कोरोना से बिजनेस पर असर : सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ अप्रैल में 3 महीने के निचले स्तर पर

कंपनियों के पास मौजूदा वर्कलोड को पूरा करने के लिए पर्याप्त कैपेसिटी है और इस वजह से नई रिक्रूटमेंट की योजना नहीं है

कंपनियों के पास मौजूदा वर्कलोड को पूरा करने के लिए पर्याप्त कैपेसिटी है और इस वजह से नई रिक्रूटमेंट की योजना नहीं है

इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (India Services Business Activity Index) अप्रैल में गिरकर 54 पर आ गया, जो मार्च में 54.6 पर था.

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नई दिल्ली. कोरोना के मामले बढ़ने से बिजनेस पर असर पड़ा है. इसके चलते देश में सर्विसेज सेक्टर की एक्टिविटीज में ग्रोथ अप्रैल में तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई. इसके साथ ही ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर सेंटीमेंट भी कमजोर पड़ा है.

बुधवार को जारी इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स (India Services Business Activity Index)अप्रैल में गिरकर 54 पर आ गया. यह मार्च में 54.6 पर था. यह सर्विसेज सेक्टर के आउटपुट में तीन महीनों में सबसे धीमी बढ़ोतरी है. इसे परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) भी कहा जाता है. इस इंडेक्स में 50 से अधिक का स्कोर बढ़ोतरी और इससे कम का स्कोर कमी को दिखाता है.

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पॉजिटिव सेंटीमेंट का कुल स्तर अक्टूबर के बाद से सबसे कम
IHS मार्किट की इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर, पॉलीएना डी लीमा ने कहा, "कोरोना के मामलों की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए अप्रैल का आंकड़ा सर्विसेज सेक्टर का अच्छा प्रदर्शन दिखाता है." सर्वे के अनुसार, सर्विसेज सेक्टर से जुड़ी देश की कंपनियां बिजनेस एक्टिविटी को लेकर 12 महीने का सकारात्मक नजरिया रखती हैं, लेकिन पॉजिटिव सेंटीमेंट का कुल स्तर अक्टूबर के बाद से सबसे कम है. महामारी के फैलने से कॉन्फिडेंस पर असर पड़ा है. एंप्लॉयमेंट का आंकड़ा अप्रैल में अच्छा नहीं रहा और इसमें कमी दर्ज की गई. कंपनियों के पास मौजूदा वर्कलोड को पूरा करने के लिए पर्याप्त कैपेसिटी है और इस वजह से नई रिक्रूटमेंट की योजना नहीं है.

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98 प्रतिशत फर्मों ने नए ऑर्डर हासिल करने फीस में बदलाव नहीं किया



प्राइसेज को लेकर सर्विसेज सेक्टर ने दिसंबर 2011 से कुल खर्चों में सबसे तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की है. कुछ फर्मों ने अप्रैल में अपने सेलिंग प्राइसेज बढ़ाए हैं लेकिन 98 प्रतिशत फर्मों ने नए ऑर्डर हासिल करने और प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए फीस में कोई बदलाव नहीं किया. लीमा ने कहा, "हम इन्फ्लेशन को लेकर चिंतित हैं. सर्विसेज सेक्टर की कंपनियों के कुल खर्च पिछले नौ वर्षों से अधिक की अवधि में अप्रैल में सबसे तेजी से बढ़े हैं क्योंकि इनपुट की दुनिया भर में कमी और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट अधिक होने से खर्च पर दबाव पड़ रहा है."

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