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आम्रपाली मामलाः अधूरे प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करेंगे बैंक, सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी तक प्रस्ताव जमा करने को कहा

इन हाउसिंग प्रोजेक्ट के अधर में लटकने से 40,000 घर खरीदारों को 8 साल बाद भी घर नहीं मिला है.

इन हाउसिंग प्रोजेक्ट के अधर में लटकने से 40,000 घर खरीदारों को 8 साल बाद भी घर नहीं मिला है.

आम्रपाली प्रोजेक्ट्स मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है. कोर्ट ने बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंकों के प्रतिनिधि को निर्देश दिया है कि वो इन अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए अपना प्रस्ताव जमा करें. इनके पास 18 जनवरी तक अपना प्रस्ताव जमा करने का मौका है.

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    नई दिल्ली. आम्रपाली केस में पर्याप्त फंडिंग जुटाने और अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supereme Court) ने सोमवार को इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और अन्य बैंकों के प्रतिनिधियों को कहा कि वो कोर्ट द्रवारा नियुक्त रीसिवर से मिलें. दरअसल, इसके पहले रीसिवर ने कोर्ट को बताया था कि बैंकों की तरफ से पर्याप्त रिस्पॉन्स नहीं आया है ताकि इन आम्रपाली प्रोजेक्ट्स (Amrapali Projects) को फाइनेंस किया जा सके. इसके बाद कोर्ट ने बैंकों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों से कहा है कि वे अपने अधिकारियों के साथ रीसिवर से मिलें और 18 जनवरी तक अपना प्रस्ताव जमा करें. आम्रपाली मामले पर हर सोमवार को सुनवाई हो रही है. बता दें कि इन हाउसिंग प्रोजेक्ट के अधर में लटकने से 40,000 घर खरीदारों को 8 साल बाद भी घर नहीं मिला है.

    आम्रपाली घर खरीदारों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील कुमार मिहिर ने बताया, ‘बैंकों द्रवारा आम्रपाली प्रोजेक्ट को फाइनेंस करने का मामला बहुत समय से लंबित है. इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकालना चाहिए. मामले से अवगत सुप्रीम कोर्ट लगातार बैंकों से कह रहा है कि वो अपने प्रस्ताव को तैया करें. इस मामले में भारतीय रिज़र्व बैंक को भी जानकारी दी गई है. एक बार यह मसला सुलझ जाता है तो आराम से इन आम्रपाली प्रोजेक्ट को पूरा करने समय पर डिलिवर किया जा सकेगा.‘

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    सुप्रीम कोर्ट ने रीसिवर से कहा है कि वो प्रोमोटर अनिल कुमार शर्मा द्रवारा दिए गए जवाबों को पढ़ें और तीन सप्ताह के भीतर फंड डाइवर्जन को लेकर अपनी रिपोर्ट जमा करें. इस मामले पर फरवरी के पहले सप्ताह में सुनवाई की जाएगी.

    आर के अग्रवाल पर अगली सुरवाई में फैसला
    सरकार की कंस्ट्रक्शन ईकाई NBCC अधूरे प्रोजेक्ट्रस को पूरा करने का जिम्मा संभाल रही है. एनबीसीसी ने कोर्ट को बताया कि एक्सपर्ट के तौर पर आर के अग्रवाल को लेकर एक नया सकुर्लर भी जारी किया है. अगर आर के अग्रवाल अप्लाई करते हैं तो एनबीसीसी के लिए प्रिंसिपल एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है. इस मामले पर कोर्ट 11 जनवरी यानी अगली सुनवाई के दिन लेगा. अग्रवाल एनबीसीसी के सीनियर डायरेक्टर हैं और वो ही आम्रपाली प्रोजेक्ट्स के कंस्ट्रक्शन का कार्य देख रहे थे. अब वो रिटायर हो चुके हैं.



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    सेंचुरियन पार्क के दुकानदारों को लेकर भी फैसला
    कोर्ट ने आम्रपाली के सेंचुरियन पार्क में दुकानदारों द्रवारा दुकानें खरीदने वालों के आवेदन पर भी सुनवाई किया. इस मसले पर कोर्ट ने दुकान खरीदारों और आम्रपाली का पक्ष सुना और उसके बाद आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर विशाल सेठी को निर्देश दिया कि वो अपना रिस्पॉन्स भी वकीलों के जरिए जमा करें. इस मामले की सुनवाई 18 जनवरी को होगी.

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