शेयर मार्केट दोहरा सकता है हर्षद मेहता का दौर! 1992 की याद दिला रही बाजार की तेजी, निवेशक हैं तो जानें क्या करें?

1992 में हर्षद मेहता से जुड़ी तेजी ऐसी ही थी, जैसी वर्तमान में है.

1992 में हर्षद मेहता से जुड़ी तेजी ऐसी ही थी, जैसी वर्तमान में है.

साल 1992 की शुरुआत में मार्केट में गिरावट आई थी लेकिन इसने तेजी से रिकवरी की थी. मार्केट में मार्च 1992 मे तेजी का दौर शुरू हुआ था जिसने कई शेयर्स की कीमतें बहुत अधिक बढ़ा दी थीं.

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नई दिल्ली. साल 1992 कई वजहों से भारतीय इतिहास के पन्नों पर दर्ज है, लेकिन इस साल को एक और वजह से याद किया जाता है वो है शेयर मार्केट. साल 1992 शेयर मार्केट के इतिहास में सबसे बड़े घोटाले का गवाह रहा है. जब हर्षद मेहता ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग 500 करोड़ का घोटाला कर पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया था. अब आप सोच रहे होंगे इस वक्त हम उस समय को लेकर क्यों चर्चा कर रहे हैं तो बता दें कि साल 2021 का शेयर मार्केट उसी दौर को वापस दोहरा रहा है. आइए जानते हैं कैसे?

शेयर मार्केट है ऑल टाइम हाई पर..

मार्केट में इस समय जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. इस साल फरवरी से मार्च तक कंसॉलिडेशन के बाद मार्केट अब चढ़ रहा है. इंडेक्स में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली रिलायंस के शेयर में भी तेजी आई है और Nifty एक बार फिर नए हाई लेवल बना रहा है. कोरोना की दूसरी लहर से हुए नुकसान का डर पीछे छूट गया है. जानकारों की मानें तो यह "इस शताब्दी में मार्केट में तेजी के बड़े दौर" में से हो सकता है.

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बबल की आशंका

मार्केट में बबल बनने की चेतावनियों के बावजूद शेयर्स में तेजी जारी है क्योंकि मार्केट उस प्रत्येक चीज को मानने से इनकार कर रहा है जो गलत जा रही है और जो सही हो सकता है केवल उसी पर फोकस किया जा रहा है. मार्केट में लिक्विडिटी अधिक होने से लगभग सभी सेक्टर्स में भारी खरीदारी हो रही है. टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल और कंज्यूमर सेक्टर्स के बाद अब केमिकल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के शेयर्स में तेजी दर्ज की जा रही है. हालांकि, RBI को इस बबल के फूटने की आशंका है.

गिरावट के साथ रिकवरी भी जल्दी



गिरावट की अवधि भी आएगी लेकिन उसके अधिक लंबा होने की संभावना नहीं है. अगले कुछ महीनों में बहुत से स्मॉल और मिड-कैप शेयर्स के साथ ही कुछ लॉर्ज कैप शेयर्स की कीमतें भी दोगुनी हो सकती हैं. अगर आप क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान न दें तो रिटर्न अधिक भी हो सकता है.

बड़ी तेजी की शुरुआत हुई है

ऐसी उम्मीद है कि तेजी का बबल अब और रफ्तार पकड़ेगा. निफ्टी के लिए हमारा शुरुआती टारगेट 20,000 पॉइंट पर बरकरार है. स्टॉक मार्केट में तेजी की ताकत के आधार पर टारगेट से अधिक भी जा सकता है. दुनिया भर के मार्केट्स में ऐसी ही स्थिति देखी जा रही है. अमेरिका में लिस्टेड AMC एंटरटेनमेंट और गेमस्टॉप के शेयर पिछले छह महीनों में कई गुणा बढ़ गए हैं. भारतीय मार्केट्स में भी ऐसे कुछ उदाहरण हैं और इनमें से एक PNB हाउसिंग है जो कुछ ही दिनों में दोगुना हो गया है.

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हर्षद मेहता से जुड़ा तेजी का दौर

1992 में हर्षद मेहता से जुड़ी तेजी ऐसी ही थी. 1992 की शुरुआत में मार्केट में गिरावट आई थी लेकिन इसने तेजी से रिकवरी की थी मार्केट में मार्च 1992 मे तेजी का दौर शुरू हुआ था जिसने कई शेयर्स की कीमतें बहुत अधिक बढ़ा दी थीं.

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