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Big Decision : Amazon को झटका, SEBI ने रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप के सौदे को दी मंजूरी

सेबी ने फ्यूचर ग्रुप को रिलायंस को अपनी परिसंपत्ति बेचने की योजना की मंजूरी दे दी है.
सेबी ने फ्यूचर ग्रुप को रिलायंस को अपनी परिसंपत्ति बेचने की योजना की मंजूरी दे दी है.

अमेजन (Amazon) को झटका देते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप (Future Group) को अपनी परिसंपत्ति रिलायंस (Reliance) को बेचने की योजना को मंजूरी दे दी है. सेबी की 24,713 करोड़ रुपये के इस सौदे पर मुहर से रिलायंस-फ्यूचर को बड़ी राहत मिली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 6:12 PM IST
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मुंबई. अमेजन (Amazon) को झटका देते हुए पूंंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप (Future Group) को अपनी संपत्ति रिलायंस (Reliance) को बेचने की योजना को मंजूरी दे दी है. सेबी की 24,713 करोड़ रुपये के इस सौदे पर मुहर से रिलायंस-फ्यूचर को बड़ी राहत मिली है. बता दें कि अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन लगातार रिलायंस-फ्यूचर सौदे का विरोध कर रही है. अमेजन ने सौदे के विरोध में सेबी, स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य रेग्‍युलेटरी एजेंसियों को कई खत लिख थे. पत्रों में अमेजन ने सौदे को अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया था. अमेजन के अनुरोध को दरकिनार करते हुए सिक्‍योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने कुछ शर्तों के साथ इस सौदे को मंजूरी दे दी है.

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) रिलायंस-फ्यूचर सौदे को पहले ही मंजूरी दे चुका है. अब सेबी की मंजूरी के बाद एनसीएलटी (NCLT) की मंजूरी मिलना बाकी है. सेबी ने सौदे की पूरी जानकारी फ्यूचर के शेयरहोल्डर्स के साथ साझा करने का आदेश भी जारी किया है. फ्यूचर-रिलायंस ग्रुप के इस सौदे पर सेबी की अनुमति अदालत में लंबित मामलों के नतीजों पर निर्भर करेगी. गौरतलब है कि फ्यूचर कंपनी बोर्ड ने रिलायंस रिटेल को संपत्ति बेचने के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसे 21 दिसंबर के फैसले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने वैध करार दिया था. कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल और रिलायंस रिटेल के सौदे को प्रथम दृष्टया कानूनी रूप से सही माना था.

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अमेजन की यह थी आपत्ति
अमेजन ने 2019 में फ्यूचर कूपन्स की 49 फीसदी हिस्सेदारी 2,000 करोड़ रुपये में ली थी. डील में एक शर्त यह भी थी कि किसी दूसरी कंपनी के साथ सौदा करने से पहले फ्यूचर अमेजन को बताएगा. अमेजन के मना करने पर ही फ्यूचर किसी दूसरे को होल्डिंग बेच सकेगी. अमेजन ने फ्यूचर के साथ हुई इस डील में कुल तीन समझौते किए थे. उसपर दिल्ली हाईकोर्ट ने एफडीआई नीति का हवाला देते हुए कहा था, 'लगता है कि इन समझौतों का इस्तेमाल फ्यूचर रिटेल पर नियंत्रण के लिए किया गया और वो भी बिना किसी सरकारी मंजूरी के. यह फेमा-एफडीआई नियमों के खिलाफ है.'

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सिंगापुर के आर्बिट्रेशन सेंटर के फैसले का असर
अमेजन ने फ्यूचर-रिलायंस डील के खिलाफ सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर में याचिका दायर की थी. आर्बिट्रेशन सेंटर ने पिछले साल 25 अक्टूबर को फ्यूचर-रिलायंस डील पर रोक लगा दी थी, लेकिन फ्यूचर का कहना है कि आर्बिट्रेशन सेंटर का फैसला उस पर लागू नहीं होता. रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहयोगी कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने अगस्त 2020 में फ्यूचर ग्रुप के रिटेल एंड होलसेल बिजनेस और लॉजिस्टिक्स एंड वेयरहाउसिंग बिजनेस के अधिग्रहण का ऐलान किया था. इस डील के बाद फ्यूचर ग्रुप के बिगबाजार (Big Bazaar) ब्रांड के तहत 420 शहरों में फैले 1,800 से अधिक स्टोर्स तक रिलायंस की पहुंच बन जाती.
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