ऑनलाइन पेमेंट के दौरान साइबर ठगी से बचना है तो जान लें ये 5 बातें, आपका पैसा रहेगा सुरक्षित

केंद्र सरकार और RBI की पहल से बड़ी संख्या में लोग अब डिजिटल पेमेंट का अपना रहे हैं.

केंद्र सरकार और RBI की पहल से बड़ी संख्या में लोग अब डिजिटल पेमेंट का अपना रहे हैं.

पिछले कुछ समय में देश में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा है. लेकिन इनके साथ ही साइबर फ्रॉड को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ी है. ऑनलाइन लेनदेन के दौरान जरूरी सावधानी नहीं बरतना किसी पर भी भारी पड़ सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 5, 2021, 11:25 AM IST
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नई दिल्ली. हमारे देश में अब इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. पिछले साल ही कोविड-19 के बढ़ते मामले के बीच डिजिटल पेमेंट्स में रिकॉर्ड इजाफा हुआ. खासतौर से लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का सहारा लिया है. लोगों ने सामान खरीदने से लेकर अपने बिल्स तक भरने के लिए ऑनलाइन मोड को चुना. इससे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के डाउनलोड और इनके माध्यम से लेनदेन रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गया है. लेकिन, इन सबके साथ साइबर फ्रॉड के मामले भी बढ़ी हैं और अब लोगों इसे लेकर चिंता भी है. ऐसे में जरूरी है कि अपने डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित रखने के तरीकों के बारे में जाना जाए.

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल न करें
आज के समय में रेस्टोरेंट, होटल, रेलवे स्टेशन, ऑफिस, एयरपोर्ट से लेकर अस्पतालों तक में वाई-फाई की सुविधा मिलती है. मोबाइल नेटवर्क के खराब सिग्नल की वजह से या बेहतर इंटरनेट स्पीड के लालच में अधिकतर लोग इन वाई-फाई से कनेक्ट होते हैं. लेकिन, उन्हें यह नहीं पता होता कि पब्लिक नेटवर्क पर सिक्योरिटी कम होती है. हैकर्स के लिए इन्हें हैक करना आसान होता है.

अगर आप भी ऐसे नेटवर्क के इस्तेमाल करने में लापरवाही बरतते हैं तो आपके डिवाइस के सेंसिटिव डेटा पर खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में संभव हो तो पब्लिक नेटवर्क के इस्तेमाल से बचें. अगर जरूरत पड़ती है तो आप वर्चुल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करें, क्योंकि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान इससे सिक्योरिटी की एक लेयर और बढ़ जाती है.
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पासवर्ड मजबूत रखें और ट्रांजैक्शन के लिए ओटीपी का इस्तेमाल करें
यह ख्याल रखें कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स/वेबसाइट के लिए मल्टीपल मजबूत पासवर्ड रखें. ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए 3D पिन या पासवर्ड की जगह ओटीपी का विकल्प चुनें. चूंकि, ओटीपी नंबर यूजर के रजिस्टर्ड मोबाइल पर होता है, इसलिए यह अधिक सुरक्षित माना जाता है. यह भी ध्यान रखें आप अपना ओटीपी किसी और के साथ साझा न करें.

डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर की जगह Buy Now, Pay Later का विकल्प चुन सकते हैं
ऑनलाइन लेनदेन के लिए क्रेडिट कार्ड्स का इस्तेमाल बेहद पॉपुलर है. Buy Now, Pay Later सर्विस लेनदेन के लिए एक विकल्प होता है. इसमें यूजर को अपने बैंक डिटेल्स के बारे में जानकारी नहीं देनी होती है. चूंकि, इसमें थर्ड पार्टी पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल नहीं होता है, इसलिए यह विकल्प अधिक सुरक्षित माना जाता है.

किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर पेमेंट न करें
कई बार आपके ब्राउजर पर ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के पॉप-अप्स आते रहते हैं. किसी भी अनजाने वेबसाइट पर पेमें करना आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है. इस तरह की वेबसाइट पर कुछ ऐसे वायरस हो सकते हैं जो आपके सिस्टम के लिए बेहद खतरनाक साबित होंगे. इन वेबसाइट्स पर गोपनीय फाइनेंशियल जानकारी चोरी होने का भी खतरा रहता है. इसलिए जरूरी है कि आप वेरिफाइड वेबसाइट्स को ही चुनें.

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किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके पैडलॉक की सिक्योरिटी जांच लें
आप जब भी किसी वेबसाइट या लिंक पर क्लिक करते हैं तो यह जरूर देखें कि उसके यूआरएल की शुरुआत कैसे होती है. HTTP से शुरू होने वाले लिंक्स अनसिक्योर होते हैं. जबकि, सिक्योर वेबसाइट का पैडलॉक ‘HTTPs’ से शुरू होता है. ऐसी वेबसाइट पर पैडलॉक का एक सिंबल भी बना होता है. इन दोनों जानकारी से पता चलता है कि इस वेबसाइट पर डेटा इनक्रिप्शन के लिए SSL या TLS प्रोटोकॉल का इस्तेमाल होता है.
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