सेबी की हरकतों के खिलाफ पहली बार किसी ट्रिब्यूनल ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली, जानिए क्या है मामला

सेबी ने कहा कि जब तक टेक्निकल सदस्य नहीं होगा, ट्रिब्यूनल के ऑर्डर को नहीं मानेंगे.

सेबी ने कहा कि जब तक टेक्निकल सदस्य नहीं होगा, ट्रिब्यूनल के ऑर्डर को नहीं मानेंगे.

सेबी और ट्रिब्यूनल के बीच कार्वी ब्रोकर मामले पर ठनी, सैट (SAT) का आरोप - सेबी उठा रहा था कानूनी खामी का फायदा

  • Share this:

नई दिल्ली. शेयर मार्केट रेगुलेटर सेबी की हरकतों से अपीलेट बॉडी सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) भी तंग आ चुकी है. उसने न केवल सेबी को जमकर फटकार लगाई है बल्कि, सुप्रीमकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर दी है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोई ट्रिब्यूनल रेगुलेटर के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर करे.

पीआईएल दायर करने का मामला भी बेहद दिलचस्प है. शेयर ब्रोकिंग फर्म कार्वी ब्रोकर जब डिफॉल्ट हुआ, तब इसने ग्राहकों का शेयर डीमैट से निकाल एनएसई (NSE) को दे दिया. ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रोकर को मार्जिन देना होता है. एक्सिस बैंक ने इसके लिए गारंटी दी थी. जब ब्रोकर डिफॉल्ट हुआ तो एनएसई ने बैंक की गारंटी जब्त कर ली. एक्सिस बैंक ने कहा कि चूंकि यह एक धोखाधड़ी का मामला है, इसलिए इसमें बैंक गारंटी जब्त नहीं हो सकती है. एनएसई ने बैंक की एक भी न सुनी और उसकी सभी दलीलें ठुकरा दी. इस मामले में सेबी ने एनएसई का साथ दिया.

यह भी पढ़ें : नौकरी की बात : महामारी में साइकोमेट्रिक्स टेस्ट और वर्चुअल इंटरव्यू की ट्रिक से पक्की करें अपनी जॉब

बैंक ने अपनी गारंटी रिकवर करने के लिए ट्रिब्यूनल में की अपील
सेबी के फैसले पर एक्सिस बैंक ने अपनी गारंटी रिकवर करने के लिए ट्रिब्यूनल में अपील की. मामले की सुनवाई हुई तो सेबी ने इसमें कानूनी दांव खेलना शुरू कर दिया. सेबी ने एक एफिडेविट देकर कहा कि SAT के अंदर दो ज्यूडिशियल सदस्य और एक टेक्निकल सदस्य होना चाहिए. टेक्निकल सदस्य 31 मार्च को रिटायर हो गए थे. सेबी ने कहा कि जब तक टेक्निकल सदस्य नहीं होगा, हम ट्रिब्यूनल के ऑर्डर को नहीं मानेंगे.

यह भी पढ़ें : Success Story : कचरा बीनने वालों के साथ काम कर हैंडबैग बनाए, आज 100 करोड़ का टर्नओवर 3591311




केंद्र सरकार भी लपेटे में, ट्रिब्यूनल ने कहा - सदस्य की नियुक्ति करे या नियम बदले

ट्रिब्यूनल ने कहा कि सदस्य की नियुक्ति करने का अधिकार सरकार का है और यह सरकार जब करेगी तब करेगी. लेकिन इससे हमारे फैसले पर कोई असर नहीं होना चाहिए. पिछले दिनों सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने सेबी को जमकर लताड़ लगाई और इसके साथ ही उसका ऑर्डर रिजेक्ट कर दिया. अब ट्रिब्यूनल ने सोमवार को एक 44 पेज का ऑर्डर जारी किया. इसमें उसने कहा कि वित्त मंत्रालय या तो टेक्निकल सदस्य की नियुक्ति करे या नियम बदले.

इसी ऑर्डर में सेबी की शिकायत

ट्रिब्यूनल ने इसी ऑर्डर में सेबी की शिकायत भी की है. इससे पहले 6 मई को सेबी ने सीधे तौर पर कहा था कि जो SAT ट्रिब्यूनल है वह कानूनी तौर पर सही गठित नहीं है. इस पर ट्रिब्यूनल ने काफी लताड़ लगाई और मामले की सुनवाई अगले दिन की. SAT ने ऑर्डर में कहा है कि रजिस्टर्ड कापी सुप्रीमकोर्ट में भेजी जाए और इसे सेबी के खिलाफ PIL मानी जाए.

यह भी पढ़ें : Success Story : माता-पिता की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ टीपीए बिजनेस किया, अब 3000 करोड़ का पोर्टफोलियो


हाईकोर्ट के जैसा है ट्रिब्यूनल

दरअसल ट्रिब्यूनल का पावर जो है वह हाईकोर्ट के जैसा है. क्योंकि SAT से कोई भी केस रिजेक्ट होती है तो उसके खिलाफ अपील सुप्रीमकोर्ट में ही होती है. वैसे यह पहली बार नहीं है. SAT ने ऐसे कई मामलों में सेबी को जमकर लताड़ लगाई है. सेबी हर बार ट्रिब्यूनल में होने वाली सुनवाई में इसी तरह की दलीलें रखता है. जिससे इस बार ट्रिब्यूनल ने इसे गंभीर मानकर सीधे सुप्रीमकोर्ट में सेबी की शिकायत कर दी है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज