इस वजह से आई शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 491 और निफ्टी 151 अंक गिरकर बंद, डूब गए 2.46 लाख करोड़ रुपये

बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 491.28 अंक यानी 1.25 फीसदी की कमजोरी के साथ 38,960.79 के स्तर पर बंद हुआ है. इस गिरावट में निवेशकों के लाखों करोड़ों रुपये डूब गए हैं. आइए जानें ऐसा क्यों हो रहा है.


Updated: June 17, 2019, 4:48 PM IST

Updated: June 17, 2019, 4:48 PM IST
हफ्ते के पहले दिन घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है. दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स गिरकर 3 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गए है. बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 491.28 अंक यानी 1.25 फीसदी की कमजोरी के साथ 38,960.79 के स्तर पर बंद हुआ है. वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 151.15 अंक यानी 1.28 फीसदी टूटकर 11672.15 के करीब बंद हुआ है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अर्थव्यवस्था को लेकर जारी चिंताओं के चलते दुनियाभर के निवेशकों ने बाजार में बिकवाली की है. अगले कुछ दिन और बाजार में गिरावट जारी रह सकती है. आपको बता दें कि बीएसई के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए हैं. निफ्टी के 50 में से 45 शेयर लाल निशान में बंद हुए है जबकि बैंक निफ्टी के 12 में से 10 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है. वहीं सोमवार के कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयरों में बिकवाली हावी रही है.

डूब गए 6.06 लाख करोड़ रुपये
एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18हिंदी को बताया कि दुनिया भर के निवेशक इस हफ्ते होने वाले FOMC की बैठक को लेकर सतर्क हैं. पॉलिसी को लेकर दो दिनों की यह बैठक 18-19 जून को होगी. इसीलिए विदेशी निवेशक भी भारतीय बाजारों में बिकवाली कर रहे है. ऐसे में निवेशकों को जून महीने में अब तक 6.06 लाख करोड़ रुपये निवेश का नुकसान हुआ है. इसके अलावा सोमवार की गिरावट में निवेशकों की 2.46 लाख करोड़ रुपये की पूंजी स्वाहा हो गई है.

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क्यों गिरा शेयर बाजार
आसिफ इकबाल का कहना है कि अमेरिका और भारत के बीच भी ट्रेड वॉर गहरा सकती है. दरअसल अमेरिका ने पिछले साल भारत के स्टील और एल्युमिनियम पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था. जिसकी एवज में भारत सरकार ने अमेरिका के 28 उत्पादों पर आयात शुल्क लगा दिया है. जिससे ट्रेड वॉर की आशंका बढ़ गई है. इससे अमेरिकी वस्तुएं भारत में महंगी हो जाएंगी. आयात शुल्क बढ़ाने से भारत को 21.7 करोड डॉलर की अतिरिक्त आमदनी होगी. इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा संबंधों पर असर पड़ सकता है.
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली है. सोमवार को निफ्टी के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए है. निफ्टी का ऑटो इंडेक्स 1.69 फीसदी, फाइनेशियल सर्विसेस इंडेक्स 1.15 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स 0.87 फीसदी, आईटी इंडेक्स 0.25 फीसदी, मेटल इंडेक्स 2.87 फीसदी, फार्मा इंडेक्स 1.34 फीसदी, मीडिया इंडेक्स 1.56 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स 1.33 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए है.

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बैंकिंग शेयरों में भी भारी कमजोरी देखने को मिली है. निफ्टी का पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.64 फीसदी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1.09 फीसदी टूटकर बंद हुआ है. बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के चलते बैंक निफ्टी सोमवार को 341 अंक गिरकर 30,273 के स्तर पर बंद हुआ है.



इस नियम से लुढ़के शेयर्स
नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के नियमों में बदलाव के चलते मिडकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिला. पीवीआर का शेयर 12 हफ्ते के निचले स्तर पर फिसला. बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.29 फीसदी की गिरावट के साथ 14,532 के नीचे बंद हुआ है. वहीं बीएसई का स्मॉल कैप इंडेक्स 1.35 फीसदी की कमजोरी के साथ 14,172.68 के स्तर पर बंद हुआ. तेल-गैस शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली है. बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 2.34 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ है.

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तीन हफ्ते के निचले स्तर पर बंद हुआ शेयर बाजार
शेयर बाजार सोमवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए है. बाजार में लगातार तीसरे हफ्ते मुनाफावसूली का माहौल जारी रहा. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन में निफ्टी 151 अंक फिसलकर 11700 के नीचे बंद हुआ. वहीं सेंसेक्स 491 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ. सोमवार के कारोबार में रिलायंस, एक्सिस बैंक, एलएंडटी और एचडीएफसी ने सबसे ज्यादा दबाव बनाने का काम किया.

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