आम्रपाली के बाद NBCC अब जेपी ग्रुप के प्रोजेक्ट्स की ले सकता है जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आम्रपाली प्रोजेक्ट (Amrapali Projects) को NBCC के हवाले करने के बाद अब जेपी के प्रोजेक्ट्स पूरे करने की ज़िम्मेदारी लेने के लिए NBCC को नोटिस जारी किया है.

भाषा
Updated: September 3, 2019, 3:18 PM IST
आम्रपाली के बाद NBCC अब जेपी ग्रुप के प्रोजेक्ट्स की ले सकता है जिम्मेदारी
जेपी के प्रोजेक्ट्स पूरे करने की ज़िम्मेदारी
भाषा
Updated: September 3, 2019, 3:18 PM IST
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली प्रोजेक्ट (Amrapali Projects) को NBCC के हवाले करने के बाद अब जेपी के प्रोजेक्ट्स पूरे करने की ज़िम्मेदारी लेने के लिए NBCC को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नोटिस में NBCC से कहा है कि वो बताए कि क्या वो ये ज़िम्मेदारी निभाने को राजी है या नहीं? NBCC को कोर्ट ने दो दिनों में अपना रुख बताने को कहा है. जेपी मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि वो जेपी इंफ्राटेक पर करोड़ों रुपये के कर बकाए में छूट देने को राजी है अगर NBCC इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की ज़िम्मेदारी ले.

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कोर्ट से गुजारिश करते हुए जेपी ग्रुप कहा कि उसे एक बार जेपी इंफ्राटेक को फिर से खड़ा होने का मौका देना चाहिए. क्योंकि वो सभी ऋणदाता बैंकों को बकाया लौटाने और सभी अधूरे प्रोजेक्ट्स तीन साल में पूरे करने को तैयार है. लेकिन कोर्ट ने कहा कि वो पहले NBCC को सारे अधूरे प्रोजेक्ट्स देने के विकल्प पर ही विचार करना चाहता है.

केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल माधवी दीवान ने कहा कि विभिन्न दावेदारों के साथ केन्द्र की तीन बैठकें हुयी हैं और यह निर्णय लिया गया है कि वह जेपी समूह को कर में रियायत देने और किसानों का मुआवजा बढ़ाने के लिये तैयार है बशर्ते एनबीसीसी को अधूरी परियोजनाएं पूरी करने दिया जाये.

जेपी समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरिमन और अनुपम लाल दास ने कहा कि एनबीसीसी को अगर परिवर्तित प्रस्ताव देने की अनुमति दी जाती है तो उसे इसमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन समूह को भी अपना प्रस्ताव देने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि वह बकायदारों की रकम लौटाना चाहती है और सभी अधूरी परियोजनाओं को तीन साल के भीतर पूरा करना चाहती है.

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नरिमन ने कहा कि एनबीसीसी के प्रस्ताव पर गौर करते समय उसके इस विकल्प पर भी विचार किया जाना चाहिए. पीठ ने इस मामले में यथास्थिति की अवधि अगले आदेश तक बढाने के साथ ही इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार के लिये स्थगित कर दी.

शीर्ष अदालत ने 22 अगस्त को नकदी संकट से जूझ रहे जेपी इंफ्राटेक के लिये नयी बोलियां लगाने की अनुमति देने संबंधी राष्ट्रीय कंपनी विधिक अपीलीय न्यायाधिकरण के 30 जुलाई के आदेश को चुनौती देने वाली जेपी समूह की याचिका पर सुनवाई के बाद दिवालिया घोषित करने की कार्यवाही पर एक सप्ताह के लिये यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था.

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First published: September 3, 2019, 12:54 PM IST
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