कौन है बिड़ला खानदान के यश बिड़ला, जिन पर सेबी ने लगाया प्रतिबंध

बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन यशोवर्धन बिड़ला
बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन यशोवर्धन बिड़ला

बिड़ला ग्रुप का नाम आज के समय में कौन नहीं जानता. बिड़ला परिवार भारत के मशहूर बिज़नेस परिवारों में से एक है, उन्हीं में से एक हैं यशोवर्धन बिड़ला. आइए जानते हैं कौन यश बिड़ला जिन पर सेबी ने लगया प्रतिबंध.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 10:09 AM IST
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पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने यश बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन यशोवर्धन बिड़ला (Yashovardhan Birla) पर 2 साल के लिए पूंजी बाजार से लेनदेन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह कार्यवाई उन पर 2011 में बिड़ला पेसिफिक मेडस्पा के आईपीओ द्वारा कलेक्ट किये गए धन और स्टॉक की कीमतों में हेरफेर करने के लिए की गई है. सेबी ने इसी मामले से जुड़े कई अन्य लोगों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. बता दें कि इस महीने की शुरुआत में एक अन्य मामले में सेबी ने यश तीन अन्‍य लोगों पर दो साल के लिए बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था. इन लोगों पर यह रोक बिड़ला कोटसिन (इंडिया) लि. (बीसीआईएल) द्वारा वर्ष 2010 में ग्‍लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (जीडीआर) जारी करने में की गई अनियमितता के कारण लगाई गई है.

ये हैं आरोप
सेबी द्वारा जारी 61 पन्ने के एक आदेश के अनुसार, बिड़ला मेड़स्पा के पूरे टाइम मेम्बर रहे अन्नत बरुआ ने 2011 में 65 करोड़ की आपीओ दिखाई थी, और ये शेयर उसी साल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किए गए थे. लिस्टिंग के थोड़े दिन बाद ही बिड़ला मेड़स्पा द्वारा फंड का एक बड़ा हिस्सा किसी संस्था को ट्रांसफर किया गया था. जिसने इसे GRD सिक्योरिटीज को ट्रांसफर कर दिया, और इसी ब्रोकर ने कंपनी के स्टॉक लिस्टिंग के पहले दिन ही इसके शेयर को खरीद लिया था. इससे पता चलता है कि फंड ट्रांसफर को छुपाने के लिए इसे कई तरह से ट्रांसफर किया गया.

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आइए जानते हैं कौन यश बिड़ला


बिड़ला ग्रुप का नाम आज के समय में कौन नहीं जानता. बिड़ला परिवार भारत के मशहूर बिज़नेस परिवारों में से एक है, उन्हीं में से एक हैं यशोवर्धन बिड़ला. यशोवर्धन बिड़ला मशहूर उद्योगपति अशोक बिड़ला के बेटे हैं जिनकी 1990 में एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई. इस दुर्घटना में यश मां और बहन की भी जान चली गई थी. उस समय यश की उम्र महज 23 साल थी और वे अमरीका के नॉर्थ कैरोलाइना में एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे. पिता के गुजर जाने के बाद 800 करोड़ रुपए के बिज़नेस की ज़िम्मेदारी यश के कंधों पर आ गई. बता दें कि यशोवर्धन बिड़ला सूर्या लिमिटेड के भी डायरेक्‍टर हैं, जो बैंक का 67.65 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने में विफल रही है.

2013-14 आते-आते शुरु हुआ बिज़नेस का बुरा दौर
उस समय यश के पास बिड़ला कैपिटल ऐंड फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़, बिड़ला कॉट्सिन (इंडिया), बिड़ला पैसिफ़िक मेडस्पा, बिड़ला पावर सॉल्यूशंस, बिड़ला प्रिसीज़न टेक्नॉलजीज़, बिड़ला श्लोका एजुटेक, मेल्स्टॉर इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजीज़ और ज़ेनिश बिड़ला (इंडिया) थी. लेकिन 1990 के बाद ऐसा क्या हुआ कि 2013-14 आते-आते बिज़नेस बुरे दौर में पहुंच गया. यश बिड़ला ने बताया कि उनकी कंपनियों की "धीमी रफ़्तार" का कारण था कि उनका बिज़नेस उनके सलाहकार चलाते थे, और इन सलाहकारों को भेजने वाली थीं उनकी बड़ी आंट प्रियंवदा बिड़ला और बिड़ला ख़ानदान के दूसरे लोग जिन्हें बिज़नेस में कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं थी.

यश कहते हैं, जब तक मुझे अपनी टीम मिली, तब तक आठ-नौ साल गुज़र चुके थे. इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, केमिकल्स, वेलनेस, लाइफ़स्टाइल, आईटी आदि सेक्टरों से जुड़ी उनकी 20 कंपनियों का सालाना बिज़नेस 3000 करोड़ रुपये के आसपास था और टैक्स काटने से पहले कंपनियों का मुनाफ़ा 1,000 करोड़ रुपये के क़रीब था. साल 2014 में ख़बर आई कि कथित आर्थिक गड़बड़ियों के लिए यश बिड़ला के ख़िलाफ़ जांच की जा रही है.

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परदादा के बैंक ने किया विलफुल डिफॉल्टर घोषित
पिछले साल यशोवर्धन बिड़ला को उनकी कंपनी सूर्या लिमिटेड द्वारा यूको बैंक का 67.65 करोड़ रुपए नहीं चुकाने के लिए विलफुल डिफॉल्‍टर घोषित किया था. गौर करने वाली बात ये है कि यूको बैंक की स्थापना घनश्यामदास बिड़ला ने की थी. घनश्यामदास बिड़ला, यशोवर्धन बिड़ला के परदादा रामेश्वरदास बिड़ला के भाई थे.

बॉडी बिल्डिंग के शौक़ीन हैं यश
यश को सबसे ज्यादा बॉडी बिल्डिंग का शौक है. अगर उनके इंस्टाग्राम पेज को खोल के देखें तो वो बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, एब्स दिखाती तस्वीरों से भरा पड़ा है.
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