बंद होने वाली हैं कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स, जानिए क्‍या होगा आपके पैसे का...

बंद होने वाली हैं कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स, जानिए क्‍या होगा आपके पैसे का...
जल्द बंद हो सकती है ये म्यूचुअल फंड स्कीम्स, अब क्या करें निवेशक

जल्द बंद हो सकती है ये म्यूचुअल फंड स्कीम्स, अब क्या करें निवेशक

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2017, 8:01 AM IST
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आने वाले दिनों में हो सकता है कि म्यूचुअल फंड की कई सारी स्कीम बंद हो सकती है. दरअसल सेबी पैनल ने सिफारिश कि है एक म्यूचुअल फंड हाउस की एक जैसी स्कीम बंद की जानी चाहिए. अगर सेबी की बात मानी जाती है तो आने वाले दिनों में म्यूचुअल फंड स्कीम घटकर आधी रह सकती है. आपकों बता दें कि फिलहाल इस वक्त करीब 2000 म्यूचुअल फंड स्कीम बाजार में है.
रूंगटा सेक्योरिटीज के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि सेबी पैनल की सिराफिश के चलते म्यूचुअल फंड्स घटाकर आधे करने की तैयारी की जा रही है. सेबी पैनल ने एक कैटगरी में एक जैसी स्कीम्स बंद करने का सुझाव दिया गया है. फिलहाल 2000 से ज्यादा तरह की म्यूचुअल फंड  फंड्स स्कीम है जिसमें इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, कैटेगराइज्ड करने की सिफारिश की गई है. इक्विटी में लार्जकैप, मल्टीकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप जैसी सबकैटेगरी रखने और डेट में लिक्विड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म, और डायनमिक जैसी कैटेगरी रखने की सिफारिश की गई है.

घबराएं नहीं निवेशक
म्यूचुअल फंड  के पुराने निवेशक घबराए नहीं क्योंकि स्कीम बंद नहीं होने वाली है. बल्कि वह एक-दूसरे में मर्जर हो सकती है. मर्ज हुए फंड में बिना किसी बदलाव के निवेश जारी रख सकेंगे. साथ ही मर्ज हुए फंड में निवेश पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा. स्कीम मर्ज होने से टैक्स पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. कैपिटल गेन फंड खरीदने की तारीख से ही जोड़ा जाएगा ना कि मर्ज होने की तारीख से नहीं. मर्ज हुए फंड से असंतुष्ट होने पर निवेश स्विच कर सकेंगे. स्विच करने पर कैपिटल गेन पर टैक्स लगेगा.
अब आगे क्या
अगर सेबी पैनल की सिफारिशें मानी जाती है तो एक म्यूचुअल फंड  हाउस की एक जैसी कई स्कीमें बंद हो सकती है. एक जैसी स्कीमों को मर्ज किया जाएगा. जिसके बाद म्यूचुअल फंड  स्कीमों की संख्या घटकर आधी हो जाएगी. मौजूदा समय में म्यूचुअल फंड की करीब 2 हजार स्कीमें बाजार में है. जिनमें से 42 फंड हाउस 20.6 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रहे हैं.



नए निवेशकों को मिलेगा फायदा
हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक अगर सेबी पैनल की सिफारिश लागू होती है तो इसका फायदा नए निवेशकों को मिल सकता है. सबसे पहले वह 2000 इन्वेस्टमेंट स्कीमों की लिस्ट से छुटकारा पा सकेंगे. एक कैटेगरी में आने वाले फंड्स को लेकर सफाई रहेगी और निवेशकों को निवेश में सुविधा होगी. एक जैसी कई स्कीम के ना होने से फंड चुनना आसान होगा.

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