कोरोना वैक्सीन पर भारत की सफलता से 'जल' रहा ड्रैगन, चीनी हैकर्स ने सीरम और भारत बायोटेक को बनाया निशाना

चीनी हैकर्स ने वैक्सीन मेकर्स SII और भारत बायोटेक को निशाना बनाया

चीनी हैकर्स ने वैक्सीन मेकर्स SII और भारत बायोटेक को निशाना बनाया

साइफर्मा ने कहा, "चीनी हैकरों के समूह APT10 ने भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर में खामी और कमजोरी की पहचान की है.

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  • Last Updated: March 2, 2021, 12:45 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना के सामने घुटने टेकने के बाद अब चीन ने साइबर क्षेत्र में भारतीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. साइबर इंटेलिजेंस फर्म साइफर्मा के हवाले से रॉयटर्स ने जानकारी दी है कि चीन के सरकारी हैकरों के समूह ने हालिया हफ्तों में दो भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनियों के आईटी सिस्टम को टारगेट किया है. इन दोनों कंपनियों की बनाई वैक्सीन देश में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण कार्यक्रम में इस्तेमाल की जा रही हैं. ध्यान रहे कि पड़ोसी होने के साथ भारत और चीन एक दूसरे के कई क्षेत्रों में प्रतिद्वंदी भी हैं और दोनों देशों ने वैश्विक स्तर पर कई देशों को कोरोना वायरस वैक्सीन बेची है.

सिंगापुर और टोकियो स्थित गोल्डमैन सैक्स समर्थित साइफर्मा ने कहा, "चीनी हैकरों के समूह APT10 ने भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन सॉफ्टवेयर में खामी और कमजोरी की पहचान की है. APT10 को स्टोन पांडा के नाम से भी जाना जाता है," सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी है. साइफर्मा के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कुमार रितेश ने कहा, "चीनी हैकरों का मुख्य उद्देश्य इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी चुराना और भारतीय दवा निर्माता कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करना था." कुमार रितेश पूर्व में ब्रिटिश फॉरेन इंटेलिजेंस एजेंसी MI6 के साथ शीर्ष साइबर अधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं.

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इन 12 देशों पर है नजर
भारत वैश्विक स्तर पर 60 फीसदी से ज्यादा वैक्सीन की सप्लाई करता है. रिपोर्ट के मुताबिक चीनी हैकर्स सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बॉयोटेक, पतंजलि और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) को निशाना बना रहे हैं. भारत के अलावा, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, इटली और जर्मनी सहित बारह देश हैकर्स के रडार पर हैं.

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Cyfirma के मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश ने कहा कि APT10 SII को एक्टिव रूप से टारगेट कर रहा है, जोकि इस समय कई देशों के लिए एस्ट्राजेनेका वैक्सीन बना रही है और जल्द ही नोवावैक्स वैक्सीन का भी निर्माण शुरू कर देगी. रितेश ने हैकर्स का हवाला देते हुए कहा, "सीरम इंस्टीट्यूट के मामले में, उन्होंने अपने सार्वजनिक सर्वरों को कमजोर वेब सर्वर चलाने वाले कई लोगों को पाया है, ये कमजोर वेब सर्वर हैं."

Microsoft ने नवंबर में कहा था कि उसने भारत, कनाडा, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में COVID-19 वैक्सीन कंपनियों को लक्षित करने वाले रूस और उत्तर कोरिया के साइबर हमलों का पता लगाया था. उत्तर कोरियाई हैकर्स ने ब्रिटिश ड्रगमेकर एस्ट्राजेनेका के सिस्टम में सेंध लगाने की भी कोशिश की थी. इससे पहले, दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उत्तर कोरियाई हैकर्स ने फार्मास्युटिकल दिग्गज फाइज़र के कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने की कोशिश की थी.

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पिछले साल दिसंबर में भी सामने आया था एक मामला
इसके अलावा पिछले साल दिसंबर में यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) पर हैकर्स द्वारा सफलतापूर्वक हमला किया गया था. COVID-19 वैक्सीन और उसके अनुसंधान से जुड़े संवेदनशील डेटा को चुराने के बाद साइबर अपराधियों ने इस साल जनवरी में इसे लीक कर दिया.
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