साल 2020 में ब्लॉकबस्टर साबित हुआ शेयर बाजार, निवेशकों ने कमाये 32.49 लाख करोड़ रुपये

इस साल इक्विटी मार्केट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिसकी वजह से निवेशक भी मालामाल हुए हैं.

इस साल इक्विटी मार्केट में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिसकी वजह से निवेशक भी मालामाल हुए हैं.

साल 2020 में घरेलू शेयर बाजार (Share Market) में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली. हालांकि, एक समय ऐसा भी रहा, जब बाजार रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया था. लेकिन बाद में रिकॉर्ड तेजी ने निवेशकों की झोली जमकर भरी.

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नई दिल्ली. इस साल इक्विटी इन्वेस्टर्स की संपत्ति में 32.49 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. कोरोना वायरस महामारी के बीच रोलर-कोस्टर राइड साबित हुए इस साल में निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला है. महामारी की वजह से इस साल वैश्विक स्तर पर कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़. लेकिन, इन सबके बावजूद भी भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने निवेशकों को निराश होने का मौका नहीं दिया है. इस साल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स (BSE Sensex) 15.7 फीसदी तक चढ़ा है. इस बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त बिकवाली और लिवाली का भी दौर देखने को मिला है.

7 महीनों में रही बाजार में तेजी

पूरे साल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर रहा. 24 मार्च को ऐसा भी हुआ कि बाजार में भयानक गोता लगाया और सेंसेक्स 25,638.9 पर लुढ़क गया. हालांकि, साल के अंतिम कारोबारी दिन यानी 31 दिसंबर 2020 को यह 47,896.97 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा. पूरे साल मासिक बढ़त की बात करें तो 7 महीनों के अंत में सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ. जबकि, 5 ऐसे महीने भी रहे, जब यह इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुआ.

मार्च में 23 फीसदी तक टूटा था बाजार
दलाल स्ट्रीट के लिए मार्च 2020 का महीने बेहद खतरनाक साबित हुआ. इस महीने मे भारी बिकवाली की वजह से बाजार 8,828.8 अंक यानी 23 फीसदी टूटा. दरअसल, उस दौरान दुनियाभर से कोरोना वायरस महामारी की खबरें आ रही थीं और अर्थव्यवस्था की खराब हालत ने निवेशकों का मोहभंग कर दिया था.

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निवेशकों ने कमाए 32.49 लाख करोड़ रुपये



पूरे साल की बात करें तो बीएसई लिस्टेड सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 32,49,689.56 करोड़ रुपये बढ़कर 1,88,03,518.60 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) देश की सबसे वैल्युएबल कंपनी बनी रही है. आरआईएल का मार्केट कैप 12,58,157.10 करोड़ रुपये है. जबकि, दूसरे स्थान पर TCS है, जिसका मार्केट कैप 10.77 लाख करोड़ रुपये है. इसी प्रकार तीसरे स्थान पर 7.91 लाख करोड़ रुपये के साथ एचडीएफसी बैंक, 5.62 लाख करोड़ रुपये के साथ हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) चौथे स्थान पर और पांचवें स्थान पर इन्फोसिस है. इन्फोसिस का मार्केट कैप 5.34 लाख करोड़ रुपये है.

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निफ्टी 50 ने भी देखा उतार-चढ़ाव

निफ्टी 50 तो जनवरी से मार्च के बीच में 40 फीसदी तक लुढ़क गया था. हालांकि, इसके बाद के महीनों में यह 86 फीसदी बढ़ा भी है. वैश्विक बाजार में दुनियाभर के सरकारों द्वारा प्रोत्साहन पैकेज के ऐलान और केंद्रीय बैंकों द्वारा मॉनिटरी सपोर्ट की वजह से लिक्विडिटी से भरपूर है. भारत उन चुनिंदा देशों में से हैं, जहां इस रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी निवेश आया है.

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आखिर क्यों इस साल बाजार में इतनी तेजी रही?

बाजार जानकारों का कहना है कि मार्च का भारी बिकवाली का असर कुछ ही महीनों में खत्म हो गया था. उसके बाद बाजार लगातार नई ऊंचाईयों की ओर बढ़ गया. आर्थिक ग्रोथ की उम्मीद और कंपनियों के बेहतर नतीजों ने बाजार में जान फूंकी है. भारतीय शेयर बाजार में इतनी बड़ी तेजी के कई कारण है. भारत अभी भी सबसे ज्यादा ग्राहकों वाला देश होने के साथ सबसे तेजी से आगे बढ़नी वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा. यहां पर ग्रोथ और डेवलपमेंट के अभूतपूर्व मौके हैं. इससे केवल घरेलू निवेशक ही नहीं, बल्कि विदेशी निवेशक भी आकर्षित होंगे.
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