Tata Group के साथ 70 साल का रिश्ता होगा खत्म! टाटा संस में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेगा शापूरजी पालोनजी ग्रुप

शापूरजी पालोनजी ग्रुप और Tata Group का 70 साल पुराना रिश्ता होगा खत्म!
शापूरजी पालोनजी ग्रुप और Tata Group का 70 साल पुराना रिश्ता होगा खत्म!

शापूरजी पालोनजी ग्रुप ने मंगलवार को कहा कि वह टाटा संस (Tata Sons) में हिस्सेदारी बेचकर निकलने को तैयार है. कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है, शापूरजी पालोनजी-टाटा का रिश्ता 70 साल पुराना है. यह म्यूचुअल ट्रस्ट, भरोसा और दोस्ती पर आधारित था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 1:09 PM IST
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नई दिल्ली. शापूरजी पालोनजी समूह (Shapoorji Pallonji Group) ने मंगलवार को कहा कि टाटा सन्स (Tata Sons) से बाहर निकलने का वक्त आ गया है. समूह पिछले 70 साल से टाटा सन्स के साथ है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में दोनों के रिश्ते में आई कड़वाहट के चलते अब इस जोड़ी के टूटने का वक्त आ गया है. शापूरजी पालोनजी समूह (Shapoorji Pallonji Group) साइरस मिस्त्री के परिवार का समूह है. शपूरजी पालोनजी समूह ने बयान जारी कर कहा, हमारा और टाटा का रिश्ता 70 साल पुराना है. यह आपसी विश्वास और दोस्ती पर बना था. मंगलवार को शपूरजी पालोनजी समूह ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कह दिया कि टाटा समूह से अलग होना जरूरी हो गया है, क्योंकि इस चली आ रही मुकदमेबाजी से आजीविका और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. भारी दिल से मिस्त्री परिवार यह मानता है कि सभी स्टेकहोल्डर समहों के लिए शपूरजी पालोनजी समूह और टाटा सन्स का अलग हो जाना ही अच्छा होगा.

क्या है मामला- शापूरजी पालोनजी ग्रुप ने अपनी दो सब्सिडियरी कंपनियों-साइरस इनवेस्टमेंट और स्टर्लिंग इनवेस्टमेंट के जरिए टाटा संस में कुल 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है. टाटा संस की बाकी हिस्सेदारी टाटा ग्रुप ने टाटा ट्रस्ट और ग्रुप की दूसरी कंपनियों के जरिए ली है. शापूरजी पालोनजी ग्रुप अब यह हिस्सेदारी बेचकर फंड जुटाएगा. टाटा ग्रुप की यह हिस्सेदारी खरीदार मिल गया है.





शपूरजी पालोनजी समूह की योजना विभिन्न स्रोतों से 11,000 करोड रुपये की व्यवस्था करने की है और उसने टाटा संस में अपने 18.37 फीसदी शेयरों के एक हिस्से के एवज में कनाडा के एक निवेशक के साथ 3,750 करोड़ रुपये के करार पर हस्ताक्षर किये थे.
टाटा संस की तरफ से हरीश साल्वे और अभिषेक मनु सिंघवी केस लड़ रहे हैं. इनकी दलील है कि अगर कोई शेयर बेचता है तो कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AoA) के तहत सबसे पहले शेयर खरीदने का अधिकार टाटा संस के पास होगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शपूरजी पालोनजी के टाटा संस के शेयर बेचने पर 28 अक्टूबर तक की रोक लगा दी. शपूरजी पालोनजी ग्रुप के हिस्सेदारी गिरवी रखने पर रोक लगाने के लिए 5 सितंबर को टाटा ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

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4 साल पहले रिश्तों में आई खटास- टाटा ग्रुप और शपूरजी पालोनजी समूह के रिश्तों में कड़वाहट अक्टूबर 2016 में उस वक्त पैदा हुई, जब साइरस मिस्त्री को टाटा सन्स के चेयरमैन मद से हटा दिया गया. उसके बाद से टाटा ग्रुप और साइरस मिस्त्री के बीच दिसंबर 2016 से ही कानूनी लड़ाई चल रही है.
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