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जानिए ऐसा क्या हुआ कि SEBI को खंगालनी पड़ी मैट्रिमोनियल साइट

भाषा
Updated: December 8, 2019, 7:37 PM IST
जानिए ऐसा क्या हुआ कि SEBI को खंगालनी पड़ी मैट्रिमोनियल साइट
भारतीय प्रतिभूति एवं बाजार नियामक

किसी भी बड़े सौदे से पहले शेयरों के भाव को अपनी सहूलियत के हिसाब से गिराने और चढ़ाने के अरोप में सेबी ने जांच की है. इसी प्रक्रिया में मैट्रिमोनियल साइट पर संदिग्ध की प्रोफाइल की भी जांच की गई.

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नई दिल्ली. बड़े सौदों से पहले शेयरों के भाव गिरा - चढ़ाकर लाभ कमाने के मामले में बाजार नियामक सेबी ने संदिग्ध लोगों का पता लगाने के लिये वैवाहिक प्रोफाइल खंगालने शुरू किए हैं ताकि परिवार के साथ उनके संबंधों को उजागर किया जा सके.

फेसबुक अकाउंट की भी जांच
सेबी ने शेयरों के दाम में हेर - फेर करने वालों को पकड़ने के लिए यह कदम उठाया है. बाजार नियामक ने भेदिया कारोबार से जुड़े मामले में संदिग्ध लोगों के फेसबुक अकाउंट्स की जांच - पड़ताल भी की है.

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इस साइट पर की गई प्रोफाइल की जांच
फिडेलिटी समूह की इकाइयों के कुछ फंडों के भाव को चढ़ाने के मामले में सेबी ने वैवाहिक वेबसाइट www.jainshubhbandhan.com पर ट्रेडर वैभव धड्डा के प्रोफाइल की जांच की ताकि परिवार के सदस्यों के साथ उसका संबंध स्थापित किया जा सके. सेबी ने पांच दिसंबर के अंतरिम आदेश में कहा कि वेबसाइट में वैभव को अल्का धड्डा का पुत्र बताया गया है.

बड़े सौदे से पहले शेयर भाव को प्रभावित करने का आरोप इसके अलावा , उसके पासपोर्ट में भी माता के नाम में अल्का का जिक्र है. सेबी ने बड़े सौदे से पहले शेयरों की खरीदी या बिक्री करके भाव को चढ़ाकर या उतारकर लाभ कमाने के मामले में वैभव के साथ - साथ उसकी मां अल्का और बहन आरुषि को पूंजी बाजार में कारोबार करने से रोक दिया है.

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15 दिन में 1.86 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश
नियामक ने परिवार के सदस्यों को संयुक्त रूप से राष्ट्रीयकृत बैंक में एस्क्रो खाता खोलने और कथित गैरकानूनी गतिविधियां के जरिए अर्जित 1.86 करोड़ रुपये को 15 दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है.

सेबी को जांच में क्या मिला
सेबी ने जांच में पाया कि फिडेलिटी समूह की ओर से ट्रेडर होने के नाते वैभव के पास फिडेलिटी समूह की इकाइयों के कारोबार से जुड़ी ऐसी जानकारियां थी , जो कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थी।

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First published: December 8, 2019, 7:37 PM IST
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