बुजुर्गों को राहत, सरकार ने इस स्कीम में किया बदलाव, मिलता है एफडी से ज्यादा मुनाफा

बुजुर्गों को राहत, सरकार ने इस स्कीम में किया बदलाव, मिलता है एफडी से ज्यादा मुनाफा
सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में निवेश की अवधि बढ़ी

केंद्र सरकार ने सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS 2019) के नियमों में बदलाव किया है. इसके तहत अब बुजुर्गों को निवेश करने के लिए 30 जून 2020 तक का मौका मिलेगा. देशभर में लॉकडाउन को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सीनियर सिटिजन्स सेविंग्स स्कीम्स, 2019 (SCCC, 2019) के तहत वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) द्वारा निवेश की अवधि बढ़ा दी है. सरकार के इस कदम से उन वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिल सकेगा, जो विशेषतौर पर लॉकडाउन (Lockdown in India) के दौरान रिटायर हुए हैं. सरकार द्वारा इस बदलाव के बाद अब हाल ही में रिटायर हो चुके वरिष्ठ नागरिक 30 जून 2020 तक ​सीनियर सिटिजन्स सेविंग्स स्कीम्स में निवेश कर सकेंगे. संचार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पोस्ट विभाग ने इस संबंध में गाइडलाइंस भी जारी कर दिया है.

नियमों के मुताबिक, रिटायर होने के एक महीने के अंदर ही इस रिटायरमेंट फंड में निवेश करना होता है. लेकिन, लॉकडाउन की अवधि को देखते हुए सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के हित में यह फैसला लिया है.

SCSS नियमों के तहत, अकाउंट खोलने की तारीख तक अगर किसी व्यक्ति की उम्र 60 साल की है या जो 55 से 60 साल की उम्र के बीच में है, वो इस स्कीम के लिए योग्य होता है. इसके लिए शर्त होती है कि रिटायरमेंट बेनिफिट की रिसीप्ट मिलने के एक महीने के अंदर में इसमें निवेश करना होता है.



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क्या है सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम की खास बातें?
1. SCSS में डिपॉजिट की अधिकतम रकम या तो रिटायरमेंट पर मिलने वाली रकम हो सकती है या 15 लाख रुपये. इन दोनों में से जो भी रकम कम हो, उसे SCSS में निवेश किया जा सकता है.

2. अगर आपकी उम्र 60 साल है और आप जॉब से रिटायर हो चुके हैं तो आप इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं. एससीएसएस के तहत सिंगल या जॉइंट अकाउंट खोला जा सकता है. पोस्ट ऑफिस या किसी बैंक में एससीएसएस के तहत निवेश किया जा सकता है. एससीएसएस के मुताबिक, जॉइंट या सिंगल अकाउंट खोलकर इसमें 15 लाख तक निवेश किया जा सकता है.

3.  एससीएसएस में निवेश की गई रकम रिटायरमेंट पर मिलने वाली रकम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. एससीएसएस में खाता खोलने के लिए अगर आप 1 लाख रुपये तक का निवेश कर रहे हैं तो आप इसे नकद दे सकते हैं. अगर यह रकम 1 लाख रुपये से अधिक है तो आपको इसे चेक के रूप में जमा करना होगा.

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4. केंद्र सरकार का वित्त मंत्रालय हर तीन महीने पर एससीएसएस की ब्याज दर की समीक्षा करता है. एससीएसएस में ब्याज का कैलकुलेशन हर तिमाही होता है. इस हिसाब से आपके अकाउंट में 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर को ब्याज की रकम डाल दी जाती है. मौजूदा समय में 7.4 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है.

5. एससीएसएस की अवधि 5 साल की होती है और इसे तीन साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. अगर आप समय से पहले एससीएसएस खाते से रकम निकालते हैं तो इसके लिए आपको कुछ शुल्क देना पड़ सकता है.

6. एससीएसएस 2019 के अनुसार खाते की मैच्योरिटी के बाद उसे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. एससीएसएस में आपको ब्याज दर वही मिलेगी, जो खाते के मैच्योर होने के वक्त मिल रही थी.

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