SEBI ने निवेशकों को दी राहत, IPO प्रक्रिया के लिए SMS अलर्ट लागू करने की समय सीमा बढ़ाई

SEBI

SEBI

SEBI ने बुधवार को आईपीओ के दौरान आवेदन किये गये शेयरों और आवंटित शेयरों को लेकर यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के तहत एसमएस एलर्ट से संबंधित दिशानिर्देश के क्रियान्वयन को लेकर और समय दे दिया.

  • Share this:

नई दिल्ली: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बुधवार को आईपीओ के दौरान आवेदन किये गये शेयरों और आवंटित शेयरों को लेकर यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के तहत एसमएस एलर्ट से संबंधित दिशानिर्देश के क्रियान्वयन को लेकर और समय दे दिया. इसके साथ ही यूपीआई प्रणाली के जरिये आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के संदर्भ में स्वचालित वेब पोर्टल स्थापित करने की समयसीमा भी बढ़ा दी गयी है.

देशभर में फैली कोविड महामारी के कारण अनिश्चितता को बताते हुए संबंधित पक्षों ने नियामक से सिस्टम में बदलाव को लेकर अतिरिक्त समय मांगा था. सेबी ने एक सर्कुलर के जरिये बताया कि ऑटोमेटिक वेब पोर्टल के लिये नये नियम अब एक अक्टूबर, 2021 से अस्तित्व में आएंगे जबकि एसएमएस एलर्ट से संबंधित नियम एक जनवरी, 2022 से प्रभाव में आएंगे. हालांकि, पहले नई व्यवस्था को एक मई, 2021 से बाजार में आने वाले आईपीओ के लिये प्रभाव में आना था.

यह भी पढ़ें: आपके पास भी है राशन कार्ड तो मिलेंगे 4000 रुपये कैश, 2.7 करोड़ लोगों को मिल रहा पैसा!

एसएमएस अलर्ट को लेकर सेबी ने कहा कि सेल्फ सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंक (SCSB) को निर्धारित प्रारूप में यूपीआई के वास्तविक ब्लॉक/डेबिट/अनब्लॉक के दौरान एसएमएस अलर्ट भेजना जारी रखना होगा. नियामक ने कहा कि 1 जनवरी, 2022 से IPO के लिए आवेदन किए गए आवंटित या गैर-आवंटित शेयरों की कुल संख्या की जानकारी एसएमएस में शामिल होगी.
व्यवसाय करने में आसानी के लिए सेबी ने क्लोज्ड यूजर ग्रुप (CUG) संस्थाओं के लिए प्रायोजक बैंकों द्वारा होस्ट किए जाने वाले एक वेब पोर्टल का निर्धारण किया. अब यह फैसला किया गया है कि 1 अक्टूबर, 2021 को या उसके बाद खुलने वाले पब्लिक इशू के लिए CUG संस्थाओं के साथ उचित परीक्षण और मॉक ट्रायल के बाद ऑटोमेटिक वेब पोर्टल लाइव और चालू होगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज