Home /News /business /

आम्रपाली ग्रुप पर सख्त हुआ SC! तीन डायरेक्टर्स को भेजा जेल, कहा- बहुत हुई लुकाछिपी

आम्रपाली ग्रुप पर सख्त हुआ SC! तीन डायरेक्टर्स को भेजा जेल, कहा- बहुत हुई लुकाछिपी

सुप्रीम कोर्ट की आम्रपाली ग्रुप पर कड़ी कार्रवाई! तीन डायरेक्टर को पुलिस कस्टडी में भेजा

सुप्रीम कोर्ट की आम्रपाली ग्रुप पर कड़ी कार्रवाई! तीन डायरेक्टर को पुलिस कस्टडी में भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने लुका-छिपा का खेल न खेलने की नसीहत देते हुए आम्रपाली के तीन डायरेक्टर्स अनिल शर्मा, शिवप्रिय और अजय कुमार को पुलिस बुलाकर कस्टडी में भेज दिया.

    सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली बिल्डर्स के तीन डायरेक्टर को हिरासत में लेने का आदेश दिया है. सुप्रीम  कोर्ट ने लुका-छिपा का खेल न खेलने की नसीहत देते हुए आम्रपाली के तीन निदेशकों अनिल शर्मा, शिवप्रिय और अजय कुमार को पुलिस बुलाकर कस्टडी में भेज दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक सारे दस्तावेज़ ऑडिटर्स को उपलब्ध नहीं कराते तब तक डायरेक्टर्स पुलिस हिरासत में रहेंगे.

    बता दें कि आम्रपाली ग्रुप के अधूरे आवासीय प्रोजेक्ट और आदेशों की नाफरमानी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने और सख्त रुख अपनाया है.

    क्या है मामला?

    आम्रपाली ग्रुप के अधूरे आवासीय प्रोजेक्ट और आदेशों की नाफरमानी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने और सख्त रुख अपनाया है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई.

    जस्टिस अरुण मिश्र और जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए आम्रपाली ग्रुप के सारे दस्तावेज फोरेंसिक ऑडिटर को नहीं सौंपे जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा, 'हमारे साथ हाइड एंड सीक ना खेले. बिल्डर जान-बूझकर आदेशों का पालन नहीं कर रहा है. ये पूरी तरह कोर्ट की गरिमा के साथ खिलवाड़ है.'


    कोर्ट ने आदेस दिया कि दस्तावेज सौंपे जाने तक वे लोग (डायरेक्टर्स) पुलिस हिरासत में ही रहेंगे. पुलिस हिरासत में भेजे गए डायरेक्टर्स के नाम अनिल शर्मा, शिव प्रिय और अजय कुमार हैं.

    (ये भी पढ़ें-पोस्ट ऑफिस की इन स्कीम में मिल रहा 8.5% तक का मुनाफा, उठा सकते हैं फायदा)



    सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि 2015 के बाद अब तक आम्रपाली की 46 कंपनियों के सभी खातों की डिटेल कोर्ट को क्यों नहीं सौंपी गई. 10 दिन के सभी एकाउंट की बैलेंस शीट सौंपने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने फोरेंसिक ऑडिटर को निर्देश था दिया कि वो 60 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपे कि कितनी रकम का कैसे गबन हुआ है. (ये भी पढ़ें-सस्ते में सोना खरीदने का मौका! 15 अक्टूबर से स्कीम शुरू, ज्यादा मुनाफे के साथ मिलेंगे ये फायदें)

    पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ग्रुप की 16 संपत्ति नीलाम होगी, जबकि सभी 46 कंपनियों और उनके सभी निदेशकों की संपत्ति का फोरेंसिक ऑडिट होगा. इसके साथ ही कोर्ट ने आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा को चार दिनों में अपनी संपत्तियों का ब्यौरा हलफनामे में देने का आदेश दिया था.

    कोर्ट ने अनिल शर्मा से ये भी पूछा था 2014 में चुनाव आयोग में दाखिल किए गए हलफनामे में 867 करोड़ की बताई गई, संपत्ति 2018 में 67 करोड़ कैसे हो गई? कोर्ट से जानकारी क्यों छिपाई?'

    Tags: Business news in hindi, Indian real estate sector, Real estate, Real estate market

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर