लाइव टीवी

बड़ी खबर! इन 32 कंपनियों के मालिकों के खिलाफ जारी हुआ गैर-जमानती वारंट, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

News18Hindi
Updated: October 22, 2019, 8:48 AM IST
बड़ी खबर! इन 32 कंपनियों के मालिकों के खिलाफ जारी हुआ गैर-जमानती वारंट, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट (नेटवर्क18 क्रिएटिव)

फ्रॉड ट्रेडिंग (Fraud Trading Practices) के आरोप में सेबी ने कई कंपनियों पर जुर्माना (Penalty on 32 Companies) लगाया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जुर्माने की रकम जल्द से जल्द भरने का आदेश दिया. इसके बाद भी 32 कंपनियों ने इस आदेश को नहीं माना.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2019, 8:48 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने मुंबई स्थित 32 कं​पनियों के प्रबंध निदेशकों (Managing Directors) को नियमों का पालन नहीं करने को लेकर गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया गया है. अगर ये सभी प्रबंध निदेशक आदेश का पालन नहीं करते हैं तो इन्हें कभी भी गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) द्वारा कोर्ट में पेश किया जा सकता है.

इन 32 डिफॉल्टर कंपनियों की लिस्ट में अक्षर मर्सेंटाइल, बीटा ट्रेडिंग, विनय मर्सेंटाइल, अनुप मल्टीट्रेड, अंशुल मर्सेंटाइल, एवरफेम ट्रेडिंग, हाईजोन ट्रेडिंग, इनऑर्बिट, ट्रेडिंग कंपनी, लक्ष्या मर्सेंटाइल, मैगीनॉट ट्रेडिंग, मॉट्रिल ट्रेडिंग, न्यूट्री मर्सेंटाइल, सर्वेश्वर ट्रेडिंग आदि का नाम है.

पेनाल्टी में देरी करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस रोहिंटन एफ नरीमन (Justice Rohinton F Nariman) द्वारा इन कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को वारंट जारी किया गया. कोर्ट ने आदेश में कहा है, 'इन कंपनियों के प्रबंध निदेशकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करें, जो कि 4 सप्ताह के लिए रिटर्नेबल हो.' इन सभी कंपनियों को अक्टूबर 2016 के एपेक्स कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 5-5 करोड़ रुपये पेनाल्टी के तौर पर जमा करना था. इन कंपनियों ने लगातार देर करते हुए अभी तक इस पेनाल्टी को नहीं जमा किया है.

ये भी पढ़ें: इनकम टैक्स स्लैब में हो सकते हैं बड़े बदलाव! ​जानिए आपको कितना मिलेगा फायदा

क्या है मामला
Loading...

गौरतलब है कि 2016 के फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने सेबी (SEBI) के साल 2013 के एक मामले से सहमति जताया था, जिसमें बैंक ऑफ राजस्थान के पूर्व प्रोमोटर समेत इन कंपनियों पर फ्रॉड तरीके से ट्रेड प्रैक्टिस का मामला सामने आया था. उस दौरान बाजार नियामक सेबी ने प्रवीण तायल, उनके भाई संजय तायल और नवीन तायल और बेटे सौरभ तायल पर 5—5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. आरोप था कि इन्होंने निवेशकों को बैंक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के बारे में गलत जानकारी देने का था.

सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचा तो यहां भी कोर्ट ने फौरन जुर्माना भरने को कहा. हालांकि, इन कंपनियों ने जुर्माना नहीं भरा, जिसके बाद सेबी 2017 में सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट की अवमानना को लेकर एक याचिका दायर की. सेबी ने इन कंपनियों को लेकर अखबार में नोटिस भी जारी किया. कोर्ट ने सितंबर में एक अंतिम मौका दिया, लेकिन 32 कंपनियों ने इसके बाद भी जुर्माना नहीं भरा. इसी के बाद कोर्ट ने कड़े शब्दों में नाराजगी जाहिर करते हुए प्रबंध निदेशकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है.

ये भी पढ़ें: खुशखबरी! धनतेरस से पहले सस्ता हुआ सोना, जानें 10 ग्राम का नया भाव

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 22, 2019, 8:15 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...