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Investment Tips: कम जोखिम और अधिक कमाई का मंत्र है Sharp Ratio फार्मूला

Investment Tips: कम जोखिम और अधिक कमाई का मंत्र है Sharp Ratio फार्मूला

म्यूचुअल फंड एसआईपी रिटर्न (Mutual funds SIP return) बाजार जोखिम के अधीन है.

म्यूचुअल फंड एसआईपी रिटर्न (Mutual funds SIP return) बाजार जोखिम के अधीन है.

म्यूचुअल फंड की जोखिम और रिटर्न को मापने के लिए शार्प रेश्यो बहुत काम आता है. किसी निवेश में शामिल जोखिम के मानक विचलन का इस्तेमाल करके निर्धारित किया जाता है.

Mutual fund SIP Investment Tips: म्यूचुअल फंड एसआईपी रिटर्न (Mutual funds SIP return) बाजार जोखिम के अधीन है क्योंकि यह एक इनडायरेक्ट इक्विटी एक्सपोजर है. इसलिए टैक्स और निवेश एक्सपर्ट निवेशकों को निवेश के लिए म्यूचुअल फंड एसआईपी (mutual funds SIP) चुनते समय कई स्तर पर विचार करने की सलाह देते हैं.

मार्केट एक्सपर्ट कहते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में एक योजना के वार्षिक रिटर्न को देखते हुए एक निवेशक के सामने कई चुनिंदा म्यूचुअल फंड्स होते हैं. लेकिन इनमें से किसी अच्छे को चुनना थोड़ा मुश्किल है. ऐसे में मार्केट एक्सपर्ट निवेशकों को शार्प रेश्यो फॉर्मूला इस्तेमाल (sharpe ratio formula) करने की सलाह देते हैं. क्योंकि म्यूचुअल फंड में शार्प रेश्यो फार्मूला एक निवेशक को कम जोखिम के साथ अधिक कमाई करने में मदद करता है.

शार्प रेश्यो क्या है (What is Sharp Ratio)
वित्त में शार्प अनुपात रिस्क फ्री एसेट (Risk Free Asset) की तुलना में किसी निवेश के प्रदर्शन को उसके जोखिम के समायोजन के बाद मापता है. इसे निवेश के रिटर्न और जोखिम मुक्त रिटर्न (Risk free returns) के बीच के अंतर के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसे निवेश के Standard deviation से विभाजित किया जाता है.

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म्यूचुअल फंड की जोखिम और रिटर्न को मापने के लिए शार्प रेश्यो बहुत काम आता है. किसी निवेश में शामिल जोखिम के मानक विचलन का इस्तेमाल करके निर्धारित किया जाता है. इस प्रकार, एक हाई शार्प अनुपात इसके द्वारा लिए गए जोखिम की प्रत्येक इकाई के लिए एक फंड की बेहतर रिटर्न देने की क्षमता को दर्शाता है. वास्तव में आप धन की तुलना करने के लिए शार्प अनुपात का उपयोग कर सकते हैं.

जोखिम-समायोजित रिटर्न (risk adjusted return)
म्यूचुअल फंड एसआईपी में शार्प रेश्यो का इस्तेमाल म्यूचुअल फंड एसआईपी प्लान के जोखिम-समायोजित रिटर्न की गणना के लिए किया जाता है. यह एक निवेशक को इस बारे में सूचित करता है कि एक जोखिम भरी संपत्ति से उसे कितना अतिरिक्त रिटर्न मिलेगा. यह एक संभावित निवेशक के लिए काफी आसान हो जाता है, अगर उसे म्यूचुअल फंड योजनाओं में से किसी एक को चुनना है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में अपने निवेशकों को लगभग समान रिटर्न दिया है.

म्यूचुअल फंड में शार्प रेश्यो योजना द्वारा जोखिम-समायोजित रिटर्न (risk adjusted return) के बारे में समझ देता है क्योंकि यह एक सीमा है जिसके आगे जोखिम मुक्त रिटर्न से अधिक जोखिम लेने से बचना चाहिए.

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म्यूचुअल फंड योजनाओं में शार्प रेशियो फॉर्मूला का उपयोग कैसे करना चाहिए, इस पर मार्केट एक्सपर्ट कहते हैं कि उसी श्रेणी के म्यूचुअल फंड योजनाओं की तुलना करते समय इस फॉर्मूले का उपयोग करना चाहिए. मिड-कैप सेगमेंट के म्यूचुअल फंड प्लान की तुलना किसी शॉर्ट कैप सेगमेंट किसी काम का नहीं है. इस फॉर्मूले को लागू करने से पहले, किसी को यह तय करने की जरूरत है कि तुलना की गई योजनाएं उसी श्रेणी से हैं.

ट्रेयनोर रेश्यो फॉर्मूला (Treynor Ratio Formula)
मार्केट एक्सपर्ट म्यूचुअल फंड निवेशकों को ट्रेयनोर रेश्यो फॉर्मूला (Treynor Ratio Formula) भी लागू करने की सलाह देते हैं. शार्प अनुपात निवेशक को जोखिम समायोजित रिटर्न के बारे में सूचित करता है जबकि म्यूचुअल फंड में ट्रेयनोर अनुपात बाजार की अस्थिरता समायोजित रिटर्न (market volatility adjusted return) के बारे में सूचित करता है. चूंकि, म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं, इसलिए म्यूचुअल फंड योजना की तुलना करते समय ट्रेयनोर अनुपात की भी जांच करनी चाहिए. यह फॉर्मूला एकमुश्त और एसआईपी निवेश दोनों के लिए अच्छा है. इसलिए, दोनों प्रकार के म्यूचुअल फंड निवेशकों को निवेश के लिए म्यूचुअल फंड योजना तय करने से पहले शार्प रेश्यो फॉर्मूला और ट्रेयनोर रेश्यो फॉर्मूला लागू करने की सलाह दी जाती है.

Tags: Investment tips, Mutual funds, Share market, Stock market

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