H एक फार्म है जो आप अपने बैंक में जमा कर सकते हैं यह सुनिश्चित करने के लिए कि अगर आपके द्वारा अर्जित कुल आय पर कोई कर दायित्व नहीं है तो टीडीएस आपकी आय से कटौती नहीं की जाती है. यह फॉर्म हरेक साल जमा किए जा सकते हैं. इसलिए, हर साल आपको यह जांचना है कि आप इन फॉर्म को भरने के लिए पात्र हैं या नहीं, अर्थात किसी भी वर्ष अगर आपकी आय कर के लिए लायक है, तो आप पात्र नहीं हैं.



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बैंक में एफडी करने पर ब्याज पर टैक्स यानी TDS (Tax Deducted at Source) काटता है.


क्या है नियम- अगर किसी फाइनेंशियल ईयर के दौरान मिलने वाला ब्याज एक निश्चित सीमा से ज्यादा हो तो बैंक टीडीएस काटते है. वित्त वर्ष 2018-19 के लिए यह सीमा 10,000 रुपये थी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह 50,000 रुपये थी.मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 के लिए यह सीमा 40,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये है.

ऐसे घर बैठे जमा करें अपना 15G और 15H फॉर्म
>> सबसे ऊपर दिए नेविगेशन से e-Services पर क्लिक करें.
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>> स्क्रीन की बाईं ओर Submit 15G/H के ऑप्शन पर क्लिक करें.
>> उसमें से Form 15G या Form 15H कर क्लिक करें.

SBI की किसी भी ब्रांच में 15G और 15H फॉर्म जमा कर सकते हैं


>> CIF नंबर सिलेक्ट कर Submit बटन पर क्लिक करें. ब्रांच सिलेक्ट कर Submit करें.
>> अब आपके सामने फॉर्म आएगा. उसमें नाम, असेसमेंट इयर, एस्टिमेटेड टोटल इकन, टोटल नंबर >> ऑफ फॉर्म फील्ड भरें. डिक्लरेशन ऐक्स्पेटेंस सिलेक्ट करें और Submit बटन पर क्लिक करें.
>> इसके बाद 15G/H का वेरिफिकेशन जनरेट होगा. कंफर्म पर क्लिक करें.
>> इसके बाद मोबाइल पर SMS आए हाई-सिक्यॉरिटी पासवर्ड एंटर करें.
>> आपका -फॉर्म जनरेट कर Submit कर दें. इस फॉर्म की एक कॉपी डाउनलोड कर रख लें.

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जेल की सजा का प्रावधान- फॉर्म 15G में गलत डिक्लेयरेशन पर इनकम टैक्स ऐक्ट की धारा 277 के तहत पेनल्टी लग सकती है. टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि इस फॉर्म में गलत जानकारी देने पर तीन महीने से लेकर दो साल तक की कैद की सजा हो सकती है. जुर्माना अलग से लगेगा. अगर 25 लाख से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला हो तो सात साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है.
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