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SEBI ने NSE Scam जैसे घोटाले रोकने और सुधार के लिए उठाया कदम, पढ़िए पूरा डिटेल

NSE की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण और एनएसई के अन्य अधिकारियों पर सेबी (SEBI) ने गवर्नेंस से जुड़ी खामियों और नियुक्तियों में कांट्रैक्ट के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

NSE की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण और एनएसई के अन्य अधिकारियों पर सेबी (SEBI) ने गवर्नेंस से जुड़ी खामियों और नियुक्तियों में कांट्रैक्ट के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने  एक समिति का गठन किया है. सूत्रों ने कहा, यह समिति देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज की अंदर के ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली . SEBI ने NSE Scam जैसे घोटाले रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) की पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव चित्रा रामकृष्ण के कार्यकाल में हुई खामियों की पहचान करने के लिए एक समिति का गठन किया है. मामले से सूत्रों के मुताबिक, यह समिति ऐसे अहम संस्थानों को मजबूत बनाने के तरीके सुझाएगी.

सूत्रों ने कहा, यह समिति देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज की अंदर के काम करने के सिस्टम और नियंत्रण प्रणालियों से जुड़ी खामियों का आकलन करेगी. मार्केट रेगुलेटर द्वारा गठित समिति बोर्ड, रेगुलेटर और सरकार सहित विभिन्न स्तरों पर गड़बड़ियों का पता लगाएगी. इन्हें रोकने और सख्त नियंत्रण के उपाय सुझाएगी. ताकि फिर से ऐसे घोटाले रोके जा सके.

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एक्सपर्ट देंगे सुझाव
सेबी के पूर्व पूर्णकालिक निदेशक और सेबी इनवेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड की एडवाइजरी समिति के चेयरपर्सन जी महालिंगम इस कमेटी की अगुवाई करेंगे. आरबीआई के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक महालिंगम सेबी की एक शैक्षणिक पहल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स के विजिटिंग फैकल्टी मेंबर भी हैं.

रामकृष्ण और एनएसई के अन्य अधिकारियों पर सेबी (SEBI) ने गवर्नेंस से जुड़ी खामियों और नियुक्तियों में कांट्रैक्ट के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था. इसमें मुख्य रूप से आनंद सुब्रमण्यन का मामला है, जिन्हें पहले चीफ स्ट्रैटजिक एडवाइजर और बाद में ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर और एमडी का एडवाइजर नियुक्त किया गया था.

रहस्यमयी “हिमालय के योगी”
रहस्यमयी “हिमालय के योगी” का मामला पिछले दिनों काफी चर्चित रहा. इस मामले में मार्केट रेगुलेयर ने कहा था कि रामकृष्ण ने एनएसई की वित्तीय और कारोबारी योजनाओं सहित गोपनीय आंतरिक जानकारियां एक रहस्यमयी “हिमालय के योगी” के साथ साझा की थीं. रामकृष्ण उसके साथ कर्मचारियों के परफॉर्मेंस अप्रेजल के बारे में परामर्श करती थीं. रामकृष्ण ने खुलासा किया था कि वह अहम कारोबारी फैसले लेने के लिए “हिमालय के योगी” से परामर्श लिया करती थीं.

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चर्चित घोटाला
रामकृष्ण फिलहाल इस मामले में न्यायिक हिरासत में हैं. कोलोकेशन केस की बात करें तो यह चुनिंदा स्टॉक ब्रोकर्स को प्राथमिकता के आधार पर एनएसई के सर्वर की सूचना देकर फायदा पहुंचाने का मामला है. यह मामला 2010 से 2015 से बीच का है. एनएसई डेरिवेटिव ट्रेडिंग के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा एक्सचेंज है और बीते साल इसका औसतन डेली टर्नओवर 2 लाख करोड़ रुपये रहा था. यह कैश इक्विटीज सेगमेंट ट्रेड्स की संख्या के लिहाज से दुनिया का चौथा बड़ा एक्सचेंज है.

Tags: Nifty, NSE, Scam, SEBI, Share market

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