इस वजह से आई भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 407 अंक गिरकर बंद

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते और क्रूड कीमतों में आई तेजी की वजह से दुनियाभर के शेयर बाजार के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार में भी गिरावट रही है.

News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 4:39 PM IST
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Updated: June 21, 2019, 4:39 PM IST
घरेलू शेयर बाजार में गिरावट अब थमने का नाम नहीं ले रही है. सेंसेक्स-निफ्टी पर लगातार तीसरे हफ्ते  गिरावट हावी रही. शुक्रवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 407.14 अंक की कमजोर होकर 39,194.94 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 107.65 अंक टूटकर 11724.10 के स्तर पर बंद हुआ. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते और क्रूड कीमतों में आई तेजी की वजह से दुनियाभर के शेयर बाजार के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार में भी गिरावट रही है. आपको बता दें कि क्रूड महंगा होने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका निगेटिव असर होता है. एक तरफ तो पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ते है. वहीं, देश में महंगाई बढ़ने से आर्थिक ग्रोथ को झटका लगता है.

एक दिन में डूब गए करोड़ों रुपये- जून महीने में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की वैल्यूएशन 5.67 लाख करोड़ रुपये गिर गई है.

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क्यों आई है गिरावट- एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18हिंदी को बताया कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी सेना का एक ड्रोन मार गिराया है.

इस खबर के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है. कुछ ही मिनटों में क्रूड की कीमतें 3 फीसदी से ज्यादा उछल गई. अगर दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बने रहते है तो कच्चा तेल यहां से 10 फीसदी बढ़ने का अनुमान है. ऐसे में भारत के लिए कच्चा तेल खरीदना महंगा हो जाएगा.

ऐसे में पेट्रोल-डीज़ल के दाम भी भारत में 8 फीसदी तक बढ़ सकते हैं. लिहाजा देश में महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक ग्रोथ पर इसका निगेटिव असर होगा. आफको बता दें कि ईरान के सबसे बड़े तेल ग्राहक चीन और भारत हैं. भारत चीन के बाद कच्चे का सबसे बड़ा खरीदार है. भारत ईरान से हर रोज करीब 4.5 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद करता है.

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बाजार पर हावी रही चौतरफा बिकवाली- बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.38 फीसदी टूटकर 14625 के नीचे बंद हुआ है. वहीं स्मॉल कैप इंडेक्स 0.15 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ है.अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से क्रूड में ऊछाल आया है जिसका असर तेल- गैस शेयरों पर देखने को मिला. बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.74 फीसदी टूटकर बंद हुआ है.

बैंकिंग शेयर भी  दबाव में रहें. बैंक निफ्टी 0.47 फीसदी की कमजोरी के साथ 30635 के आसपास बंद हुआ है. हालांकि निफ्टी का पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.58 फीसदी की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ है जबकि प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.7 फीसदी टूटकर बंद हुआ है.

चौतरफा बिकवाली के माहौल में फार्मा, ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली. निफ्टी का फार्मा इंडेक्स 1.5 फीसदी, ऑटो इंडेक्स 1.09 फीसदी, आईटी इंडेक्स 0.76 फीसदी, एफएमजीसी इंडेक्स 0.66 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स 0.60 फीसदी की कमजोरी के साथ बंद हुआ है.
First published: June 21, 2019, 4:34 PM IST
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