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सेबी का धोखाधड़ी रोकने का प्रयास, लिस्टेड कंपनियों के फॉरेंसिक ऑडिट के लिए 16 इकाइयों का पैनल बनाया

 धोखाधड़ी को रोकने के लिए Sebi की नई पहल

धोखाधड़ी को रोकने के लिए Sebi की नई पहल

सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के फॉरेंसिक ऑडिट के लिए 16 इकाइयों का पैनल बनाया. इसमें बीडीओ इंडिया, अनर्स्ट एंड यंग और डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया सहित 16 इकाइयां शामिल हैं. यह पैनल लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय लेखे-जोखे का फॉरेंसिक ऑडिट करेगा. धोखाधड़ी को रोकने के लिए नियामक ने यह कदम उठाया है.

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    नई दिल्ली . भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) सूचीबद्ध कंपनियों के फॉरेंसिक ऑडिट के लिए 16 इकाइयों का पैनल बनाया. इसमें बीडीओ इंडिया, अनर्स्ट एंड यंग और डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया सहित 16 इकाइयां शामिल हैं. यह पैनल लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय लेखे-जोखे का फॉरेंसिक ऑडिट करेगा. धोखाधड़ी को रोकने के लिए नियामक ने यह कदम उठाया है.

    पैनल में शामिल अन्य इकाइयों में चतुर्वेदी एंड कंपनी, चोकसी एंड चोकसी एलएलपी, ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी, हरिभक्ति एंड कंपनी एलएलपी, केपीएमजी एश्योरेंस एंड कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी, मुकुंद एम चिताले एंड कंपनी तथा प्रोवटिविटी इंडिया मेंबर्स प्राइवेट लि. शामिल हैं.

    मई में आवेदन आमंत्रित किए थे 
    एक सार्वजनिक नोटिस के अनुसार पैनल में राजवंशी एंड एसोसिएट्स, रवि राजन एंड कंपनी एलएलपी, एसकेवीएम एंड कंपनी, सुरेश के झा एंड कंपनी, टीआर चड्ढा एंड कंपनी तथा वी सिंघी एंड एसोसिएट्स को भी शामिल किया गया है.

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    सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय बही-खाते के फॉरेंसिक ऑडिट के लिए पैनल बनाने को मई में पात्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए थे. इसके बाद उपरोक्त कंपनियों का पैनल बनाया गया है.

    सेबी ने हाल के महीनों में कई कंपनियों के फॉरेंसिंक ऑडिट का आदेश दिया है. अक्टूबर, 2020 में सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों से फॉरेंसिक ऑडिट शुरू करने की जानकारी का खुलासा शेयर बाजारों से करने को कहा था.

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    सेबी ने Adani Wilmar का IPO रोका
    सेबी ( SEBI) ने दिग्गज उद्योगपति गौतम अडाणी की कंपनी Adani WilmarLtd ( AWL) का 4500 करोड़ रुपये का आईपीओ फिलहाल रोक दिया है. सेबी ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है. कंपनी ने आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज 3 अगस्त को दाखिल किया था. सेबी की वेबसाइट पर अपलोड की गई 13 अगस्त की सूचना में कहा गया है कि अडानी विलमार का आईपीओ के Observation को जारी करने पर फिलहाल रोक है. सेबी के Observation जारी करने का मतलब कंपनी को आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ने की है.

    अडाणी विल्मार का सालाना टर्नओवर 30 हजार करोड़
    अडाणी विल्मार अडाणी ग्रुप और सिंगापुर की विल्मर की ज्वाइंट वेंचर हैं जिसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी है. इस कंपनी की शुरुआत 1999 में हुई थी और यह फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाना पकाने वाला तेल और चावल व चीनी जैसे अन्य खाद्य उत्पादों की बिक्री करती है. इसके अलावा यह साबुन, हैंडवाश और हैंड सैनिटाइजर की भी बिक्री करती अडाणी विल्मार का सालाना टर्नओवर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है जिसमें 24 हजार करोड़ रुपये एडिबल ऑयल बिजनेस से हैं और अब इसने एफएमसीजी सेक्टर की प्रमुख कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है.

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